खड़गवां,@ग्रामीण यांत्रिकी उप संभाग कार्यालय खड़गवां की कुर्सी पर पदस्थ एसडीओ का मोह नहीं जा रहा है वर्षों से,एक ही जगह पर जमे हुए हैं अंगद के पैर की तरह

Share


-राजेन्द्र शर्मा-
खड़गवां,06 अक्टूबर 2023 (घटती-घटना)। ग्रामीण यांत्रिकी विभाग उप संभाग कार्यालय खड़गवां की कुर्सी से लगता है पदस्थ एस डी ओ का मोह नहीं जा रहा है, जो उप अभियंता से एसडीओ तक का सफर तय करने वाले एसडीओ पिछले चौदह पंद्रह वर्षों से भी अधिक समय से एक ही स्थान पर अंगद के पांव की तरह जमे हुए है। जबकि पूर्व एवं वर्तमान राज्य शासन द्वारा समय- समय पर शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों की सर्जरी की जाती रही है।
साा पक्ष के अपने आकाओं की जी हुजूरी करके अपना पोस्टिंग खड़गवां कराने में सफल रहे, और इस प्रकार लगभग 14- 15 वर्षों से एक ही स्थान पर वे जमे रहकर खड़गवां ग्रामीण यांत्रिकी विभाग उप संभाग की कुर्सी को अपना स्थाई अड्डा बना रखे है। शायद शासन- प्रशासन ने भी इस ओर ज्यादा ध्यान देना मुनासिब नही समझा, जिसके कारण ये बड़े ढिठ किस्म के हो चले हैं साथ ही ग्राम पंचायतों में होने वाले अनेक निर्माण कार्यों की गुणवाा पर भी ग्रहण लगाते चले आ रहे है।
जैसे अजगर को उसके जगह से हटाने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है, ठीक उसी किस्म के एसडीओ साहब लगते है। तथा लगता है इनको खड़गवां ग्रामीण यांत्रिकी विभाग उप संभाग का हवा-पानी कुछ ज्यादा ही भा गया है, इसीलिए खड़गवां का मोह नही छोड़ पा रहे है। इसकी दूसरी वजह यह भी है कि एसडीओ साहब को यहां मन मुताबिक निर्माण कार्य का कमीशन भी धड़ल्ले से वसूल किया जा रहा है प्रत्येक निर्माण कार्य की फाइल में दस से बीस हजार रुपए की वसूली का खेल जारी है खड़गवां ग्रामीण यांत्रिकी विभाग उप संभाग कार्यलय में बिना कमीशन के कोई भी निर्माण कार्य की फाइल हिलती तक नहीं है छूना तो दूर की बात है जब तक कमीशन की राशि नहीं मिलती फाइल पड़ी धूल खाती है मनरेगा के निर्माण कार्य और अन्य योजनाओं के तहत हुए निर्माण कार्यों की सी सी जारी करने धड़ल्ले से कमीशन कि वसूली होती है जो अन्य जगह में शायद नहीं मिले।
ग्रामीण यांत्रिकी विभाग उप संभाग कार्यलय में जब भी जाएंगे तो अन्य कर्मचारियों का जवाब रहता है कि साहब फिल्ड में गए हुए है कहां..ग्ए है पता नही..! आखिर एसडीओं साहब इतना फिल्ड करते कहां- कहां है जो ज्यादातर कार्यालय में दिखते नही.. छोडि़ए एसडीओं साहब है? कुछ भी कर सकते है। फिलहाल वे वर्षों से एक ही स्थान में पदस्थ है। जबकि शासन के नियम अनुसार उनका स्थानांतरण कब का हो जाना था। लेकिन इनको अभयदान मिलता आ रहा है। शासन-प्रशासन को इस मामले में संज्ञान लेने की जरूरत है। क्योंकी एसडीओं अगर 14- 15 वर्षों से एक ही जगह पर रह सकते है तो अन्य अधिकारी- कर्मचारी क्यों नहीं रह सकते ? क्या चुनाव आयोग के द्वारा इस तरह चौदह से पंद्रह सालों से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारीयों को क्यों नहीं हटाया जा रहा हैं ?


Share

Check Also

रायपुर@ भारतमाला प्रोजेक्ट को लेकर डॉ महंत ने गडकरी को लिखी चिट्ठी

Share ्र> सीबीआई जांच की मांग भी की… परियोजना में करोड़ों के भ्रष्टाचार का लगाया …

Leave a Reply