एमसीबी@क्या मनेद्रगढ़ विधायक फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर आरक्षण का लाभ प्राप्त कर बने हुए हैं डॉक्टर?

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  • क्या सत्ताधारी दल के विधायक पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र का मामला पंजीबद्ध होगा?
  • विधायक के जाति प्रमाण पत्र की जांच के लिए थाने में हुई शिकायत है
  • मनेंद्रगढ़ विधायक पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के लाभ लेने का आरोप

-रवि सिंह-
एमसीबी 27 जुलाई 2023 (घटती-घटना)। क्या मनेंद्रगढ़ विधानसभा के वर्तमान विधायक फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चिकित्सक बने हुए हैं, क्या उन्होंने गलत तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाकर खुद के लिए आरक्षित कोटे से मेडिकल छात्र की सीट हथियाई थी और उसी आधार पर वह चिकित्सक बने हुए हैं यह सवाल अब उठने लगा है? क्योंकि उनके जाति प्रमाण के फर्जी होने का मामला अब पुलिस थाने पहुंचा हुआ है और मामले में एक व्यक्ति ने मय सबूत शिकायत प्रस्तुत की है और कार्यवाही की मांग की है। पुलिस थाने में शिकायत करने वाले बिजेंद्र कुमार ने यह दावा किया है की मनेंद्रगढ़ विधायक जो चिकित्सक भी हैं के द्वारा अपनी पैतृक जाति छिपाई गई है और जाति छिपाकर उन्होंने गलत तरीके से पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र हासिल किया है जिस आधार पर वह चिकित्सक बन सके हैं।
मनेंद्रगढ़ विधायक की जाति मामले में पहले भी सवाल उठाए गए हैं लेकिन पूर्व में उठाए गए सवाल इसलिए जोर नहीं पकड़ सके क्योंकि इसको लेकर किसी ने शिकायत कभी नहीं की वहीं वह सत्ता में विधायक हैं इसलिए भी मामले में किसी ने सामने आकर शिकायत नहीं की और मामला दबा रह गया, अब एक शिकायत पुलिस थाना खड़गवां में की गई है और शिकायतकर्ता ने शिकायत अपने नाम से की है, पूरे मामले में शिकायतकर्ता की शिकायत दर्ज हुई है की नहीं यह अभी जानकारी प्राप्त नहीं है लेकिन शिकायतकर्ता ने मामले में कार्यवाही की मांग जरूर की है और जांच कर कार्यवाही होती है की नहीं यह बड़ा सवाल है? क्योंकि सत्ताधारी दल के विधायक पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर पिछड़ी जाति का लाभ लेकर मेडिकल छात्र की सीट हथियाने और उसके बाद चिकित्सक बनने का यह गंभीर आरोप है और जो यदि सही पाया जाता है तो मामला अत्यंत गंभीर हो जाता है क्योंकि यदि आरक्षण का लाभ फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर विधायक ने पूर्व में लिया और अपने लिए पिछड़ा वर्ग से मेडिकल की सीट हथियाई तो निश्चित ही एक पात्र पिछड़ा वर्ग अभ्यर्थी की उस समय के उन्होंने अधिकार को प्रभावित किया और उसे उसके अधिकार से वंचित किया।
मनेंद्रगढ़ विधायक की जाति मामले में शिकायतकर्ता का है आरोप,पूर्वज हैं सामान्य वर्ग से विधायक ने लिया पिछड़ी जाति का लाभ
एमसीबी जिले के खड़गवां पुलिस थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम जिल्दा निवासी बिजेंद्र कुमार ने पुलिस थाना खड़गवां में एक शिकायत पत्र प्रस्तुत किया है जिसमे वह मनेंद्रगढ़ के विधायक साथ ही चिकित्सक डॉक्टर विनय जायसवाल की जाति को लेकर आरोप लगा रहे हैं और उनकी शिकायत है की मनेंद्रगढ़ विधायक ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर मेडिकल सीट अपने लिए प्राप्त की और एक पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थी को उन्होंने नुकसान पहुंचाया जिसको लेकर कार्यवाही आवश्यक है। शिकायतकर्ता की शिकायत अनुसार तहसील कार्यालय मनेंद्रगढ़ से जाति प्रमाण पत्र रा प्र क्रमांक 401/ब ट्ठ121/95ट्ठ96 दिनांक 25/07/1996 का प्रमाण पत्र प्राप्त कर आरक्षित सीट पर दाखिला प्राप्त किया था डॉक्टर विनय जायसवाल ने जो प्राप्त अभिलेखों के अनुसार डॉक्टर विनय कुमार जायसवाल के परदादा स्व रामसुंदर आत्मज गंगाराम के नाम से प्राप्त मिसल बंदोबस्त के अनुसार 1947,1948 के अभिलेख में उनके दादा की जाति जैसवाल बनिया अंकित है जो की बनिया जाति सामान्य वर्ग की श्रेणी में आती है, चूंकि किसी व्यक्ति की जाति का प्रमाण पत्र उस व्यक्ति के पूर्वजों के मिशल बंदोबस्त भूमि के दस्तावेजों बी 1 खसरा जैसे दस्तावेजों के माध्यम से देखा जा सकता है और इनके वंशवृक्ष में साफ है की वह बनिया सामान्य जाति के हैं। वंशवृक्ष के अनुसार रामसुंदर आत्मज स्व गंगाराम की जाति बनिया जैसवाल दर्ज है जबकि डॉक्टर विनय जायसवाल आत्मज रमेश चंद्र जायसवाल के शाला स्थानांतरण प्रमाण पत्र के कालम में जायसवाल दर्ज है जो की 2620/17/07/1996 के प्रमाण पत्र में दर्ज किया हुआ है इस तरह यदि देखा जाए तो डॉक्टर विनय जायसवाल के पूर्वज जैसवाल बनिया सामान्य वर्ग से आते हैं और वहीं डॉक्टर विनय कुमार जायसवाल ने खुद के लिए कलार जाति का जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया हुआ हुआ जो कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर बनी हुई जाति प्रमाण पत्र है। शिकायतकर्ता मामले में कार्यवाही की मांग करते हुए जल्द मामले में जांच सहित उचित कार्यवाही की मांग करने आवेदन प्रस्तुत किया है।
विधायक का जाति प्रमाण पत्र है फर्जी तो निश्चित ही मामला है गंभीर,क्या होगी जांच और कार्यवाही
मनेंद्रगढ़ विधायक जो चिकित्सक भी हैं और जिनके ऊपर जिल्डा निवासी बिजेंद्र कुमार ने यह आरोप लगाया है की उन्होंने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर मेडिकल कोटे से अपने लिए सीट हथियाई थी और वह पिछड़ी जाति का बनकर एक पिछड़ी जाति के अभ्यर्थी को नुकसान पहुंचा चुके हैं के मामले में यदि शिकायत सही है तो मामला गंभीर है क्योंकि सामान्य वर्ग का होकर विधायक ने पूर्व में पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र हासिल किया और फिर पिछड़ा वर्ग कोटे से वह चिकित्सक बन गए। मामले में क्या जांच होगी क्या कार्यवाही होगी यह बड़ा सवाल है क्योंकि सत्ताधारी दल का विधायक होने के नाते वह मामले को दर्ज भी होने देंगे यह सवाल है। वैसे मामले में जांच एवम कार्यवाही होनी चाहिए क्योंकि जन प्रतिनिधि मामले में यदि शिकायत पर जांच नहीं होगी तो व्यवस्था पर प्रश्न उठेगा और यह सवाल भी उठेंगे की क्या सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर कुछ भी गलत किया जा सकता है और उसे छिपाया जा सकता है।


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