- मामला सरगुजा संभाग के बैकुंठपुर,रामानुजगंज,सहित कई अन्य विधानसभाओं में कांग्रेस के टिकट वितरण से जुड़ा हुआ।
- सरगुजा संभाग में टिकट अंततः उप मुख्यमंत्री की ही मर्जी से कांग्रेस ने तय की यह नजर आया।
- सरगुजा संभाग में मुख्यमंत्री की दखलंदाजी नहीं चली यह भी नजर आया।
- बैकुंठपुर विधानसभा से भी रिपोर्ट कार्ड खराब होने के बावजूद वर्तमान विधायक को ही टिकट मिलना तय,अंतिम में उप मुख्यमंत्री का ही चला यह भी तय।
- अन्य सभी समीक्षाएं सभी प्रत्याशियों को लेकर दिखाई जा रही संवेदनशीलता दिखावा मात्र थी यह भी तय हुआ।
- वर्तमान विधायक को ही देना था टिकट इसलिए अन्य दावेदारों को उलझाया गया घुमाया गया और अंत में निपटाया गया।
- मनेंद्रगढ़ विधानसभा से महिला प्रत्याशी ही होनी थीं कांग्रेस प्रत्याशी,बैकुंठपुर विधानसभा से वर्तमान को देना था टिकट इसलिए उप मुख्यमंत्री ने लिखी अलग स्क्रिप्ट।
-रवि सिंह-
सरगुजा/कोरिया 22 अक्टूबर 2023 (घटती-घटना)। कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2023 के मद्देनजर छत्तीसगढ़ में अब तक कुल 83 विधानसभाओं से अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं वहीं 7 विधानसभाओं के लिए भी प्रत्याशियों के नाम तय है केवल औपचारिक घोषणा मात्र शेष है ऐसा बताया जा रहा है जो एक दो दिन में घोषित कर दिए जाएंगे। जिन 7 सीटों पर प्रत्याशी घोषित नहीं किए गए हैं उनमें नाम घोषित करके भी पार्टी उसे जाहिर इसलिए जल्दबाजी में नहीं करना चाहती क्योंकि उन सीटों पर अन्य दावेदारों को पार्टी विरोध विद्रोह का अवसर नहीं देना चाहती जो उन विधानसभाओं से पार्टी से टिकट के दावेदार हैं वहीं उन्हे पार्टी यह भी जतलाना चाहती है की उनके लिए मतलब सभी दावेदार महत्वपूर्ण हैं इसलिए पार्टी अधिकतम समीक्षा कर रही है और सभी योग्य और सक्षम दावेदार हैं सभी की संभावना प्रबल है जितने की और अब सभी में से एक को पार्टी चुनने निर्णय ले रही है इसलिए विलंब हो रहा है जबकि सच्चाई यह है की स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है 83 के साथ ही 7 नाम भी उसी दिन से तय है बस अन्य को विद्रोह का अवसर कम मिले उन्हे संतुष्टि हो की उनके लिए पार्टी ने अधिकतम विचार किया बस इसलिए लिए मात्र विलंब है।
वैसे सरगुजा संभाग में उप मुख्यमंत्री की ही मर्जी से टिकट वितरण हुआ सभी सीटों पर वही प्रत्याशी बनाया गया जिसे उप मुख्यमंत्री ने तय किया या जो उनके खेमे का था जिसने भी वर्तमान कार्यकाल में उनका विरोध किया उसे उन्होंने सीधे निपटाया वहीं जो आने वाले समय के लिए भी उनकी मर्जी अनुसार चलने वाला नहीं दिखा वह भी टिकट की दौड़ से बाहर हो गया यही सरगुजा संभाग के टिकट वितरण में कांग्रेस पार्टी के देखा गया।कांग्रेस पार्टी के टिकट वितरण में यह भी देखा गया की कई विधानसभा सीटों पर सरगुजा संभाग के मुख्यमंत्री के चहेते विधायकों का टिकट पार्टी ने काट दिया जबकि वहीं अन्य संभाग के टिकट वितरण में उप मुख्यमंत्री समर्थकों का टिकट बरकरार रहा। उप मुख्यमंत्री ने चुन चुनकर अपने विरोधियों को टिकट से दूर किया यह भी देखने को मिला और टिकट वितरण में वही अधिकतम सफल देखे गए। रामानुजगंज, मनेंद्रगढ़, सामरी का टिकट उप मुख्यमंत्री ने उन्हे नहीं मिलने दिया जिनका रिपोर्ट कार्ड विधायक रहते हुए भी उतना खराब नहीं था जो शायद जीत दर्ज करने वाले विधायक इस बार भी साबित होते वहीं प्रेमनगर, बैकुंठपुर सहित लुण्ड्रा विधानसभा का टिकट उन्होंने वर्तमान विधायकों का नहीं कटने दिया जो रिपोर्ट कार्ड अनुसार सर्वे अनुसार जीत दर्ज करने वाले विधायक साबित होते पुनः और प्रदेश में कांग्रेस मजबूत बनकर उभरती। बैकुंठपुर विधानसभा को लेकर तो उप मुख्यमंत्री ने ऐसी स्क्रिप्ट तैयार की थी की स्क्रिप्ट में सब कुछ समाहित था जो एक किसी ऐसी फिल्म में होता है जो रहस्य पर आधारित होती है जिसका खुलासा अंत में होता है।
क्या उप मुख्यमंत्री ने स्क्रिप्ट बनाई?
बैकुंठपुर विधानसभा सीट से राजपरिवार सदस्य वर्तमान विधायक का टिकट न कट सके इसके लिए उप मुख्यमंत्री ने जो स्क्रिप्ट बनाई थी उसके अनुसार उन्हे दो विधानसभा को आधार बनाकर इसका खेल रचा गया, मनेंद्रगढ़ विधानसभा से पहले महिला प्रत्याशी ही तय किया जाना था जो सर्वे अनुसार जीत भी दर्ज करने वाली मानी गई थीं लेकिन उन्हे केवल इसलिए टिकट से वंचित कर दिया गया क्योंकि बैकुंठपुर विधानसभा से महिला प्रत्याशी का पेंच फंसा रहे और अंत में वर्तमान विधायक का टिकट तय करके यह अन्य दावेदारों को बताया जाए की महिला ही तय किया जाना था इसलिए वर्तमान पर दांव लगाना पड़ा पार्टी हित में इसे स्वीकार कर सभी काम करें जबकि बैकुंठपुर से वेदांती तिवारी ही सर्वे में प्रथम थे। वर्तमान विधायक का बैकुंठपुर से नाम पहले ही दिन से तय है यह भी माना जा रहा है उन्हे शांत रहकर अन्य के साथ टिकट के लिए दौड़ भाग का भी निर्देश था यह भी बताया जा रहा है वहीं उनके समर्थकों की परेड भी टिकट के लिए होती रहे उन्हे भी संशय बताकर उलझाए रखा जाए बड़े नेताओं के यहां उनकी हाजरी लगवाई जाए यह भी स्क्रिप्ट का हिस्सा था जिससे अन्य को भी शिकायत का मौका न मिले उन्हे भी वर्तमान की परेशानी से उस पर रहम आ जाए वहीं वर्तमान के समर्थकों को भी लगे की उनके प्रयासों से ही वर्तमान को टिकट मिल सका है वरना उनका टिकट कट ही चुका था वह दौड़ से बाहर थीं, जबकि सच्चाई यह थी की न विधायक समर्थक समझ सके न ही अन्य दावेदार यह स्क्रिप्ट थी मात्र जो राजनीति के माहिर खिलाड़ी ने लिखी थी जिसमे वर्तमान विधायक की भी सज्ञानता थी वह जानती थीं की वही प्रत्याशी हैं।
सरगुजा संभाग में मुख्यमंत्री की टिकट वितरण में रही नो एंट्री
सरगुजा संभाग में मुख्यमंत्री की पार्टी के टिकट वितरण में नो एंट्री रही यह समझा जा सकता है। उनके किसी भी चाहने वाले समर्थक को टिकट नहीं मिला। चाहकर भी मुख्यमंत्री उन्हे टिकट नहीं दिला सके जो उनके लिए उनकी मुसीबत में खड़े थे। उप मुख्यमंत्री ही सरगुजा संभाग के स्क्रिप्ट राइटर थे यही सही है। मुख्यमंत्री की दखलंदाजी बिल्कुल नहीं चली यह साबित हुआ सरगुजा संभाग में।
बैकुंठपुर विधानसभा में वर्तमान विधायक का टिकट पहले से तय अन्य दावेदार सहित विधायक समर्थकों का परेड दिखावा मात्र सांत्वना देने का उपक्रम मात्र
उप मुख्यमंत्री के स्क्रिप्ट अनुसार बैकुंठपुर विधानसभा के लिए पहले से ही वर्तमान विधायक का नाम तय था जो 83 नामों के ही साथ तय हो चुका था,अन्य दावेदारों को केवल इसलिए दौड़ाया जा रहा था विधायक समर्थकों को इसलिए दौड़ाया जा रहा था की उन्हे यह आभास पहले से ही न हो जाए की पहले ही स्क्रिप्ट तैयार है ऐलान केवल बाकी है। सभी को यह लगे की सभी की दावेदारी समीक्षा उपरांत टिकट तय हुआ यह मुख्य उद्देश्य था टिकट घोषणा में विलंब का।
सबसे ज्यादा भुलावे में रहे विधायक समर्थक,अंत में उन्हे लगा टिकट उनके प्रयासों से मिला वरना विधायक क्लीन बोल्ड थीं,जबकि स्क्रिप्ट में वह फेंकी गई बाल ही नो बाल थी जिससे विधायक क्लीन बोल्ड नजर आईं थीं
बैकुंठपुर विधानसभा के टिकट मामले में सबसे भुलावे में विधायक समर्थक ही रहे वह भी वह समर्थक जो समर्थक तो थे लेकिन उन्हें स्क्रिप्ट विधायक ने भी नही दिखाई वह विधायक के लिए परेड करते रहे। अंत में उन्हे लगा टिकट उनके प्रयास से विधायक को मिला वरना विधायक क्लीन बोल्ड हो चुकी थीं टिकट मामले में लेकिन उन्हे भी नहीं मालूम था थर्ड अंपायर बैठा है नो बॉल होना है और टिकट विधायक को ही मिलना है। समर्थक परेड करते रहे अन्य की दावेदारी कमजोर करने अन्य की कमजोरियां जाहिर करते रहे वहीं होना जो था वह होगा ही उन्हे मालूम नहीं था और वह इसी बात से खुद की खुशी सम्हाल नहीं पा रहे थे की टिकट उन्होंने दिलाया उनकी परेड काम आई।
महिला अन्य दावेदारों की दावेदारी समाप्त दिखाने भी स्क्रिप्ट में थी जगह,किया गया जमकर अभिनय,उन्हे भी आभास हुआ कहीं न कहीं उनकी दावेदारी उनकी गलतियों से हुई कमजोर
बैकुंठपुर से वर्तमान विधायक को प्रत्याशी बनाना आसान नहीं था उनका रिपोर्ट कार्ड शून्य था अन्य का अधिकतम स्कोर वाला था इसके लिए सबसे पहले सीट को महिला प्रत्याशी के हिसाब से तैयार किया गया और महिला सीट घोषित किया गया,महिला सीट होने उपरांत अब तीन महिलाओं का नाम समाने आया,वर्तमान फिर भी उनसे कमजोर नजर आईं दो अन्य से वहीं दो अन्य में एक का यह कहकर पत्ता साफ किया गया की उनका जनाधार जिस समाज से जोड़ा जा रहा है वह भाजपा प्रत्याशी के विरुद्ध नहीं जाएगा भाजपा प्रत्याशी उस समाज के सर्वमान्य नेता हैं वहीं उनके बाद जिसकी प्रबल संभावना बनी उसका भाजपा से ही रिश्ता जोड़ दिया गया वहीं वरिष्ठ भी उसके साथ नजर नहीं आए और लिखी स्क्रिप्ट अपना मूर्त रूप ले सकी वर्तमान सर्वमान्य मानकर पार्टी ने नाम का एलान कर दिया।
सर्वे में प्रथम योग्य को पुरुष सहित यह कहकर किया गया बाहर की उनके समाज से दिए जा चुके हैं प्रदेश में अधिकतम प्रत्याशी- कांग्रेस में सरगुजा संभाग में उप मुख्यमंत्री की स्क्रिप्ट कुछ ऐसी थी की उन्होंने सर्वे में सबसे प्रथम आने वाले दावेदार को कैसे बाहर करना है दावेदारी से बैकुंठपुर विधानसभा से इसके लिए भी तैयारी कर ली थी। पहले सीट को महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित किया गया फिर भी वर्तमान का नंबर कटने लगा सर्वे पर ही अन्य बड़े नेता अड़े तो उन्हे यह बताया गया की उनके समाज को टिकट वितरण में अधिकतम हिस्सेदारी पहले ही दी जा चुकी है इसलिए उनकी दावेदारी खारिज है और उनकी दावेदारी समाप्त कर दी गई। एक बेहतर स्क्रिप्ट इस तरह वर्तमान विधायक के टिकट का राह आसान कर गई जो शायद असंभव राह थी।
सब कुछ स्क्रिप्ट अनुसार ही संपन्न हुआ,वर्तमान विधायक का अंदरूनी प्रचार जारी रहा इधर अन्य की दौड़ टिकट के लिए जारी रही
देखा जाए और माना जाए की स्क्रिप्ट थी कोई तो कहा जा सकता है सबकुछ स्क्रिप्ट के अनुसार हुआ,विधायक वर्तमान अंदरूनी प्रचार करती रहीं अन्य दावेदार टिकट के लिए दौड़ लगाते रहे और अंत में स्क्रिप्ट अनुसार वर्तमान का नाम समाने आया और अब वही उम्मीदवार हैं।। कुल मिलाकर एक कुटिल चाल ऐसी चली गई जिसने साबित कर दिया की राजनीति में जो दिखता है समझ में भी आता है वही सत्य नहीं होता,सत्य हमेशा चार दिवारी में बंद रहता है जो दिखाया जाता है वही देखना और उसे मानना मजबूरी होता है।
अन्य को विरोध विद्रोह का मौका न मिल पाए यह भी स्क्रिप्ट का ही था हिस्सा
पूरी स्क्रिप्ट में यह भी तय था की टिकट कब तय किया जाए कब ऐलान हो,अन्य को जिन्हे योग्यता के बाद भी प्रत्याशी नहीं बनाया गया वह विद्रोह विरोध का कम अवसर पा सकें उन्हे कुछ समझ में आए उसके पहले ही समय समाप्त हो जाए क्रमशः आगे का रास्ता नजर आए वह शांत होकर अगली पारी का इंतजार करें यही पूरी स्क्रिप्ट है जो दिख रही है। वहीं सबके सामने विधायक के प्रति नाराजगी भी दिखावा थी स्क्रिप्ट का की हिस्सा था सबकुछ यह भी समझा जा सकता है।