अंबिकापुर,05 जनवरी 2024 (घटती-घटना)। सरगुजा में हाथियों का उत्पात जारी है। ये जिले के अलग-अलग इलाके में कई दल में विचरण कर रहे हैं। बतौली वन परिक्षेत्र के ग्राम कछारडीह में गुरुवार की देर शाम हाथी ने एक ग्रामीण पर हमला कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। वहीं उदयपुर वन परीक्षेत्र के ग्राम तरापारा में भी देर रात हाथी ने एक अज्ञात व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया है। इसकी लाश शुक्रवार की सुबह क्षत-विक्षत हालम में मिला है। लाख क्षत विक्षत होने के कारण इसकी पहचान नहीं हो पाई है। वन विभाग आसपास के गांव वालों को सूचना देकर शिनाख्त की कोशिश कर रही है। फिलहाल शव को उदयपुर अस्पताल के मरच्यूरी में रखवा दिया गया है।
जिले अलग-अलग इलाकों में हाथियों का कई दल विचरण कर रहा है। अंबिकापुर शहर के समीप के क्षेत्रों में 33 हाथियों का दल पिछले एक सप्ताह से डेरा जमाए हुए थे। वहीं वन परिक्षेत्र उदयपुर में 9 हाथियों के दल ने विगत 11 दिसम्बर से उत्पात मचा रखा है। उदयपुर वन परिक्षेत्र के पतरापारा में गुरुवार की देर रात हाथियों ने एक अज्ञात व्यक्ति पर हमला कर दिया। उसकी लाश क्षत विक्षत हालत में पाई गई। लाश काफी क्षतिग्रस्त होने के कारण पहचान नहीं हो पा रही है। घटना स्थल के आसपास के घर वाले हाथियों के डर से रात में घर खाली करके सुरक्षित स्थान पर चले गए थे। हाथियों द्वारा अज्ञात व्यक्ति पर हमला किए जाने की घटना रात करीब 11 से 12 बजे के बीच की बताई जा रही है। फिलहाल वन विभाग शव को उदयपुर अस्पताल के मरच्यूरी में रखवाकर उसकी शिनाख्ती की कोशिश कर रही है। वहीं बतौली वन परिक्षेत्र के ग्राम कछारडीह निवासी शिवचरण कोरबा पिता लाथू कोरबा उम्र 40 वर्ष पर गुरुवार की शाम हाथी ने हमला कर दिया था। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। शव क्षत विक्षत हालत में पाया गया है। हाथियों के डर से लोग घर में रहना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। शाम होते ही लोग अपने-अपने घरों को छोडक¸र सुरक्षित स्थान पर चले जाते हैं। वहीं लोग कडक¸ड़ती ठंड में खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। वहीं पुरूष पूरी रात अलाव जलाकर हाथियों से अपने परिवार की निगरानी बनाए रहते हैं।
