नाम निर्देशन जमा करने की तिथि से अभ्यर्थी द्वारा किए गए समस्त व्यय,आयेंगे उनके लेखे में
अम्बिकापुर,04 नवम्बर 2023 (घटती-घटना)। विधानसभा निर्वाचन 2023 के अंतर्गत अभ्यर्थियों को अपने निर्वाचन व्यय लेखा को संधारित और अद्यतन रखने के संबंध में शनिवार को जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उनके संदेहों का भी निराकरण किया गया। 02 नवंबर 2023 को नाम वापसी के उपरांत नामित अभ्यर्थियों को व्यय संबंधी तथा निर्वाचक लेखे तैयार करने के संबंध में व्यय प्रेक्षक लुण्ड्रा व अम्बिकापुर श्री विजय बहादुर वर्मा एवं सीतापुर मंजूनाथ एएन द्वारा जानकारी दी गई। उक्त बैठक में व्यय प्रेक्षक श्री वर्मा ने बताया कि एक व्यक्ति को पूर्ण निर्वाचन अवधि में नगद के रूप में अधिकतम 10 हजार रूपये का भुगतान किया जा सकता है। इससे अधिक का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक एवं चेक माध्यम से करें। उन्होंने यह भी कहा की निर्वाचन कार्य हेतु अभ्यर्थी या अभ्यर्थी एवं निर्वाचक एजेंट के नाम से संयुक्त खाता पृथक से खोला जाए तथा निर्वाचन संबंधी समस्त व्यय उसी खाते से किया जाए। उन्होंने बताया कि लेखा मिलान के दिन एवं समय निर्धारित किया गया है जिसके अनुसार 06 नवंबर 2023, 10 नवंबर 2023 एवं 15 नवंबर 2023 को लेखा मिलान का कार्य कंपोजिट बिल्डिंग में कार्यालयीन अवधि 10ः00 बजे से 05ः30 बजे में कराया जा सकता है। उनके द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि नाम निर्देशन जमा करने की तिथि से अभ्यर्थी द्वारा किए गए समस्त व्यय, उनके लेखे में लिया जाएगा।
इस अवसर पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कुन्दन कुमार ने बैठक में समस्त अभ्यर्थियों से अपील की है कि आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करें तथा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए अधिकतम व्यय सीमा 40 लाख रुपए निर्धारित है।व्यय संबंधी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन सम्पन्न कराए जाने हेतु भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। मुफ्त सामग्री, राशि वितरण, कीमती सामान या नशीले पदार्थों के परिवहन पर कड़ी नजर रखी जा रही है और कार्रवाई भी की जा रही है।
उक्त बैठक में सामान्य प्रेक्षक, पुलिस प्रेक्षक, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, सहायक व्यय प्रेक्षकगण एवं समस्त अभ्यर्थी एवं उनके अभिकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि सभी अभ्यर्थियों को अपना लेखा मिलान कराना अनिवार्य है। लेखा मिलान में असफल होने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम एवं भारतीय दण्ड संहिता अंतर्गत कार्यवाही का भी प्रावधान है।
