- स्ट्रांग रूम के बाहर कांग्रेस ,भाजपा ने लगा दिया पंडाल
- प्रत्याशी से लेकर संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जीत का कर रहे हैं दावा
सूरजपुर 28 नवम्बर 2022 (घटती-घटना)। विधानसभा चुनाव के बाद मतगणना को लेकर अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। 3 दिसंबर को मतगणना होगी। ऐसे में 5 दिन ही शेष रहे गए हैं। बता दें कि चुनाव के बाद से दोनों ही प्रमुख राष्ट्रीय पार्टी प्रदेश में बहुमत के साथ सरकार बनाने का दावा कर रही हैं। हालाकि चुनाव के बाद भी वोटरों की चुप्पी प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा दी है। जिले के अंतर्गत आने वाले तीनों विधानसभा के ईवीएम मशीनों को ग्राम पंचायत पर्री स्थित स्ट्रांग रूम में रखा गया है। इसकी निगरानी के लिए कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता जुटे हुए है। कांग्रेस ,भाजपा ने तो बकायदा स्ट्रांग रूम के बाहर पंडाल लगा दिया है और दिन-रात चौकसी की जा रही है।
शहर से लेकर गांवों की चौपालों में चर्चा
प्रत्याशी से लेकर संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जीत का दावा कर रहे हैं। इस बीच शहर से लेकर गांवों में भी अब चर्चा का दौर भी तेज होने लगा है। प्रत्याशियों के हार-जीत को लेकर दांव भी लगाए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा मतगणना को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई। अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
किस्मत ईवीएम में कैद
प्रदेश में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं। पहले चरण का चुनाव 7 नवंबर को 20 सीटों के लिए हुई। वहीं दूसरे चरण में 70 सीटों के लिए मतदान हुआ। ऐसे में प्रदेश में कब्जा जमाने के लिए 46 सीटों पर विजयी पताका लहराने की जरूरत है। बता दें कि सूरजपुर जिले के तीनों विधानसभा सीटों के लिए 42 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। इन प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है।
मतगणना को लेकर तैयारी पूरी
मतदान के बाद ईवीएम व वीवी पैट मशीनों को पर्री स्थित स्ट्रांग रूम में रखा गया है। यहां तीन लेयर में सुरक्षा घेरा तैनात है। वहीं सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय पार्टियों द्वारा संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की भी ड्यूटी लगाई गई है। स्ट्रांग रूम के सामने कांग्रेस व भाजपा का पंडाल नजर आ रहा है।
धार्मिक स्थलों की यात्रा कर लौट रहे
मतगणना की नजदीकी के साथ ही कुछ प्रत्याशी अपनी जीत के लिए दुआ मांगने धार्मिक स्थलों में पहुंच रहे हैं। धार्मिक यात्राओं का दौर चल रहा है। वहीं मतदान की नजदीकी के साथ प्रत्याशी यात्रा कर अब लौटने भी लगे हैं और सीधे कार्यकर्ताओं से रूबरू हो रहे हैं। कार्यकर्ताओं की ओर से जीत का भरोसा दिलाया जा रहा है।