कोरिया/एमसीबी@3 दिसंबर को किस-किस प्रत्याशी का टूटेगा घमंड?

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  • 3 दिसंबर को लेकर प्रत्याशियों की उड़ी नींद सभी को अब केवल परिणाम का इंतजार।
  • विभाजित कोरिया जिले की तीनों विधानसभाओं में स्थिति ऐसी की कोई भी यह नहीं बता पा रहा की उनकी जीत सुनिश्चित है।
  • पैसे का दांव लगाने वाले भी प्रत्याशियों के परिणाम को लेकर पैसे लगाने की जोखिम नहीं ले रहे हैं।
  • ईवीएम में बंद प्रत्याशियों का भाग्य दिसंबर को खुलेगा किसके सर पर होगा विधायक का ताज और किस प्रत्याशी का टूटेगा घमंड?

-रवि सिंह-
कोरिया/एमसीबी 29 नवम्बर 2023 (घटती-घटना)।  विभाजित कोरिया जिला कहें यह दो जिला एम सी बी और कोरिया कहें यहां की तीन विधानसभाओं में अब विधानसभा निर्वाचन 2023 के मतदान पश्चात मतगणना का इंतजार सभी को है और सबसे अधिक इंतजार प्रत्याशियों को है जिन्होंने इन तीनो विधानसभाओं से अपनी किस्मत आजमाई है और जनता के दरबार में अपनी हाजिरी लगाई है। विभाजित कोरिया जिले की तीन विधानसभाओं में से दो विधानसभा ऐसी हैं जो अभी भी एक दूसरे जिले की आबादी से जिले को जोड़े रखे हुए हैं और इन दोनो विधानसभाओं में दो दो जिलों के मतदाताओं ने मतदान किया है और अपने लिए पांच साल का प्रतिनिधि चुनने का प्रयास किया है।अब परिणाम का इंतेजार मतदाता को भी है वहीं प्रत्याशियों के कार्यकर्ताओं को भी परिणाम का इंतजार है साथ ही सबसे ज्यादा इंतजार प्रत्याशियों को है क्योंकि उनका भविष्य दांव पर लगा हुआ है और उनके पांच साल के भविष्य को लेकर वह चिंतित हैं।
इस बार कोरिया जिले का विभाजन हुआ है,विभाजन के बाद कोरिया जिले की तीन विधानसभाओं पहली बार चुनाव संपन्न हुआ है। विभाजन का जहां एक जिले में जरा आक्रोश देखा गया था वहीं एक जिले में नए जिले के बनने की खुशी भी देखी गई थी,अब विभाजन और नए जिले के बनने का फायदा किसे मिला किसे नुकसान हुआ यह भी 3 दिसंबर को तय हो जायेगा जब ई वी एम मशीन परिणाम बताएगी। वैसे अभी प्रत्याशियों की नींद उड़ी हुई है और वह 3 दिसंबर का इंतजार कर रहे हैं वहीं कार्यकर्ता भी अपने अपने प्रत्याशी की जीत का दावा कर रहे हैं। शर्त भी लोग आपस में लगाने आतुर नजर आ रहे हैं लेकिन तीन विधानसभाओं के परिणामों को लेकर कोई भी पूरी तरह आश्वस्त नजर नहीं आ रहा है शर्त लगाने का भी जोखिम लोग नहीं उठा रहे हैं यह देखने सुनने को मिल रहा है। इस बार के चुनाव में तीन विधानसभाओं में किसको किसको मिलेगी जय किसकी होगी पराजय इसको लेकर चाय पर लोगों की चर्चा तो जारी है लेकिन पूरी तरह आश्वस्त कोई नजर नही आ रहा है क्योंकि ऐसा देखा सुना जा रहा है की परिणाम क्या होगा यह ई वी एम ही तय करेगा 3 दिसंबर को ऐसा लोग आपस में चर्चा कर रहे हैं।
तीन विधानसभाओं में मतदान का प्रतिशत अच्छा रहा,महिला मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया
वैसे तीन विधानसभाओं में मतदान का प्रतिशत अच्छा रहा है, महिला मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया है और माना जा रहा है की परिणाम किसी के पक्ष में भी आ सकता है। वैसे माना जाता रहा है की जब मतदान प्रतिशत ज्यादा होता है वहां परिवर्तन की लहर मानी जाती है लेकिन इस बार भी मतदान प्रतिशत का बढ़ना परिवर्तन की लहर है ऐसा भी लोग पूरी तरह स्पष्ट रूप से नही कह पा रहे हैं क्योंकि कुछ घोषणाएं भी मतदान प्रतिशत बढ़ाने वाली साबित हुई होगी ऐसा राजनीतिक जानकारी रखने वालो का मानना है। वैसे सभी प्रत्याशी खासकर तीन राजनीतक दल तीन विधानसभाओं में अपनी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं तीनो विधानसभाओं में तीन ही राजनीतिक दल के प्रत्याशियों का प्रचार और प्रभाव देखा भी गया है ,अब देखना यह है की तीनो में से कौन से दल की जीत किस प्रत्याशी की जीत तीन विधानसभाओं में होती है। किसका जीत का दावे वाला घमंड  कायम रह जाता है और किसका घमंड टूट जाता है यह 3 दिसंबर को ही तय होगा। वैसे तीनो विधानसभाओं में भितरघातियों ने भी प्रत्याशियों के लिए परेशानी खड़ी करने की कोशिश की है। भीतरघात करने वाले सबसे ज्यादा शांत हैं और उनसे प्रत्याशी भी फिलहाल अनजान हैं वहीं आंकलन करने वाले सहित और हर कोई उनसे अनजान है और उन्होंने कितना नुकसान किसे पहुंचाया है यह भी 3 दिसंबर को तय हो जायेगा।
विभाजित कोरिया जिले की तीन  विधानसभाओं के परिणाम को लेकर प्रत्याशियों की धड़कन हुई तेज
विभाजित कोरिया जिले की तीनों विधानसभाओं के परिणामों को लेकर सभी प्रत्याशियों की धड़कन अब तेजी से धड़कने लगी हैं। यहां कुल तीन ही राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला है,इस बार दो विधानसभाओं में एक दल ने दो राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशियों के लिए काफी अजीब स्थिति उत्पन्न की हुई है और कोई भी अपनी जीत का विश्वास के साथ दावा नहीं कर पा रहा है। कुल मिलाकर प्रत्याशी अब 3 दिसंबर का इंतजार मात्र कर रहे हैं और उन्हे अपने पक्ष में परिणाम की अपेक्षा है।
शर्त बाजी भी लगाने वाले संशय में,क्या होगा परिणाम इसको लेकर अनुभवी भी अभी असमंजस में
किसी भी चुनाव में जहां परिणाम को लेकर कार्यकर्ता प्रत्याशी और आम लोग अपने अनुसार आंकलन करते हैं और जीत हार को लेकर अनुमान लगाते हैं वहीं एक धड़ा और होता है जो किसी की जीत हार पर पैसों का दांव लगाता है और अपना लाभ आर्य करने की कोशिश करता है। इस बार तीन विधानसभाओं के परिणामों को लेकर जीत हार पर दांव लगाने वाले भी संशय में नजर आ रहे हैं दांव लगाने से बचते नजर आ रहे हैं जबकि इन्हे ज्यादा अनुभवी माना जाता है। माना जा रहा है की इस बार परिणाम चौकाने वाले भी हो सकते हैं क्योंकि इस बार का मतदाता मौन है चुप चाप है इसलिए आंकलन लगा पाने में लोग खुद को असमर्थ पा रहे हैं।
कार्यकर्ता भी आश्वस्त नहीं,इधर उधर से जुटा रहे जानकारी
इस बार पार्टी और प्रत्याशियों के लिए चुनाव में काम करने वाले कार्यकर्ता भी आश्वस्त नजर नहीं आ रहे परिणाम को लेकर। कार्यकर्ता भी इधर उधर से जानकारी जुटा रहे हैं लगातार पूछ परख करके वह अपने प्रत्याशी की जीत की उम्मीद टटोल रहे हैं। इस बार मतदाताओं को कार्यकर्ता भी नहीं टटोल पाया है यह कहना गलत नहीं होगा।
भितरघातियों की भी होगी अहम भूमिका,जिसके सर सजेगा ताज भितरघाती होंगे जिम्मेदार
इस बार के चुनाव में भितरघातियों की भूमिका सबसे अधिक अहम है। इस बार के परिणाम जिसके सर ताज सजाएंगे उसके जिम्मेदार भितरघाती होंगे यह तय माना जा रहा है। इस बार भीतरघात करने वाले सभी तरफ मौजूद थे और किस तरफ से भितरघाती कारगर साबित हुए यह 3 दिसंबर को तय होगा।


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