अंबिकापुर,@जितनी आमदनी है उतने में ही आपूर्तियों को पूर्ण करना आवश्यक

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अंबिकापुर,03 फरवरी 2024 (घटती-घटना)। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय वर्कशॉप का आयोजन शनिवार को किया गया। जिसका विषय राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं विदेश नीति तथा विकसित भारत 2047 के विषय पर आयोजित किया गया। यह राष्ट्रीय वर्कशॉप राजीव गांधी स्नातकोार महाविद्यालय, अम्बिकापुर एवं संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में विश्वविद्यालय के सभागृह में आयोजित की गई। कार्यक्रम कि अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर अशोक सिंह एवं कार्यक्रम के मुख्य विषय वक्ता डॉ. रत्नाकर त्रिपाठी, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजीव मिश्रा, कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि डॉ. रिजवान उल्ला थे। कार्यक्रम के समन्वयक के रूप में आनंद कुमार ने अपनी सहभागीता प्रदान की।
कुलपति प्रोफेसर अशोक सिंह ने कहा कि भारत देश विश्व में एक उभरती शक्ति के रूप में अपनी भुमिका अदा कर रहा है। जिसमें भारत देश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते हुए एक विकासशील देश से विकसित देश के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित देश बन जाने से ही कार्य खत्म नहीं होगा बल्कि हम सभी को मिलकर भारत को विश्व में हैप्पि इंडेक्स में नम्बर वन बनाना है। केवल पर कैप्टिा इंकम बढ़ाने से ही कार्य खत्म नहीं होगी बल्कि जितनी आमदनी है उतने में ही हमे खुश रहना एवं अपनी आपूर्तियों को पूर्ण करना आवश्यक है। उन्होने कहा कि हमें ग्रास नेशनल इंकम, पर कैपिटा इनकम, ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्शन, ह्यूमन डेवलेपमेंट इंडेक्स पर खरा उतरना आवश्यक है। विकसित देशों के लिस्ट में नॉर्वे प्रथम पायदान पर है। इसके बाद अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, जर्मनी आदि देश आते है। उन्होने कहा युवा शक्ति परिवर्तन की वाहक भी है और परिवर्तन की लाभार्थी भी है। कार्यक्रम में मुख्य विषय वक्ता के रूप में डॉ. रत्नाकर त्रिपाठी, संपादक, टाइम्स ऑफ़ इंडिया एवं विजिटिंग फैकल्टी एशियन डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट पटना बिहार ने लोक संस्कृति और क्षेत्रीय भाषा पर आधारित सर्वे रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा की। अपनी रिसर्च के माध्यम से उन्होंने भारत देश को एक सूत्र में बांधने हेतु किस तरह कार्य किया जाना है इस विषय पर विकसित भारत के संदर्भ में अपना सारगर्भित विचार रखें। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजीव मिश्रा, पूर्व भारतीय विदेश सेवा ने कहा कि विकसित भारत 2047 में विकसित देश बनने के लिए हमें अपना इकोनामिक को किस प्रकार बढ़ाना है उसे विस्तार से बताया। जैसे जीडीपी को 30 ट्रिलियन डालर तक बढ़ाना होगा और उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत की वार्षिक वृद्धि दर लगभग 8 से 9 प्रतिशत करने की जरूरत है। आज भारत जीडीपी में विश्व का पांचवा सबसे बड़ा आर्थिक देश है जो की आने वाले दो -तीन साल में तीसरी सबसे बड़े आर्थिक अर्थव्यवस्था वाली देश बन जाएगा। विश्व के अग्रणी देश की श्रेणी में भारत भी अपनी विदेश नीति के तहत एक प्रण और उद्देश्य को बढ़ावा देकर अन्य देशों से संबंध बेहतर बनाकर इसमें बढोारी कर पाएगा। उन्होने बताया कि विदेश नीति का भारत के विकास में विशेष योगदान होता है। ध्यान में रखते हुए एवं उनका निराकरण कर भारत को आगे बढ़ाने की बात कही। आज भारत विकसित राष्ट्र का दर्जा प्राप्त करने की ओर अग्रसर है व 2047 तक सभी लक्ष्य को प्राप्त करना हम सभी का दायित्व है। इसके साथ ही साथ उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में उच्च शिक्षा विभाग की समग्र शिक्षा नीतियों पर जोर दिया व यह भी व्यक्त किया कि किस प्रकार रोजगार उन्मुखी पाठ्यक्रम के द्वारा सभी छात्रों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो सकते है।


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