एनएमसी ने जारी की नई गाइडलाइंस,
छोटा किया गया नीट-यूजी के पाठ्यक्रम को
नई दिल्ली,23 नवम्बर 2023 (ए)। 11वीं-12वीं क्लास में मैथ्स लेकर पढ़ाई करने वाले छात्र भी अब डॉक्टर बनने नीट यूजी की परीक्षा दे सकेंगे। जी हां, एनएमसी ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें 11वीं और 12वीं में मैथ्स लेकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को भी अब भविष्य में मेडिकल कोर्स में एडमिशन लेने और डॉक्टर बनने का मौका मिलेगा। इसके लिए नेशनल मेडिकल काउंसिल यानी एनएमसी ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं। आपको बता दे कि इससे पहले तक केवल 11वीं और 12वीं क्लास में बॉयोलाजी विषय लेकर पढ़ाई करने वाले छात्र ही मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल हो सकते थे।
क्या है एनएमसी के गाइडलाइन में
एनएमसी के गाइडलाइन के अनुसार 11वीं-12वीं में फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी या फिर फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ्स दोनों विषय के छात्र नीट यूजी की परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। हालांकि फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ्स से 12वीं करने वाले स्टूडेंट्स को एडिशनल सब्जेक्ट के तौर पर बायोटेक्नोलॉजी की परीक्षा देनी जरूरी होगी। एनएमसी के नोटिस में बताया गया है कि 12वीं पास करने के बाद एडिशनल सब्जेक्ट्स के रूप में अंग्रेजी के साथ-साथ फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स नीट यूजी परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे।
योग्यता प्रमाण-पत्र दिए जाने पर विचार
नीट परीक्षा भारत में एमबीबीएस और बीडीएस पाठयक्रम में एडमिशन के लिए अनिवार्य है। इसके अलावा ऐसे परीक्षार्थियों को एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट दिए जाने पर भी विचार किया जाएगा। एनएमसी के इस सर्टिफिकेट से स्टूडेंट्स विदेश में भी ग्रेजुएट मेडिकल पाठयक्रम में एडमिशन के लिए पात्र हो जाएंगे। एनएमसी के इस नए फैसले से अब उन छात्र-छात्राओं को मेडिकल के क्षेत्र में करियर बनाने का रास्ता खुलेगा जो 12वीं में मैथ्स स्ट्रीम से पढ़ाई करना चाहते हैं। इससे स्टूडेंट्स के लिए पहले से और ज्यादा करियर ऑप्शंस के दरवाजे खुलेंगे।
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अगले सत्र से लागू होगा नया नियम
नीट यूजी में शामिल होने और विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए सर्टिफिकेट देने के नियमों में बदलाव का निर्णय 14 जून को किया गया था। एनएमसी ने 12वीं कक्षा में अलग-अलग विषयों के अध्ययन में लचीलेपन का हवाला देते हुए इस कदम को सही ठहराया था। ऐसे में अब ये नया नियम अगले एकेडमिक सेशन से ही लागू हो जायेगा। जिसका सीधा फायदा मैथ्स लेकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को भी मिल सकेगा।