अंबिकापुर,11 अगस्त 2023 (घटती घटना) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबिकापुर के सचिव अमित जिंदल के मार्गदर्शन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबिकापुर की श्चद्ब1 कुमारी दुर्गा सिंह के द्वारा आज दिनांक 6/08/23 को अम्बिकापुर के अजीरमा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कर वहां उपस्थित छात्रों को एसिड हमले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि एसिड अटैक अपराध का एक ऐसा खतरनाक रूप है जो पीडि़त का जीवन दयनीय बना देता है। यह मूल रूप से किसी के जीवन को बर्बाद करने के लिए किया जाता है। एसिड अटैक (तेजाब फेंकना) की शिकार ज्यादातर महिलाएं होती हैं। इसके पीछे एक सामान्य कारण है प्रेम संबंधी विवाद है यह समस्या छोटी सोच वाले लोगों के कारण उत्पन्न होती है जो अपने जीवन में अस्वीकृति का सामना नहीं कर सकते। एसिड हमले का नुकसान ये होता है की तेजाब के कारण पीडि़तों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली जाती है, साथ ही चेहरे और शरीर पर स्थायी निशान पड़ जाते हैं, खोपड़ी आंशिक रूप से नष्ट हो जाती है और बाल झड़ जाते हैं, कान आमतौर पर आंशिक रूप से या पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाती है बहरापन हो सकता है, नाक सिकुड़ सकती है पूरी तरह से बंद हो सकती है कभी-कभी होंठ और गाल आंशिक रूप से या पूरी तरह से नष्ट हो सकते हैं और द खाना और बोलना मुश्किल हो जाता है। तेजाब हमले की पीडि़ताओं की कभी कभी मौत भी हो जाती है। देश में एसिड अटैक जैसे खतरनाक और जानलेवा – अपराध को रोकने के लिए कड़े क¸ानून बनाये गए हैं भारतीय दंड संहिता की धारा 326 ्र के अंर्तगत किसी व्यक्ति ने अगर जानबूझकर अन्य व्यक्ति पर तेजाब फेंका और स्थाई या आंशिक रूप में नुकसान पहुंचाया तो इसे गंभीर जुर्म माना जाएगा। अपराध गैर मानती होगा। दोषी को कम से कम 10 साल और अधिकतम उम्रकैद हो सकती है। यह भी प्रावधान है कि दोषी पर उचित जुर्माना होगा और यह रकम पीडि़ता को दिया जाएगा।
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