अंबिकापुर,20 सितम्बर 2023 (घटती-घटना)। राजीव गांधी शासकीय स्नातकोार महाविद्यालय अंबिकापुर के भूगोल विभाग का 41वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पधारे प्रो. व्हीके राय ने कहा कि भूगोल एक समग्र और अन्तर्सम्बंधित क्षेत्र का अध्ययन है। जो कि विभिन्न स्तरों पर स्थानिक संरचनाओं में होने वाले परिवर्तनों के अध्ययन से जुड़ा हुआ है। वर्तमान में भूगोल में जो नवीन तकनीक के अनुप्रयोग का प्रचलन बढ़ा है उसे रिमोट सेंसिंग तथा जीआईएस कहा जाता है। बिलासपुर बिलासा कॉलेज से पधारे भूगोल की प्राध्यापक कावेरी दाभडकर ने कहा कि विषय की बेहतर ढंग से समझ बढ़ाने के लिए संदर्भ पुस्तकों का अध्ययन आवश्यक है। व्याख्यान माला का उद्घाटन करते हुए विभाग के प्राध्यापक डॉ. अनिल सिन्हा ने कहा कि किसी भी विषय का महत्व तभी है जब वह गतिशील प्रवृçा का होने के साथ-साथ प्रौद्योगिकी से समृद्ध हो। विषय में सम्मिलित होने वाले नवाचारों को समझना आज की आवश्यकता है।
इस अवसर पर भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. आरके जायसवाल ने अपने स्वागत भाषण में कहा की सरगुजा क्षेत्र के इस महाविद्यालय में वर्ष 1983 में भूगोल विषय प्रारंभ हुआ था और आज वह दिवस है जिस दिन शासन से इस विषय को खोले जाने की अनुमति मिली थी और मेरी प्रथम पदस्थापना भी यहां की गई थी।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए विभाग की प्राध्यापिका प्रोफेसर दीपिका स्वर्णकार ने आज के दिवस की प्रासंगिकता तथा विद्वान प्राध्यापको की उपस्थिति को इस विभाग के लिए महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर मां सरस्वती के फोटो चित्र पर माल्यार्पण करते हुए स्नातकोार भूगोल परिषद के अध्यक्ष कुमारी चंचल गुप्ता, सचिव पंकज तिवारी ने अतिथियों को पुष्प गुच्छ प्रदान कर उनका स्वागत किया। व्याख्यान माला के अवसर पर विभाग के अतिथि प्राध्यापक ओमकार कुशवाहा तथा शासकीय महाविद्यालय लखनपुर से पधारे प्रोफेसर प्रेमचंद यादव तथा स्नातकोार भूगोल के दोनों कक्षाओं के सभी छात्र उपस्थित रहे।
