- सुशासन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कुछ ऐसा ही देखने को मिला।
- सूरजपुर जिले के जिस विधानसभा में कार्यक्रम आयोजित था उस विधानसभा के निर्वाचित विधायक का नाम लिखना भी उचित नहीं समझा गया सोशल मीडिया आमंत्रण में।
- सूरजपुर जिले में भाजपाइयों की स्थिति कुछ अलग ही।
- विधायक को छोड़ कैबिनेट मंत्री पर सभी का ध्यान एक समाज विशेष कैबिनेट मंत्री को अपनी गिरफ्त में करने की जुगत में।
- कैबिनेट मंत्री के अलग विधानसभा में कार्यक्रम के आयोजन में संबंधित विधानसभा के जनता द्वारा निर्वाचित विधायक को ही आमंत्रण में तव्वजो नहीं।
- क्या नई नवेली विधायक और कैबिनेट मंत्री बनी लक्ष्मी राजवाड़े को ज्ञान दे रहे एक समाज विशेष के लोग?
- जिस समाज को साधने दिया गया भटगांव विधायक को मंत्री का पद उसको छोड़ वह अन्य समाज की गिरफ्त में सूत्र।
सूरजपुर/कोरिया 27 दिसंबर 2023 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ में भाजपा पुनः पांच साल बाद सत्ता में वापसी कर पाई है और इस बार प्रदेश सहित तीन राज्यों में भाजपा नेतृत्व ने अलग ही रणनीति के तहत नए चेहरों पर विश्वास जताया है और नए चेहरों को ही मुख्यमंत्री उप मुख्यमंत्री सहित मंत्रीमंडल में जगह देने का जोखिम उठाया है इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के भटगांव विधानसभा से पहली बार विधायक निर्वाचित हुई भाजपा पार्टी की सदस्य लक्ष्मी राजवाड़े को भी पहली बार ही निर्वाचित होते कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया वहीं वह सबसे कम उम्र की विधायक होंगी जिन्हें मंत्रीमंडल में जगह मिल सकी है।
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने क्या सोचकर नए लोगों को मौका दिया यह स्पष्ट तो वही कर सकते हैं लेकिन माना जा रहा है की शीर्ष नेतृत्व ने ऐसा इसलिए किया है की जिससे नए लोग युवा वर्ग पार्टी की तरफ आकर्षित होंगे और पार्टी की नीति और रीति से प्रभावित होंगे। वहीं भटगांव विधायक को पहली बार में ही मंत्री बनाकर उन्हें ऊंचा कद प्रदान कर भाजपा ने सरगुजा संभाग के एक समाज विशेष के मतों को भी सहेजने का काम किया है जो विगत कई पंचवर्षीय कार्यकाल से भाजपा के पक्ष में चला आ रहा समाज है। भटगांव विधायक जो की युवा हैं और बहुत ही कम उम्र में जिनपर भाजपा ने विश्वास जताया है मंत्री बनाया है वह इसलिए नहीं की वह मंत्री बनकर शुरू से ही मनमानी करें या वह किसी के नियंत्रण में रहकर काम करें उन्हे इसलिए मंत्री बनाया गया है की उनको कम उम्र में ही पार्टी ने कहां से कहां पहुंचाया यह देखकर युवा पार्टी की तरफ आकर्षित हों वहीं वह खुद भी युवाओं के लिए प्रेरणा बने साथ ही पार्टी को मजबूती प्रदान करें।
सोशल मिडिया में जारी आमंत्रण में दिखी कमी:-
हालिया एक कार्यक्रम को लेकर दिए गए आमंत्रण या सूचना की बात करें तो यह देखने को मिला की भटगांव विधायक साथ ही कैबिनेट मंत्री को भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित सुशासन दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनाया गया वहीं इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष ने की जबकि यह कार्यक्रम सूरजपुर विधानसभा में आयोजित था और वहां के निर्वाचित विधायक का नाम आमंत्रण में शामिल नहीं था जो एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कार्यक्रम को लेकर क्योंकि किसी कार्यक्रम का प्रोटोकाल क्या होता है मंत्री विधायक जहां एक साथ उपस्थित होते यह कार्यक्रम में ध्यान नहीं रखा गया। भटगांव विधायक साथ ही कैबिनेट मंत्री को यदि सुरजपुर विधानसभा के भाजपा कार्यालय में मुख्य अतिथि बनाया गया तो यह आवश्यक था की वहां सूरजपुर विधायक से अध्यक्षता करानी थी लेकिन ऐसा नहीं लिया गया अध्यक्षता जिलाध्यक्ष भाजपा ने की जिसकी सूचना भी जारी उसी अनुरूप की गई जिलाध्यक्ष सहित मंत्री का ही नाम सूचना में साझा किया गया। अब इस कार्यक्रम के बाद यह भी सवाल उठने लगा की किसी क्षेत्र की जनता द्वारा निर्वाचित विधायक बड़े हैं श्रेष्ठ हैं या किसी पार्टी के जिलाध्यक्ष वह भी पार्टी के ही कार्यक्रम में। वैसे सूरजपुर भाजपा जिलाध्यक्ष भटगांव विधायक को अपने इशारे पर चलाना चाहते हैं क्या यह भी एक सवाल उठ रहा है क्योंकि सुशासन दिवस के कार्यक्रम की रूपरेखा देखकर यही लग रहा है। सोशल मिडिया में जारी आमंत्रण को लेकर यह चर्चा लोगों के बीच पार्टी के सुनी गई, सोशल मिडिया में जारी आमंत्रण को लेकर यह चर्चा लोगों के बीच पार्टी के सुनी गई की भाजपा सूरजपुर जिलाध्यक्ष कहीं न कहीं निर्वाचित विधायक से खुद को ऊपर मान रहे हैं वहीं वह भटगांव विधायक साथ ही कैबिनेट मंत्री को अपने इशारे पर चलाना चाहते हैं। वैसे अभी यह बातें पार्टी के अंदरखाने की बात हैं और यह एक प्रारंभिक विरोध है वहीं आगे अभी लोकसभा चुनाव है वहीं बतौर मंत्री भटगांव विधायक की जिम्मेदारी जिले के सभी विधानसभाओं में पार्टी प्रत्याशी को जीत दिलाने की होगी जो ऐसी स्थिति बनेगी तो शायद ही संभव हो पाने वाला मामला होगा जब निर्वाचित विधायकों को ही वह बेहतर सम्मान नहीं दिला पाएंगी।
एक समाज विशेष से आने वाले भाजपा जिलाध्यक्ष भटगांव विधायक कैबिनेट मंत्री को रखना चाहते हैं अपनी गिरफ्त में,सूत्र:-
भाजपा के सूत्रों की माने तो एक समाज विशेष से आने वाले भाजपा जिलाध्यक्ष सूरजपुर भटगांव विधायक कैबिनेट मंत्री को अपनी गिरफ्त में रखना चाह रहे हैं और उनकी मंशा है की वह जो कहें उसी अनुरूप भटगांव विधायक कैबिनेट मंत्री काम करें। कुल मिलाकर इसीलिए सूरजपुर जिला मुख्यालय के भाजपा कार्यालय में आयोजित सुशासन दिवस कार्यक्रम में सूरजपुर क्षेत्र के विधायक का सोशल मीडिया आमंत्रण में नाम नहीं था। बताया जा रहा है की सबकुछ जिलाध्यक्ष की ही मर्जी से तय हुआ था और अध्यक्षता विधायक की जगह वह करेंगे यह भी प्रायोजित था पूर्व से।
क्या नियंत्रण में रहकर कार्य करने की जिम्मेदारी मिली हुई है भटगांव विधायक को?
भटगांव विधायक जिन्हे पार्टी में पहली बार में ही कैबिनेट मंत्री का ओहदा दिया है जिससे युवा वर्ग पार्टी के प्रति आकर्षित हो उन्हे क्या अन्य किसी के नियंत्रण के रहते हुए पार्टी ने कार्य करने निर्देशित किया है। भाजपा जिलाध्यक्ष के अनुसार ही किसी कार्यक्रम की रूपरेखा तय होना जिसमे निर्वाचित विधायक को ही तवज्जो न दी गई हो यह बतलाता है की भटगांव विधायक कैबिनेट मंत्री जिलाध्यक्ष के आदेश के आगे किस तरह मजबूर हैं जो वह अपने ही साथी विधायक को उसके हक का सम्मान नहीं दिला पाई।
नियंत्रण में रहकर कैबिनेट मंत्री करेंगी काम तो कैसे पार्टी के लिए वह साबित होंगी फायदेमंद
भटगांव विधायक को कैबिनेट मंत्री का दर्जा इसलिए दिया गया है की वह युवा हैं और उनको पहली बार में ही मंत्री बनाए जाने से युवा वर्ग का पार्टी के प्रति विश्वास प्रगाढ़ होगा और वह पार्टी से जुड़ने आगे आएंगे। कैबिनेट मंत्री का भी फर्ज होगा वह प्रदेश में अपनी क्षमता और प्रतिभा के साथ पार्टी को मजबूत करेंगी वहीं युवाओं को पार्टी की तरफ आकर्षित करने का काम करेंगी ।
अब वही यदि नियंत्रण में दूसरे के काम करेंगी तो पार्टी को कैसे फायदा पहुंचेगा यह सोचने वाली बात है।
क्या कैबिनेट मंत्री सामंजस्य बनाकर चलेंगी या फिर कुछ लोगों को ही देंगी महत्व?
भटगांव विधायक साथ ही कैबिनेट मंत्री बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद सामंजस्य बनाकर चलेंगी या फिर वह केवल कुछ सीमित लोगों को महत्व देंगी यह बड़ा सवाल अब खड़ा हो गया है क्योंकि उनके जिस कार्यक्रम में पहले एक विधायक को तव्वजो मिलना था वहां जिलाध्यक्ष को ज्यादा तवज्जो मिला जो एक प्रश्नचिन्ह बना उनके लिए उसे वह कैसे सुधार पाएंगी अपने अनुसार।
वैसे अभी वह नई हैं उन्हे अनुभव कम है वहीं वह ऐसे समाज से हैं जिसका प्रभाव दो लोकसभा सीटों पर सीधा है वह उसे साधेंगी या अन्य के गिरफ्त में रहेंगी यह देखने वाली बात होगी।
कैबिनेट मंत्री को पूरे जिले गंभीर होना होगा संभाग के लिए गंभीर होना होगा वहीं सभी संभाग के विधायकों को महत्व देना होगा
भटगांव विधायक के मंत्री बनते ही उन्हे सूरजपुर जिलाध्यक्ष गिरफ्त में लेकर चलने लगे हैं जबकि विधायक जिन्हे मंत्री बनाया गया है उन्हे पूरे संभाग का जिम्मा सम्हालना है। अब उन्हे प्रत्येक संभाग के विधायक का भी सम्मान बनाकर चलना है।उनके जिले में कुल तीन विधानसभाएं हैं उन्हे प्रत्येक निर्वाचित सदस्य का सम्मान रखना है। वह जिलाध्यक्ष मात्र के निर्देश में ही चलने लगेंगी तो उन्हे जो नुकसान होगा वह तो होगा ही पार्टी को भी नुकसान होगा जो पार्टी के लोगों का ही कहना है।
कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को सभी कार्यकर्ताओं सहित पार्टी पदाधिकारियों का देना होगा ध्यान,नहीं तो होगी आलोचना,उन्हे बनना होगा भईयालाल राजवाड़े
भटगांव विधायक साथ ही कैबिनेट मंत्री बनाई गईं लक्ष्मी राजवाड़े को पार्टी कार्यकर्ताओं सहित सभी भाजपा पदाधिकारियों का ध्यान रखना होगा संभाग स्तर पर उन्हे कहीं न कहीं भईयालाल राजवाड़े बनकर काम करना होगा। जिस तरह राजवाड़े समाज से आने वाले पूर्व मंत्री वर्तमान में बैकुंठपुर विधायक भईयालाल राजवाड़े अपने पूर्व के कार्यकाल में काम करते आए आज राजवाड़े समाज से मंत्री जैसा पद तत्काल प्रदान किया जाने लगा उसे सम्हालना अब लक्ष्मी राजवाड़े की जिम्मेदारी है। भईयालाल राजवाड़े ने संभाग स्तर पर मंत्री पद की छाप अपने अनुभव के आधार पर लोगों को जोड़कर छोड़ा था अब नई मंत्री जो उनके समाज से हैं उनकी जिम्मेदारी है की वह उनके मार्गदर्शन में काम करें समाज का भी उत्थान करें साथ ही अन्य समाज पार्टी कार्यकर्ताओं का भी सम्मान करें। उन्हे कहीं न कहीं पूर्व मंत्री से प्रेरणा लेने की जरूरत है।