खड़गवां,@कूलर आलमारी के नाम पर है फर्म बोर उत्खनन हैडंपंप सबमर्सिबल पंप भी सप्लाई कर दिया

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-राजेन्द्र शर्मा-
खड़गवां,14 सितम्बर 2023 (घटती-घटना)। ग्राम पंचायत देवाडाड के सचिव और सरपंच के बडे बडे कारनामे सामने आया रहे हैं सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी मे एक मामला आया कि ग्राम पंचायत में हैडंपंप खनन का कार्य बोरवेल के कार्य करने वाले के द्रारा हैडंपंप खनन का कार्य किया जाता है। देवाडाड ग्राम पंचायत में प्राप्त बिल से ये प्रामाणित हो रहा है कि हैडंपंप खनन का कार्य का बिल कूलर आलमारी बेचने वाले दुकानदार का उपयोग कर राशि आहरण किया गया है ग्राम पंचायत देवाडाड के सरपंच सचिव एवं दुकानदार के मध्य सांठगांठ का खेल यूं तो बरसों से चला आ रहा है मगर इन दिनों मामला फिर से चर्चा में है। फर्म कूलर स्टील आलमारी से संबंधित है मगर ग्राम पंचायत देवाडाड मे हैडंपंप खनन का बिल लगाया गया है और हैडंपंप सप्लाई किया गया है।
जबकि हैंडपंप खनन करने वाले बोरवेल वालो के खनन का रजिस्ट्रेशन लोक स्वास्थ्य यात्रिकी विभाग में होता है एवं जीएसटी नंबर आदि के तहत इनके द्रारा खनन का कार्य किया जाता है ग्राम पंचायत देवाडाड मे जिस फर्म का खनन बिल लगाया गया है वो फर्म कूलर आलमारी पंखा आदि की है और उसका बोरवेल खनन का फर्जी बिल लगाकर राशि भी आहरण कर ली गई है।मजे की बात तो ये भी है कि लोक स्वास्थ्य यात्रिकी विभाग का इंजिनियर भी इस बिल के तहत एमबी भी कर दिया है इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोक स्वास्थ्य यात्रिकी विभाग के अधिकारी कितने सजग है उन्हें अपने कमीशन से मतलब है चाहे कुछ भी लिखा लो कुछ भी करा लो इससे ऐसा प्रतीत होता है कि सथल का भी अधिकारी ने निरीक्षण नहीं किया गया होगा।
निर्माण में इस्तेमाल कि गई सामग्री अपनी गुणवत्ता खुद बयां कर रही हैं कि हैडंपंप की समाग्री कि गुणवाा में किस कदर अनियमितता बरती गई और घटिया सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया। नियमों को भी ताक पर रख कर गुपचुप तरीके से सरपंच और फर्म संचालक के मध्य सांठगांठ के कई और किस्से व कारनामे सामने आये हैं जो यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि सरपंच से इसकी सॉलिड सेटिंग है। दरअसल, यह फर्म एक कूलर आलमारी से संबंधित है और पूरे सभी ग्राम पंचायतों में बोरवेल, खाद, सामग्री, प्रोफाइल सीट, राड सीमेंट जेसीबी ट्रेकटर आदि काम पर दिए जाते हैं और कूलर आलमारी सप्लाई करने का काम करने वाला कैसे इन सभी समाग्रियों को सपलाई करता है जबकि जीएसटी नंबर के लिए कूलर आलमारी का रजिस्ट्रेशन नंबर लिया गया है और दूसरी समाग्री की सपलाई कर रहा हर समाग्री का जीएसटी अलग अलग रहता है जिस फर्म संचालक के द्रारा इन समाग्रियों का बिल दिया जा रहा है उन्हें ये समाग्री बेचने का जीएसटी नंबर नहीं लिया गया है और गलत और फर्जी बिल लगा कर फर्म, संचालक और सरपंच साठगांठ कर शासन के जीएसटी की चोरी कर शासन के राजस्व कि हानि कर आपना लाभ अरजित कर रहे हैं। सरपंच देवाडाड ने ऐसा बिल प्रस्तुत किया है जो कि चौंकाने वाला हैं जिस फर्म का बिल प्रस्तुत किया गया है वहां संस्था कूलर आलमारी की है जिससे हैडंपंप और सबर्मसिबल पंप पाइप तक सप्लाई करना बताया है। जबकि यह फर्म इलेक्ट्रीकल की नहीं है यहां कूलर आलमारी आदि की फर्म है।
इस तरह के बिलों को अधिकारी नहीं देखते…
कार्यालय में बैठे अधिकारी इस तरह के फर्जी बिलों की जाच करनी चाहिए कि ये बिँल किस फर्म के द्रारा किस समाग्री बिक्री करने का जीएसटी नंबर लिया गया है और जो बिल लगाया गया है उस फर्म को समाग्री बिक्री करने का अधिकार है उस समाग्री बिक्री का जीएसटी नंबर है मगर कार्यालय में बैठे अधिकारी को इतनी फुर्सत कहा जो ये सब जाच करें उन्हें तो सिर्फ अपने हिस्से दारी से मतलब है?
क्या देखकर ग्राम पंचायत में विभागीय आडिट किया जाता है ?
क्या आडिट करने वाले अधिकारी को ये बिल जिनमें सपष्ट भ्रष्टाचार किया जाना और सरकार के राजस्व की हानि होना प्रमाणित होने के बाद और अधिकारी के सामने कैशबुक बिल भाउचर होने के बाद भी किसी प्रकार की कोई कमी नहीं निकाली जाती है सब कुछ सही कर अपनी जेब गरम कर रहे हैं और सरकार एवं जनता के टैक्स के पैसों का धडल्ले से बंदरबांट किया जा रहा है। इस संम्बंध मे ग्राम पंचायत के सचिव के मोबाइल नंबर से संपर्क कर जानकारी लेने की कोशिश की गई उनका मोबाइल नंबर बंद आ रहा है।


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