बैकुण्ठपुर@शर्मा अस्पताल के कार्यवाही का वीडियो आया सामने डॉक्टर शर्मा ने बताया शहर के लोगों को नपुंसक।

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  • भाजपा नेता होने के बावजूद डॉक्टर शर्मा ने गुस्से में सबसे पहले भाजपा का ही नाम लिया और बताया कि जो किसी भी पार्टी के हों और जिंदा आदमी हों वह इस बारे में सोचें।
  • क्या डॉ शर्मा के ऊपर पड़ी कार्यवाही की मार तो बौखलाहट में कहा की जो जिंदा आदमी है जो जिंदा कौम है वह इस बारे में सोचें?
  • क्या इससे पहले हुए कार्यवाहियों के दौरान कोई भी जिंदा आदमी नहीं था शर्मा अस्पताल पर कार्यवाही होने के बाद ही जिंदा आदमी की याद आई?
  • जब शर्मा अस्पताल पर कार्यवाही की गाज गिरी तब लोगों को जगाने का प्रयास करते दिखे डॉक्टर शर्मा।

-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 31 अक्टूबर 2023 (घटती-घटना)। बैकुंठपुर शर्मा हॉस्पिटल पर कार्यवाही की एक विडियो वायरल हुई है जिसमे हॉस्पिटल संचालक को काफी गुस्से में देखा जा रहा है वहीं उन्हे परेशान भी देखा जा रहा है वहीं वह शहर के लोगों को नपुंसक भी बता रहे हैं और कह रहे हैं अपने पर आएगी तो समझ में आएगा अभी डॉक्टर शर्मा पर कार्यवाही हो रही है तो सभी चुप हैं जब उनका नंबर आयेगा तब उन्हे समझ में आएगा। डॉक्टर शर्मा इस दौरान राजनीतिक दलों का भी नाम ले रहे हैं और सबसे पहले वह भाजपा का ही नाम ले रहे हैं क्योंकि वह उसी से जुड़े हुए हैं। डॉक्टर शर्मा की बातें बताती हैं की उन्हे सभी से उम्मीद है शहर के लोगों से की वह उनके साथ खड़े होते लेकिन कोई खड़ा नहीं हुआ यह उन्हे खेद है। डॉक्टर शर्मा का यह विडियो उनके यहां प्रशासन की कार्यवाही के दौरान का बताया जा रहा है। डॉक्टर शर्मा इस दौरान अपने ही स्टाफ सहित कुछ अन्य के सामने यह कह रहे हैं।
बता दें की डॉक्टर शर्मा के हॉस्पिटल पर प्रशासन की गाज गिरी है और उनका हॉस्पिटल सील किया गया है यह कार्यवाही शहर निवासी संजय अग्रवाल की शिकायत पर हुआ है जिसके बाद जांच टीम हॉस्पिटल पहुंची और कार्यवाही वह की। डॉक्टर शर्मा हॉस्पिटल को लेकर कई तरह की शिकायत की गई थी जिसमे हॉस्पिटल भवन को लेकर यह शिकायत थी की वह बिना डायवर्सन कृषि भूमि पर निर्मित है, भवन को लेकर न ही नगर पालिका से ही अनापत्ति है न ही नगर एवम ग्राम विकास विभाग का ही रिपोर्ट संलग्न है जबकि भवन का दशकों से भी ज्यादा समय से व्यवसायिक उपयोग हो रहा है कर का भी भुगतान नहीं किया जा रहा है, वहीं हॉस्पिटल में जारी सेवाओं को लेकर भी शिकायत थी की हॉस्पिटल में जारी सेवाओं को लेकर हॉस्पिटल के पास कोई भी अनुमति नहीं है न ही नर्सिंग होम एक्ट अंतर्गत हो हॉस्पिटल पंजीकृत है, हॉस्पिटल में जारी जांच सुविधाओं को लेकर भी कोई अनुमति हॉस्पिटल के पास नहीं है, शिकायत के बाद मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी ने हॉस्पिटल संचालक को समय पर सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने का समय दिया जिसमे हॉस्पिटल संचालक असमर्थ रहे जिसके बाद प्रशासन की टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग का अमला, नगरपालिका का अमला पहुंचा और हॉस्पिटल की जांच की और फिर सभी शिकायत सही पाए जाने पर हॉस्पिटल को सील करने की कार्यवाही की।

क्या प्रशासन का डंडा हॉस्पिटल पर चला तो उन्हे जिंदा आदमी याद आया?
हॉस्पिटल को सील करने के दौरान का ही यह वीडियो बताया जा रहा है जब डॉक्टर शर्मा जो हॉस्पिटल संचालक हैं के द्वारा यह सब कुछ कहा गया है जिसमे नपुंसक जैसे शब्द उन्होंने शहर के लोगों के लिए प्रयुक्त किया है। अब यह भी कहते लोग सुने जा रहे हैं की डॉक्टर शर्मा को शहर वासियों की याद सहयोग की याद तब आई जब उनके ऊपर प्रशासन के कार्यवाही की गाज गिरी जब सब कुछ उनके हिसाब से हो रहा था वह मजे में थे किसी से उन्हे शिकायत नहीं थी। शहर में जिंदा आमदी की बात भी इस दौरान करते वह सुने गए अब सवाल यह भी उनकी बात पर लोग उठा रहे हैं की उन्हे पहले शहर में कोई जिंदा आदमी नजर नहीं आता था जब प्रशासन का डंडा उनके हॉस्पिटल पर चला उन्हे जिंदा आदमी चाहिए। वैसे विडियो देखने के बाद अब शहर में उनके प्रति लोगों को अलग ही नजरिए से देखा जा रहा है और उनकी भाषा को लेकर लोग जरा नाराज नजर आ रहे हैं। वहीं जब प्रशासन कार्यवाही कर रहा था तब डॉक्टर शर्मा पास साथ हमेशा मौजूद रहने वाले उनकी हां में हां मिलाने वाले शहर के एक वार्ड के पार्षद भी मौजूद थे जिन्होंने प्रशासन की कार्यवाही में अवरोध डालने का प्रयास किया जिसपर तत्काल ही तहसीलदार ने उन्हे फटकार लगाई और उन्हे मौके से दूर भेजने का काम किया। कुल मिलाकर डॉक्टर शर्मा के हॉस्पिटल में हुई कार्यवाही के दौरान यह देखने को मिला की अपनी गलती पकड़े जाने के बाद भी वह धौंस जमाते नजर आए और उनके साथ रहने वाले पार्षद भी अपना रुतबा प्रशासन के समक्ष रखने का प्रयास कर गए जिसके बाद उन्हें फटकार ही मिली।कार्यवाही से बौखलाए डॉक्टर शर्मा ने शहर के लोगों के लिए नपुंसक शब्द प्रयोग किया
शर्मा हॉस्पिटल पर प्रशासन की कार्यवाही के दौरान डॉक्टर शर्मा ने शहर के लोगों के लिए नपुंसक जैसे शब्द का इस्तेमाल किया। शहर के लोगों के प्रति उनका गुस्सा इसलिए था क्योंकि उनके पक्ष में कोई शहर वासी नजर नही आया।वैसे बताया जाता है की उनके साथ शहर वालों का खड़ा होना कैसे संभव होता जब वह कभी किसी के लिए खड़े नहीं हुए। डॉक्टर शर्मा की गलत बयानी किसी ने कैमरे में कैद कर ली और वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया जो सभी देख सुनकर उनके लिए अपने विचार दे रहें हैं।
अपने ऊपर कार्यवाही के बाद डॉक्टर शर्मा को शहर में जिंदा आदमियों की आई याद,शहर के लोगों पर जब कभी कोई विपदा परेशानी आई वह उनके साथ क्यों नहीं दिखे खड़े यह भी लोग अब कर रहे आपस में बात
डॉक्टर शर्मा का एक विडियो वायरल हुआ है जिसमे वह शहर वासियों में से जिंदा आदमी ढूंढ रहे हैं, ऐसा वह एक विडियो में कहते सुने जा रहे हैं जो उनके हॉस्पिटल में प्रशासन की कार्यवाही के दौरान का है। प्रशासन की कार्यवाही से बौखला कर वह शहर के लोगों के बीच जिंदा आदमी ढूंढ रहे हैं और अब उनका विडियो देखकर शहर के लोग यह चर्चा कर रहे हैं की अपने पर आई तो डॉक्टर साहब को शहर के लोग याद आने लगे जिंदा आदमी की वह तलाश कर रहे हैं जब शहर के किसी पर परेशानी पड़ी उन्हे अपना पेशा ही याद रहा यह शहर की जनता भूली नहीं है।
राजनीतिक दलों का भी लिया नाम सभी का करते दिखे आहवान
डॉक्टर शर्मा कार्यवाही के दौरान राजनीतिक पार्टियों का भी नाम लेते नजर आए सुने गए,उन्होंने सबसे पहले भाजपा का नाम लिया फिर एक एक करके जिन जिन दलों को याद कर सकते थे सभी को उन्होंने याद किया। डॉक्टर साहब को प्रशासन की कार्यवाही के दौरान सभी दलों की निर्दलीय नेताओं की याद आई यह भी देखा गया उन्होंने अपनी पार्टी जिसमें वह शामिल हैं उसे सबसे पहले याद करते सुने गए जो भी चर्चा का विषय है।
डॉक्टर के साथ रहने वाले पार्षद को तहसीलदार से मिली फटकार,कार्यवाही स्थल से किए गए दूर
डॉक्टर शर्मा के हॉस्पिटल पर कार्यवाही के दौरान उनके साथ हर पल रहने वाले पार्षद को तहसीलदार से फटकार मिली क्योंकि उन्होंने कार्यवाही में बाधा डालने का प्रयास किया,पार्षद को कार्यवाही स्थल से दूर कर दिया गया जो भी विडियो में देखा गया। पार्षद को डॉक्टर के पक्ष में प्रशासन से उलझना महंगा पड़ा और तहसीलदार ने उन्हे उनकी सीमाओं से अवगत करा दिया।


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