- कोरिया वासियों के लिए झुमका महोत्सव का हुआ था आयोजन पर उन्हें ही नहीं मिली कुर्सियां,खड़े होकर देखना पड़ा आयोजन
- 10 हजार क्षमता वाले कार्यक्रम के लिए 2 हजार कुर्सियां अन्य ने खड़े होकर लिया कार्यक्रम का आनंद
- कार्यक्रम के लिए जगह नहीं पार्क वाले जगह को बनाया गया कार्यक्रम स्थल
- पुराने वोट का देखरेख हो नहीं पा रहा और मंगा लिया गया शिकारा
- वरिष्ठ कांग्रेसियों को नहीं मिली जगह देखा गया विरोध।
- अंततः पारिवारिक कार्यक्रम में तब्दील हुआ झुमका जल महोत्सव,अधिकारियों ने अपनी और परिवार के सदस्यों की प्रतिभा दिखाने खर्च की बड़ी राशि?
- ख्यातिप्राप्त राष्ट्रीय स्तर के कलाकार भी महिमामंडन करते नजर आए अधिकारियों के परिवार के।
- उन कलाकारों की प्रस्तुति की जिनकी प्रस्तुति औसत भी नही नजर आई।

कोरिया,03 फरवरी 2024 (घटती-घटना)। कोरिया जिले में झुमका जल महोत्सव का आयोजन हुआ इस आयोजन इस सफलता का श्रेय कलेक्टर कोरिया और बैकुंठपुर एसडीएम को जाता है, झुमका जल महोत्सव दो दिवसीय था जिसका समापन हो चुका है, अब आयोजन की कमियों पर नजर जा रही है सवाल यह उठता है कि क्या जिला प्रशासन द्वारा क्षेत्र की जनता के लिए इस महोत्सव का आयोजन किया गया था या फिर जनप्रतिनिधियों को खुश करने के लिए? करोड़ों रुपए खर्च कर आयोजन किया गया था? यह सवाल इसलिए उत्पन्न हो रहा है क्योंकि क्षेत्र के लोगों को इस महोत्सव के आयोजन का आनंद लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा? इस महोत्सव का क्षेत्रवासी आनंद ले सकें इसके लिए खूब प्रचार प्रसार किया गया और मुख्यमंत्री को इस कार्यक्रम का मुख्य अतिथि भी बनाया गया पर जिन क्षेत्र वासियों के लिए यह आयोजन हुआ उन्हें ही इस कार्यक्रम का आनंद लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा या कहें तो वह आनंद नहीं ले पाए और वहां से वापस चले आए, क्योंकि वहां पर उन्हें पहुंच पाने में ही कई सारे अड़चनों का सामना करना पड़ा। एक तो जहां पर आयोजन हुआ वहां पर जगह क्षेत्र की जनसंख्या के हिसाब से कम थी वहां पर दो से ढाई हजार लोग ही इस कार्यक्रम का आनंद ले सकते थे जबकि क्षेत्र की आबादी काफी बड़ी है यदि उस हिसाब से भी सोचें तो कम से कम 10 हजार लोगों को आनंद मिले ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए थी।
प्रथम दिवस अधिकारियों के लिए किए गए भोजन व्यवस्था में एक अधिकारी के नाराज होने की बात भी आई सामनेःसूत्र
सूत्रों का यह भी कहना है की अधिकारियों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई थी,पहले दिन की भोजन व्यवस्था जो रात्रि समय का भोजन काल था के दौरान एक अधिकारी नाराज होकर चले गए क्योंकि उन्हें वह खाने को नहीं मिल सका जो उन्हे खाने की मंशा थी
कार्यक्रम का बहिष्कार कर कार्यक्रम स्थल से बाहर चले गये,कांग्रेसी,एकमात्र कांग्रेसी शिवपुर चरचा नगर पालिका अध्यक्ष अंत तक बैठी रहीं मंच पर
कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारी जिला पंचायत उपाध्यक्ष वेदांती तिवारी, जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष नजीर अजहर व जिला कोषाध्यक्ष अशोक जायसवाल पहुंचे थे जहां उनके द्वारा बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं दिये जा रहा है ऐसा उन्होंने आरोप लगाया और कार्यक्रम से वापस लौट गये। जिला पंचायत उपाध्यक्ष वेदांती तिवारी द्वारा प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें मंच पर बैठने की जगह नहीं देने पर कहा गया कि मंच पर भाजपा के जिला पंचायत सदस्यों को जगह दी गयी है परन्तु उन्हें जगह नहीं दी गयी यह प्रशासन का नहीं अपितु भाजपा का कार्यक्रम कहते हुए कार्यक्रम का बहिष्कार कर कार्यक्रम स्थल से बाहर चले गये। पत्रकारों के द्वारा माननीय मुख्यमंत्री महोदय से लिये जाने वाले बाईट के पूर्व मीडिया कर्मियों में जगह की कमी को लेकर काफी अव्यवस्था देखी गई जिसे पुलिस अधीक्षक द्वारा नियंत्रण कर समन्वय स्थापित किया गया। कांग्रेसियों में से केवल शिवपुर चरचा नगर पालिका अध्यक्ष ही मंच पर अंत तक नजर आईं। नगर पालिका अध्यक्ष शिवपुर चरचा का अंत तक मंच पर बैठे रहना अन्य कांग्रेसियों के उस आरोप को नकारता नजर आया जिसमे उन्होंने कांग्रेसियों की उपेक्षा का आरोप लगाया।
भाजपा नेताओं को नाराज देखा गया
वहीं कार्यक्रम में अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों के परिवार के सदस्यों को विशेष महत्व दिया गया अन्य सभी को बैठने की भी जगह मिलनी मुश्किल नजर आई जो चर्चा का भी विषय रही। देखने में तो यह भी नजर आया की भाजपा के ही कार्यकर्ताओं को उनके साथ पहुंचे उनके परिवार जनों को कार्यक्रम में पहुंचने में या तो समस्या हुई या वह पहुंच ही नहीं सके। मुख्यमंत्री के आगमन दिवस भी भाजपा नेताओं को नाराज देखा गया जो उनकी अंदरूनी चर्चा सुनाई दी जिसमे यह सुनने को मिला की बैकुंठपुर सहित चरचा के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को छोड़कर अन्य क्षेत्र के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को उपेक्षा का दंश झेलना पड़ा जिसके कारण उनका मनोबल टूटा हुआ नजर आया। भाजपा के कुछ नेताओं को मंच पर जगह मिली मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान उनमें जिला पदाधिकारी शामिल थे लेकिन यह वही पदाधिकारी थे जो बैकुंठपुर या चरचा के थे अन्य को वरिष्ठता के बावजूद नीचे मंच के सामने पीछे की ही पंक्ति में बैठना पड़ा जो उन्हे नागवार गुजरा। बैकुंठपुर में भाजपा के कई मंडल हैं उसमे से केवल चरचा मंडल अध्यक्ष ही मंच तक पहुंच सके वहीं भाजपा के जिला स्तर के पदाधिकारी अन्य वरिष्ठ पुराने पदाधिकारी कार्यकर्ता जगह ही तलाशते रहे जिसके बाद वह मायूस हुए।
पूरा आयोजन अधिकारियों के इस तरह गिरफ्त में रहा
कुल मिलाकर पूरा आयोजन अधिकारियों के इस तरह गिरफ्त में रहा की केवल शासकीय विभाग के लोग और उनके परिवार के ही सदस्य कार्यक्रम में आनंद उठा सके अन्य का कार्यक्रम स्थल में आना और जाना ही देखा गया रुककर कार्यक्रम देखने की किसी ने रुचि नहीं दिखाई। भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं में से भी बैकुंठपुर सहित चरचा के ही लोगों को विशेष महत्व मिला अन्य उपेक्षित ही नजर आए। पास वितरण और पास में भी यह देखा गया की अधिकांश भाजपा नेताओं को भी हरा वीआईपी पास दिया गया जिसे प्रथम गेट पर ही तव्वजो नहीं दिया जाता था क्योंकि वह आम पास घोषित था। वीवीआईपी पास केवल कुछ सीमित लोगों तक पहुंच सका जो अधिकांश ऐसे लोग थे जो या तो बड़े भाजपा नेताओं के संपर्क में थे उनके परिजन थे या अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्य थे। शेष जिलेवासी केवल आते गए और जाते गए।
पास वितरण में भी नजर आया पक्षपात,भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं को भी नहीं मिला वीवीआईपी पास
झुमका जल महोत्सव के दौरान पास वितरण में भी पक्षपात नजर आया। वीवीआईपी पास सभी भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं को नहीं मिल सका। अधिकांश को वीआईपी पास दिया गया हरे रंग का जिसकी कोई वकत किसी बेरीकेट्स पर नहीं नजर आई। वीआईपी पास को आम पास बताकर ही पासधारी को प्रथम गेट पर ही रोक दिया जाता रहा और वह परेशान देखा गया। वीवीआईपी पास जिन्हे मिला उन्हे अंदर तक अंतिम गेट तक जाने की अनुमति मिली वहीं उन्हे बैठने को जगह भी प्रदान किया गया। कुल मिलाकर वीवीआईपी पास के अलावा जो संतरे रंग का था के अलावा अन्य पास किसी काम का नहीं था वह केवल पासधारी को संतुष्ट करने के लिए दिया गया था और उसे लेकर पहुंचे लोग उपेक्षित होकर ही लौटे। वीवीआईपी पास अधिकारियों सहित उनके परिजनों के पास ज्यादा नजर आया वहीं खास भाजपा नेताओं और उनके परिजनों के पास भी उसकी उपलधता नजर आई। कुल मिलाकर वीवीआईपी पास जिन्हे मिला वह कार्यक्रम में अतिथि माने गए अन्य को आम मानकर कोई तव्वजो नहीं दिया गया।
पुलिस अधीक्षक की पुत्री ने भी प्रस्तुत किया नृत्य,लोगों ने कला को सराहा
झुमका जल महोस्तव के अंतिम दिवस कोरिया जिले के पुलिस अधीक्षक की पुत्री ने भी मंच पर नृत्य कला का प्रदर्शन किया,नृत्य कला को लोगों ने सराहा। लोगों ने नृत्य को मंच पर प्रस्तुति योग्य माना और सभी ने नृत्य का आनंद भी लिया वहीं सभी ने प्रस्तुति पश्चात तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साह वर्धन भी किया।
कलेक्टर मैडम ने भी किया कला का प्रदर्शन,लोगों ने प्रस्तुत गीत को माना समय का नुकसान
जिले में आयोजित झुमका जल महोत्सव में कलेक्टर मैडम ने भी अपनी गायकी कला का मंच पर प्रदर्शन किया।। प्रदर्शन को लोगों ने नकारा और प्रस्तुति से लोग उठकर जाने भी लगे,तब मीत ब्रदर्स ने आकर मंच सम्हाला और तब लोग ठहर गए। कलेक्टर मैडम कहकर मीत ब्रदर्स ने ही महिला कलाकार को संबोधित किया जिन्होंने गीत प्रस्तुत किया जिसे लोगों ने नकार दिया क्योंकि वह किसी भी स्थिति में ऐसे बड़े मंच के हिसाब से प्रस्तुत होने योग्य प्रस्तुति नहीं था।
असुविधाओं का सामना करना पड़ा
स्थानीय प्रशासन द्वारा पार्किंग स्थल को कार्यक्रम स्थल से काफी दूर बनाया गया था जिससे लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ा साथ ही अपेक्षाकृत भीड़ की कमी देखी गई। कार्यक्रम में करीब 2500 की संख्या में लोग उपस्थित रहें। कार्यक्रम में रोक टोक ज्यादा रही खासकर आम लोगों के लिए वहीं उन लोगों को भी रोक टोक झेलना पड़ा जिनके पास हरे रंग का वीआईपी पास था। लोग उत्साह से परिवार के सदस्यों के साथ पहुंचे जरूर लेकिन उन्हे वह महत्व वह सुविधा नहीं मिल सकी जैसी उन्हे उम्मीद थी। अधिकारियों और बड़े भाजपा नेताओं सहित उनके परिजनों के अलावा हर व्यक्ति कार्यक्रम में उपेक्षित ही हुआ परेशान ही हुआ जो देखा सुना गया।
पुलिस मुस्तैद रही एवं कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य रही
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर युवा कांग्रेस कोरिया द्वारा विरोध स्वरूप काला झण्डा दिखाये जाने की योजना बनाई गयी थी, जिसे स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों को खरवत स्थित युथ कांग्रेस कार्यालय में बैठाकर नियंत्रण में रखा गया था, पुलिस मुस्तैद रही एवं कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य रही। पुलिस ने बैरिकेट्स पर भी लगभग व्यवस्था बनाने की कोशिश की उन्होंने यह भी कोशिश की की कोई नाराज न हो,वैसे कानून व्यवस्था बनाने के दौरान कुछ लोग नाराज हुए भी लेकिन कार्यक्रम में कोई गड़बड़ी नहीं हुई यह पुलिस विभाग की सफलता रही।
कार्यक्रम को लोगों ने अधिकारियों का पारिवारिक उत्सव बताकर अपने मन को आक्रोश को शांत कर लिया
झुमका जल महोत्सव को अधिकारियों का पारिवारिक उत्सव मानकर लोगों ने संतोष किया और अपने आक्रोश को जो अव्यवस्था और सुविधा न मिलने के कारण उन्हे हुई उसे उन्होंने भुला दिया। पूरा आयोजन पारिवारिक उत्सव अधिकारियों का लोगों ने बताया यह गलत भी नहीं था क्योंकि सबसे पहले अधिकारियों और उनके परिजनों के लिए बैठक व्यवस्था की गई उसके उपरांत भाजपा के बड़े नेताओं के लिए बैठक व्यवस्था की गई शेष अन्य के लिए कोई व्यवस्था ऐसी नहीं दिखी जो उन्हे कार्यक्रम से जोड़ने में कारगर साबित होती। कार्यक्रम में कुछ प्रस्तुतियां अधिकारियों के परिवार के सदस्यों ने भी देने की कोशिश की उसमे से पुलिस अधिक्षक की पुत्री की ही प्रस्तुति लोगों की सराहना पा सकी। कलेक्टर मैडम नाम से उद्बोधित की जा रही महिला की गीत प्रस्तुति को लोगों ने नकारा यह भी सुनने को मिला।
कार्यक्रम में उपेक्षित हुए भाजपा नेताओं सहित कार्यकर्ताओं से कैसे लोकसभा चुनाव में पार्टी लेगी काम?
झुमका जल महोत्सव भाजपा की नई सरकार के कार्यकाल में पहली बार हुई। कार्यक्रम में बैकुंठपुर चरचा के अलावा अन्य क्षेत्र के भाजपा नेता कार्यकर्ता उपेक्षित ही नजर आए। अब सवाल यह उठता है की अपनी सरकार बनते ही उत्साहित होकर कार्यक्रम में पहुंचे भाजपा नेताओं को जिस तरह झुमका जल महोत्सव में उपेक्षित होना पड़ा क्या वह ऐसी उपेक्षा के बाद लोकसभा चुनाव में पूरी ऊर्जा से काम कर पाएंगे। क्या वह विधानसभा चुनाव की तरह मेहनत करने की सोचने वाले हैं या केवल मंच पर बैठे और प्रथम पंक्ति में बैठे भाजपा नेता और उनके परिजनों के बल पर ही लोकसभा चुनाव में जीत अब सुनिश्चित होने वाली है। वैसे भाजपा में ऐसा पहले नही देखा जाता था हर कार्यकर्ता का सम्मान उसकी परंपरा चली आ रही है ऐसी त्रुटि हुई कैसे यह बड़ा सवाल है।