बेंगलुरु ,02 अगस्त 2023 (ए)। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा को जनहित से ऊपर बताते हुए भारत हेवी इलेक्टि्रकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) द्वारा एक चीनी कंपनी से संबंध रखने वाली एक निजी कंपनी को दिए गए टेंडर को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया। पीठ ने कहा, सक्षम प्राधिकारी के साथ पंजीकरण की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना केवल जनहित का दावा राष्ट्रीय हित के खिलाफ नहीं किया जा सकता है।
अदालत ने बीएचईएल के इस तर्क को खारिज कर दिया कि इस स्तर पर हस्तक्षेप से परियोजना को लागू करने में देरी होगी। पीठ ने इस तर्क पर भी ध्यान नहीं दिया कि टेंडर रद्द करने से सरकार के खजाने पर वित्तीय दबाव पड़ेगा क्योंकि 50 फीसदी काम पहले ही पूरा हो चुका है।पीठ ने कहा कि बीटीसी ईपीसी लिमिटेड तकनीकी रूप से बोली के लिए योग्य नहीं थी और चीनी कंपनी के साथ उसके कंसोर्टियम ने उसे बोली के लिए योग्यता प्रदान की थी। बीटीसी ईपीसी लिमिटेड के वकील ने कहा कि वह बोली में भाग लेने वाली एकमात्र कंपनी थी और चीनी कंपनी के साथ उसका कंसोर्टियम केवल डिजाइन और इंजीनियरिंग प्रदान करने के लिए था। लेकिन पीठ ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।ठ ने बीएचईएल को अपीलकर्ता नोएडा स्थित कंपनी की बोली पर विचार करने का निर्देश दिया। पीठ ने बीएचईएल को उच्चतम न्यायालय में अपील करने के लिए चार सप्ताह का समय भी दिया है।
