बैकुण्ठपुर,@जिस तत्कालीन थाना प्रभारी पटना की उपस्थिति में पटना के दुर्गा पूजा पंडाल में परोसी गई थी फुहड़ता उनकी फिर हुई थाने में वापसी

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  • फुहड़ता परोसने के दौरान हुई थी हवाई फायरिंग भी,मंच पर फुहड़ता के बीच बैठे थे उस समय तत्कालीन थाना प्रभारी
  • वर्तमान जनपद उपाध्यक्ष बैकुंठपुर के पिता थे उस समय पटना पुलिस थाने के थाना प्रभारी,पुनः आए पटना थाने
  • कोरिया जिला है उनका गृह जिला,जनपद उपाध्यक्ष ने की है विधानसभा बैकुंठपुर से कांग्रेस से दावेदारी
  • जनपद उपाध्यक्ष बैकुंठपुर का यदि कांग्रेस पार्टी करेगी टिकट तय पिता करेंगे उनकी मदद:सूत्र
  • जनपद उपाध्यक्ष के पति भी हैं शिक्षक,पांच सालों से बिना विद्यालय जाए ले रहें हैं लगातार वेतन:सूत्रों का आरोप
  • खुद की जगह स्कूल में पढ़ाने जनपद उपाध्यक्ष ने रखा है स्कूल में किराए का शिक्षक,खुद करते हैं नेतागिरी:सूत्र
  • पति और पिता मिलकर सम्हालेंगे दो शासकीय विभाग,जनपद उपाध्यक्ष को बनाना चाहते हैं वह विधायक
  • क्या जनता ऐसे किसी प्रत्याशी को विधायक बतौर करेगी स्वीकार जिसके परिवार के लोग ही शासकीय सेवा में करते रहें हैं कोताही?


-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर,13 सितम्बर 2023 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के चार पुलिस थाना अंतर्गत एक उप निरीक्षक की तबादला पश्चात पदस्थापना पुलिस थाना पटना में हुई है, यह उप निरीक्षक पहले पुलिस थाना पटना में कार्य कर चुके हैं और वह बतौर थाना प्रभारी कार्य किए हैं और जब वह पटना थाना के थाना प्रभारी थे तब एक बड़ी घटना थाना क्षेत्र में घटी थी जिसकी गूंज प्रदेश सहित देशभर में गूंजी थी, मामला था दुर्गा पूजा पंडाल में दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान फूहड़ नृत्य का जिसमे बंदूक से हवाई फायरिंग भी हुई थी और उस दौरान फूहड़ नृत्य उत्सव में खुद तत्कालीन थाना प्रभारी मंच पर मौजूद थे, जिसकी फोटो भी वायरल हुई थी और उस समय मामला सभी अखबारों की सुर्खियां बना था। मंच पर बैठे उस समय के तत्कालीन थाना प्रभारी जो फिलहाल उप निरीक्षक पद पर पुनः पुलिस थाना पटना पहुंचे हैं, वह फूहड़ नृत्य के बीच जब अपने थाना प्रभारी के कार्यकाल में मंच पर उपस्थित थे तब उनके ऊपर भी पैसों की बारिश हुई थी जो उस समय देखा सुना गया था।
मामला वर्ष 2016 अक्टूबर माह का था तब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी और उस समय थाना प्रभारी रहे उप निरीक्षक बनकर वर्तमान में पहुंचे, उप निरीक्षक भाजपा में पहुंच पकड़ वाले माने जाते थे, उस समय मामले में उनकी खूब आलोचना हुई थी जांच तक उच्च स्तरीय किए जाने की बात हुई थी, लेकिन उनकी उस समय की सरकार में पहुंच पकड़ काम आई थी और वह मामले से बच निकले थे, अब मामला उलट है प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार है उस समय के थाना प्रभारी पटना रह चुके उप निरीक्षक पुनः थाना पटना तबादला कराकर पहुंचे हैं और अब भी उनकी पहुंच पकड़ ही उनके काम आई है, क्योंकि वर्तमान में उनकी ही बेटी जनपद उपाध्यक्ष बैकुंठपुर हैं और कांग्रेस पार्टी की नेत्री भी हैं, वहीं उनके दामाद भले शासकीय सेवा में शिक्षक हैं वह बिना स्कूल जाए वेतन ले रहें हैं ऐसा सूत्रों कहना है और वह खुलकर नेतागिरी में पत्नी के साथ सत्ता का लाभ ले रहें हैं और सााधारी दल का होने की वजह से विभाग के अधिकारी भी उनके मामले में मौन हैं,जबकि एक दिन भी किसी शिक्षक की अनुपस्थिति में जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी शिक्षक को परेशान कर देते हैं, लेकिन जनपद उपाध्यक्ष पति होने के नाते शिक्षक पति बच निकल रहे हैं। वैसे जनपद उपाध्यक्ष बैकुंठपुर सत्ताधारी दल से उम्मीदवारी चाहती हैं और यही वजह है की वह अब अपने लिए अपने चुनाव में संभावित उम्मीदवार होने की वजह से एक आधार निश्चित कर रही हैं और उनके पिता का पुलिस थाना पटना में उप निरीक्षक बनकर आना इसी का एक प्रयास माना जा रहा है। अब पिता पति मिलकर दो शासकीय विभाग सम्हालने वाले हैं यदि जनपद उपाध्यक्ष को प्रत्याशी सत्ताधारी दल से बनाया जाता है यह लोग कयास लगा रहें हैं।
फूहड़ नृत्य और हवाई फायरिंग के बीच वर्ष 2016 में जनपद उपाध्यक्ष बैकुंठपुर के पिता जो तत्कालीन थाना प्रभारी पटना थे मंच पर मौजूद रहकर फूहड़ नृत्य का मजे ले रहे थे
बता दें जनपद उपाध्यक्ष के पिता जो एक उप निरीक्षक हैं पुलिस विभाग में और वर्ष 2016 में वह पुलिस थाना पटना के प्रभारी थे और उस समय एक बड़ी घटना जिसने पुलिस विभाग को ही शर्मशार किया था वह थाना क्षेत्र में घटी थी जिसमे दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान एक पूजा पंडाल में उनके ही थाना क्षेत्र में फूहड़ नृत्य रातभर चलता रहा था और थाना प्रभारी मंच पर ही मौजूद थे, उस दौरान हवाई फायरिंग भी हुई थी और मामला राज्य स्तर तक पहुंचा था। अब वही उप निरीक्षक पुनः थाना पटना तबादला कराकर पहुंचे हैं। थाना प्रभारी जनपद उपाध्यक्ष बैकुंठपुर के पिता हैं और उस समय वह थाना प्रभारी पटना थे साथ ही वह फूहड़ नृत्य के साक्षी बने थे और मंच पर ही बैठकर फूहड़ नृत्य का समर्थन कर रहे थे और उनकी मौजूदगी में ही उसी दिन हवाई फायरिंग भी हुई थी।
उप निरीक्षक का गृह जिला भी है कोरिया जिला,क्या अपनी पुत्री के कांग्रेस पार्टी से प्रत्याशी घोषित होने की संभावनाओं के बीच उन्होंने चुनाव में मदद के हिसाब से कराया है तबादला?
उप निरीक्षक वर्ष 2016 में तत्कालीन थाना प्रभारी पटना रह चुके उप निरीक्षक का पुनः पुलिस थाना पटना में तबादला कराकर आना इसके पीछे की वजह यह मानी जा रही है की वह जनपद उपाध्यक्ष अपनी पुत्री के कांग्रेस पार्टी से प्रत्याशी बनाए जाने की स्थिति में उनकी मदद करने पहुंचे हैं, वैसे उप निरीक्षक का गृह जिला भी कोरिया जिला ही है और इस अनुसार वह विभागीय मदद तो करेंगे ही वह जनपद उपाध्यक्ष पुत्री के लिए क्षेत्रीय होने की वजह से भी मदद कर पाएंगे जाति समाज समुदाय में वह मदद का प्रयास करेंगे यह उनके तबादले के पीछे की वजह मानी जा रही है।
जनपद उपाध्यक्ष बैकुठपर के पति भी हैं शिक्षक,पांच सालों से बिना स्कूल जाए ले रहें हैं वेतन,वह भी शिक्षा विभाग में रखते हैं धमक,चुनाव में प्रत्याशी बनाए जाने पर पत्नी की करेंगे वह मदद
जनपद उपाध्यक्ष बैकुंठपुर के पति भी शासकीय शिक्षक हैं,वह पांच सालों से बिना स्कूल जाए वेतन प्राप्त कर रहें हैं यह सभी जानते भी हैं, उनकी उपस्थिति पत्रक की यदि जांच की जाए तो वह एक ही दिन में स्कूल में भी रहते हैं और वह राज्य स्तर से लेकर जनपद स्तर तक पत्नी के साथ राजनीतिक मंच पर्दे के पीछे से साझा करते हैं,उनका शिक्षा विभाग में अच्छा असर है अधिकारी उनसे भय खाते हैं जो देखा सुना जाता रहा है,माना जा रहा है की जनपद उपाध्यक्ष पत्नी जो कांग्रेस पार्टी से टिकट की दावेदारी कर रहीं हैं उनकी मदद वह शिक्षा विभाग में अपनी धमक के आधार पर करेंगे यह उनकी तैयारी है। वैसे वह फिलहाल किराए के शिक्षक के भरोसे अपना स्कूल चला रहें हैं जो छत्तीसगढ़ प्रदेश में एक अनोखा और पहला मामला भी है।
क्या जनता ऐसे लोगों को करेगी स्वीकार? जिन्होंने शासकीय अपनी विभागीय जिम्मेदारियों को ही निभाने में की हो कोताही,क्या कांग्रेस पार्टी भी ऐसे किसी को बनाएगी प्रत्याशी?
सवाल यह भी है की जनपद उपाध्यक्ष को यदि कांग्रेस पार्टी अपना प्रत्याशी बनाती है तो वह जनता के बीच क्या उदाहरण लेकर जायेगी,क्या ऐसे किसी व्यक्ति को जनता भी स्वीकार करेगी जिसके परिवार के ही लोग शासकीय सेवा की अपनी जिम्मेदारियों से भागते रहें हैं और केवल वेतन लेते रहें हैं,जनपद उपाध्यक्ष बैकुंठपुर के मामले में उनके पिता उनके पति दोनो ही सवालों के घेरे में हैं,अब देखना है की एक राष्ट्रीय पार्टी देश की सबसे पुरानी पार्टी बैकुंठपुर विधानसभा में क्या उदाहरण प्रस्तुत करने जा रही है,सभी की निगाहें इसी ओर हैं और लोग देखना चाहते हैं की क्या सत्ताधारी दल किसी ऐसे दावेदार पर दांव लगाएगी जो पहले से ही सवालों के घेरे में हो और साथ ही उसके कारण यह सवाल पार्टी के लिए प्रदेश स्तर का मुद्दा विपक्ष के लिए बन जाए।
उपनिरीक्षक की हुई थी घर वापसी
कुछ महीने पहले प्रदेश में पुलिस विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर तबादला किया गया था,जिसमें निरीक्षक उपनिरीक्षक के तबादले शामिल है लेकिन इस तबादला सूची जारी होने के बाद अब कई कमियां इसमें देखी जा रही है, जिस वजह से कर्मचारियों में रोष भी था और कुछ कर्मचारियों का यह भी कहना है कि सूची में राज्य के ट्रांसफर नीति का उल्लंघन हुआ है, कई पुलिसकर्मियों को चुनाव के समय ही अपने गृह जिले में भेजा गया है जो नियम से नहीं भेजा जाना था, जिसमे एक नाम कोरिया जिले के तत्कालीन थाना प्रभारी पटना व वर्तमान जनपद उपाध्यक्ष पिता आरपी साहू का भी था जिनका तबादला सरगुजा से कोरिया किया गया था, अब उन्हें बेटी के ससुराल क्षेत्र का थाना भेजा गया है आदेश नहीं निकला है पर मौखिक आदेश में 7 दिन पहले भेजा गया है।
फूहड़ नृत्य मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी पटना,वर्तमान जनपद उपाध्यक्ष बैकुंठपुर के पिता की संलिप्तता की आईजी स्तर पर हुई थी जांच,डीएसपी को बनाया गया था जांच अधिकारी
बता दें की वर्ष 2016 में दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान पटना के एक दुर्गा पूजा पंडाल में फूहड़ नृत्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ था जहां खुलेआम एक व्यक्ति ने बंदूक से वह भी अत्याधुनिक बंदूक से हवाई फायरिंग भी की थी साथ ही वह कार्यक्रम में भीड़ में बंदूक लेकर बैठा भी था,पूरी पुलिस टीम का नेतृत्व कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी कर रहे थे और वह स्वयं मंच पर बैठकर फूहड़ नृत्य का आनंद ले रहे थे जिसका वीडियो और फोटो वायरल हुआ था जिसमे थाना प्रभारी के ऊपर भी पैसों की बारिश की जा रही थी,उस समय तत्कालीन पुलिस अधिक्षक सुजीत कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया था और आईजी सरगुजा ने भी मामले में संज्ञान लिया था और डीएसपी रैंक के अधिकारी से उन्होंने जांच का आदेश दिया था, उस समय कार्यवाही क्या हुई थी जांच का क्या परिणाम आया था वह तो अब विभाग जाने लेकिन विभाग की किरकिरी खूब हुई थी जो विभाग ने भी स्वीकार किया था।
कुछ सवाल
सवाल-क्या जनता ऐसे लोगों को करेगी स्वीकार?
सवाल-जिन्होंने शासकीय अपनी विभागीय जिम्मेदारियों को ही निभाने में की हो कोताही, क्या कांग्रेस पार्टी भी ऐसे किसी को बनाएगी प्रत्याशी? जिसके परिवार ने नहीं निभाई अपनी जिम्मेदारी?
सवाल-क्या जनता ऐसे किसी प्रत्याशी को विधायक बतौर करेगी स्वीकार जिसके परिवार के लोग ही शासकीय सेवा में करते रहें हैं कोताही?


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