अंबिकापुर,16 जनवरी 2024 (घटती-घटना)। मकर संक्रांति के पर्व पर पहचान साहित्यिक समिति ने काव्य गोष्ठी का आयोजन विषय भगवान राम एवं पतंग पर आयोजित किया सर्वप्रथम सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का मंच संचालन नीतू सिंह यादव ने किया। सभी ने अपनी अपनी प्रस्तुति दी पूनम दुबे -राम नाम को ओढ ले, हम मानव है मीर । अंजलि माथुर जी ने लगन प्रभु से लगा बैठे जो होगा देखा जाएगा। गीता दुबे ने काव्य पाठ किया राम घर आए है अयोध्या सजाया है भारत पर सभी और रामजी छाए हैं चांद पर हमने तिरंगा लहराया है। भावना तोमर अध्यक्ष ने मैं पतंग हूं मेरी डोर ईश्वर के हाथ में, उडऩा चाहती हूं आकाश में गलती करती हूं ईश्वर डोर खिंच लेते हैं। मनसा शुक्ला ने कहा रिश्ता डोर पतंग का जैसे जल और मीत मिलजुल के रहते सन्ग तब होते सुख तलनीन। जो कहते मेरे राम नहीं ,बतलाव वह है कहां , अभिनंदन में अभिवादन में है राम-राम अनीता सिंह जाने कितनी जोड़ी आंखों की किरकिरी बन गई मेरा ये पतंग अवतरण, मेरे पर कतरने की जुर्रत करने वालों मै निज डोर थमने का हुनर रखती हूं। डॉक्टर पुष्पा सिंह ने मुमकिन न हो शायद, मानव जीवन फिर पाना ,सांसों की डोर कटी तो पतंग, प्रभु के चरणों में गिर जाना। प्रेमलता गोयल ने कहा सर्र सर्र उड़ी जाए पतंग छुने दूर गगन अंत में राम जी के भजनों के साथ काव्य पाठ हुआ पूरा मंच राम मय हो गया ।
