एमसीबी,@क्या विधायक के तारीफों के कसीदे पढ़ने वाले पत्रकारों को मिल रहा स्वेच्छानुदान?

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  • मनेंद्रगढ़ विधानसभा में विगत साढ़े चार सालों में विधायक की नजर में एल्डरमैन,कांग्रेस कार्यकर्ता,पार्षद,एन एस यू आई पदाधिकारी,पत्रकार ही सबसे गरीब और जरूरतमंद
  • विधायक के फजीहत के बाद भी पत्रकारों का नाम स्वेक्षानुदान की सूची में शामिल
  • गरीब जरूरतमंद लोगों का हक मनेंद्रगढ़ विधायक ने उन्हें बांटा जिन्हे मिलता है शासन से मानदेय
  • एल्डरमैन को भी दी विधायक स्वेक्षानुदान राशि,एल्डरमैन भी विधायक की नजर में गरीब जरूरतमंत
  • कांग्रेस कार्यकर्ताओं, एनएसयूआई पदाधिकारियों, एल्डरमैन सहित पत्रकारों के परिजनों को मिली विधायक स्वेक्षानुदान राशि
  • असली गरीब जरूरतमंद तक शासन की महत्वाकांक्षी योजना विधायक स्वेक्षानुदान पहुंच ही नहीं पा रही


-रवि सिंह-
एमसीबी,26 जुलाई 2023 (घटती-घटना)। मनेंद्रगढ़ विधानसभा में विधायक स्वेक्षानुदान की राशि के बंदरबांट का मामला फिर एक बार सुर्खियों में है। इस बार विधायक ने एल्डरमैन को भी गरीब जरूरतमंद मानकर स्वेक्षानुदान प्रदान किया है और जो मामला अब सामने है। एल्डरमैन सहित एन एस यू आई पदाधिकारी,कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के परिजनों को जरूरतमंद और गरीब बताकर स्वेक्षानुदान राशि प्रदान की गई है जो जारी सूची देखकर समझा जा सकता है। मनेंद्रगढ़ विधायक द्वारा अपने अब तक के साढ़े चार साल के कार्यकाल के दौरान बांटे गए स्वेक्षानुदान राशि की बात की जाए तो एक बात हर बार सामान्य नजर आएगी की उन्होंने गरीब जरूरतमंद केवल उन्हे ही माना है जो या तो पत्रकार हों,या कांग्रेस के कार्यकर्ता,पार्टी से पार्षद हों,कांग्रेस विचारधारा वाले छात्र संघ एन एस यू आई के पदाधिकारी हों, एल्डरमैन हों या विधायक के बिल्कुल खास हों।
विधायक ने असल जरूरतमंद साथ ही गरीब को कभी यह राशि प्रदान नहीं की जो उनके पूरे कार्यकाल की बड़ी बातों में से एक है। हाल ही में फिर उन्होंने एक सूची जो सामने आई है उसके अनुसार विधायक स्वेक्षानुदान राशि का भुगतान किया है जिसमें लाभार्थी जो गरीब और जरूरतमंद हैं वह एल्डरमैन भी हैं जिन्हे शासन से मानदेय भी मिलता है,जिनकी अपनी निधि भी होती है, कांग्रेस के कार्यकर्ता, एनएसयूआई पदाधिकारी, पत्रकारों के परिजन हैं। अब कौन कितना जरूरतमंद है यह विधायक ने देखकर ही और जांच करके ही उसे यह अनुदान प्रदान किया होगा जो सूची अनुसार सभी के सामने है।
गरीब जरूरतमंद के लिए है शासन की महत्वाकांक्षी योजना विधायक स्वेक्षानुदान राशि
विधायक स्वेक्षानुदान राशि शासन की महत्वाकांक्षी योजना है जिसके तहत वह गरीब जरूरतमंद को जरूरत पर मदद करने के उद्देश्य से यह अधिकार विधायक को प्रदान करती है की वह आवश्यकता वाले लोगों की पहचान कर उन्हें यह राशि प्रदान करें जिससे उनकी समय पर मदद हो सके। शासन की तरफ से इस मामले ने पूरा अधिकार विधायक को प्रदान किया गया है की वह चिन्हित कर ऐसे लोगों को भुगतान करें जिन्हे असल मायने में मदद की जरूरत हो।
विधायक ने बदल डाली गरीब जरूरतमंद की परिभाषा, स्वेक्षानुदान लेने वाले भी समय समय पर बन जा रहे गरीब और जरूरतमंद, छीन रहे लोगों का हक
मनेद्रगढ़ विधानसभा के वर्तमान विधायक ने गरीब जरूरतमंद शब्द की परिभाषा ही बदल डाली है, उनकी नजर में उनके पूरे कार्यकाल के दौरान गरीब और जरूरतमंद वही है जो पत्रकार है,जो एल्डरमैन है,जो कांग्रेस का कार्यकर्ता है,जो एन एस यू आई छात्र संघ का पदाधिकारी है जो विधायक का खास है या पार्टी से वह पार्षद है, इसके अलावा किसी अन्य को उन्होंने कभी पात्र नहीं पाया जो उनके पूरे कार्यकाल के स्वेक्षानुदान राशि के भुगतान की सूची देखकर कहा जा सकता है। वहीं स्वेक्षानुदान लेने वाले भी महान हैं वह स्वेक्षानुदान लेने गरीब जरूरतमंद बन जा रहें हैं जबकि असल में वह संपन्न हैं और उनसे अधिक किसी अन्य को इसकी जरूरत है। जरूरतमंद का हक और अधिकार विधायक सहित उनके स्वेदशानुदान सूची में दर्ज ऐसे लोग खा जा रहे हैं जिन्हे जरूरत ही नहीं ऐसे अनुदान की जिसपर उनका कम से कम हक भी नहीं।
अपना चेहरा चमकाने भी बांट रहे विधायक स्वेक्षानुदान राशि,चुनाव में मदद का आश्वासन भी स्वेक्षानुदान राशि प्रदान कर ले रहे विधायक,सूत्र
स्वेक्षानुदान राशि मनेंद्रगढ़ विधायक उन्हे ही दे रहें हैं जिनसे उन्हें आने वाले चुनाव में उम्मीद है की वह उन्हे जीत दिलाने में मदद करेंगे,वहीं अपना चेहरा भी वह इसके माध्यम से चमकाने का प्रयास कर रहें हैं,जिन्हे भी यह अनुदान मिल रहा है वह विधायक के ऋणी होते जा रहे हैं और आने वाले समय में वह उन्ही के कसीदे पढ़ेंगे यह भी उनसे आश्वाशन लिया जा रहा है जैसा सूत्र कहते हैं। पत्रकार जिन्हें स्वेक्षानुदान प्रदान किया जा रहा है वह विधायक का महिमा मंडन करेंगे लगातार चापलूसी की हदें पार करते हुए यह भी उनसे आश्वासन लिया जा रहा है यह भी सूत्रों का कहना है
भाजपा नेता चंदन गुप्ता ने आरटीआई से स्वेच्छानुदान की जानकारी निकालकर किया खुलासा
गरीबों और जरूरतमंदों को आकस्मिक आर्थिक मदद के लिए विधायकों को स्वेच्छानुदान व जनसंपर्क निधि जारी करने का अधिकार शासन की ओर से दिया गया है, लेकिन कांग्रेस विधायक है कि मानते ही नहीं। मनेन्द्रगढ़ से कांग्रेस विधायक एक बार फिर स्वेच्छानुदान की राशि के बंदरबांट को लेकर विवादों में घिरे है। विधायक बनने के बाद से चुनावी साल तक स्वेच्छानुदान की राशि विधायक ने रेवड़ी की तरह बांटी है। इस बार विधायक ने अपने विधायक प्रतिनिधि की सास, निजी पीए, एल्डरमैन, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, युवक कांग्रेस पदाधिकारियों, एनएसयूआई कार्यकर्ताओ, ट्रेड यूनियन नेताओ के पुत्र और पत्रकारो को फिर से स्वेच्छानुदान की राशि बांट दी है। भाजपा नेता चंदन गुप्ता ने आरटीआई से स्वेच्छानुदान की जानकारी निकालकर इसका खुलासा किया है। और स्वेच्छानुदान प्राप्त हितग्राहियों की सूची सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है।
इनको बांट दी स्वेच्छानुदान की राशि
विधायक विनय जायसवाल मनेन्द्रगढ़ से कांग्रेस विधायक है स्वेच्छानुदान की राशि के बंदरबांट का उनका यह पहला मामला नही है इससे पहले स्वेच्छानुदान की राशि के बंदरबांट को लेकर 3 और मामले सामने आ चुके है। विनय जायसवाल ने अपने विधायक प्रतिनिधि और चिरमिरी नगर निगम के पार्षद शिवांश जैन की सास आभा जैन को 5 हजार रुपये। पीए चंद्रभान बर्मन को 3 हजार रुपये। एल्डरमैन बलदेव दास की बेटी साक्षी दास को 20 हजार व एल्डरमैन प्रभाष राय को 3 हजार रुपये। एनएसयूआई जिला महासचिव शुभम सलूजा को 60 हजार रुपए। एनएसयूआई पूर्व ब्लाक अध्यक्ष निखिल यादव को 3 हजार व कांग्रेस से जुड़े जितेंद्र साव के परिजन को 20 हजार रुपये, मंजूर आलम को परिजन को 5 हजार रुपये, बिलाल अंसारी को 10 हजार रुपये बांट दिए। इसके अलावा क्षेत्र के बड़े ट्रेड यूनियन के बड़े नेता बजरंगी शाही के पुत्र प्रिंस शाही को 3 हजार रुपये व एसईसीएल से पेंशन प्राप्त कर्मी प्रदीप प्रधान को 20 हजार रुपए स्वेच्छानुदान का दिया गया है।
पत्रकारो व उनके परिजनों के नाम भी स्वेच्छानुदान
विधायक विनय जायसवाल ने अपने विधानसभा क्षेत्र के पत्रकारो के अलावा दूसरे विधानसभा क्षेत्र के पत्रकारो को भी स्वेच्छानुदान की राशि बांट दी है। विधानसभा क्षेत्र का पता बदलकर न्यूज चैनल के संवाददाता सतीश गुप्ता के पुत्र सुमित गुप्ता के नाम पर 20 हजार रुपये। चिरमिरी के पत्रकार व विधायक विनय जायसवाल के रिश्तेदार श्रीपत राय की पत्नी वंदना राय को 10 हजार रुपये, चिरमिरी के ही पत्रकार कविराज विश्वकर्मा को 5000 रुपये स्वेच्छानुदान के दिए गए है। इससे पहले भी विधायक विनय जायसवाल ने दीवाली मिलन के नाम पर प्रेसवार्ता आयोजित कर मीडिया में चेहरा चमकाने 5 – 5 हजार रुपये का स्वेच्छानुदान लगभग 60 पत्रकारो को दिया था।


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