नई दिल्ली@मणिपुर में इंसानियत हुई शर्मसार

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दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया,
पीएम की चेतावनी- बख्शे नहीं जाएंगे आरोपी


नई दिल्ली 20 जुलाई 2023 (ए)।
मणिपुर में पिछले दो महीने से जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी बीच मणिपुर में इंसानियत को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। दरअसल, मणिपुर की एक वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। इस वीडियो में दो महिलाओं को नग्न करके घुमाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार यह वीडियो चार मई का है और दोनों महिलाएं कुकी समुदाय से संबंधित है। जो लोग महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमा रहे हैं, वे सभी मैतई समुदाय से संबंधित है। महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने की वीडियो वायरल होने के बाद पहाड़ी इलाकों में तनाव फैल गया है।
वहीं, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मणिपुर की वीभत्स वारदात को देश की 140 करोड़ जनता के लिए शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा है कि वे इस घटना से पीड़ा और क्रोध से भरे हुए हैं और मणिपुर की घटना किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक घटना है। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले संसद भवन परिसर में पीएम मोदी ने कहा कि यह घटना 140 करोड़ देशवासियों के लिए शर्मनाक है और दोषियों को कतई बक्शा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अपने-अपने राज्यों में कानून व्यवस्था को ठीक करने और महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि घटना चाहे राजस्थान में हो,छत्तीसगढ़ में हो या मणिपुर में हो, गुनाहगार को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मानसून सत्र के दौरान सरकार द्वारा संसद में जनता के हित से जुड़े बिलों को लाने की बात कहते हुए सभी सांसदों से चर्चा में सहयोग की अपील भी की।


पुलिस ने ही भीड़ के हवाले किया…
निर्वस्त्र परेड की शिकार महिला ने बताया उस दिन क्या-क्या हुआ?


पिछले लंबे समय से मणिपुर हिंसा की आग में झुलस रहा है। लेकिन हाल ही में सामने आए मानवता को शर्मसार करने वाले महिलाओं के वीडियो से लोगों में रोष है। अब यौन उत्पीड़न का शिकार हुईं महिलाओं में से एक का बयान सामने आया है।
20 और 40 वर्ष की दो महिलाओं संग जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसे लेकर लोगों में गुस्सा है। वीडियो में भी भीड़ द्वारा नग्न अवस्था में उन्हें सड़क की दूसरी ओर खेत में ले जाते हुए देखा जा सकता है। 18 मई को दर्ज हुई शिकायत में आरोप लगाया कि 20 वर्षीय महिला के साथ सामूहिक बलात्कार भी हुआ।
शिकायत में कहा गया कि कांगपोकपी जिले में उनके गांव पर भीड़ द्वारा हमला किए जाने के बाद वो जंगल में भाग गए थे, जिसके बाद उन्हें थौब पुलिस ने बचाया और पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा था। लेकिन भीड़ ने रास्ते में ही उन्हें रोक दिया और थाने से लगभग दो किलोमीटर दूर पकड़ लिया।
हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर हिंसा और यौन उत्पीड़न का शिकार 20 वर्षीय महिला ने इंडियन एक्सप्रेस से बात की है। महिला ने बताया कि पुलिस उस भीड़ के साथ थी, जो हमारे गांव पर हमला कर रहे थे। पुलिस ने हमें घर से उछाया और थोड़ी दूर ले जाकर भीड़ के साथ सड़क पर छोड़ दिया। हमें पुलिस ने ही उन्हें सौंपा था।
अपनी शिकायत में पीडç¸तों ने कहा था कि उनमें से पांच लोग एक साथ थे। वीडियो में दिखाई दे रही महिलाओं को कथित तौर पर निर्वस्त्र कर दिया गया। आरोप ये भी था कि 20 वर्षीय महिला के पिता और भाई को भीड़ ने मार डाला था। महिला ने कहा कि भीड़ ने वही किया जो वो करना चाहते थे। हमने गांव छोड़ा और हम भाग गए।
महिला ने आगे कहा कि उसे और उसके परिवार को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उसका वीडियो बनाया जा रहा है। वीडियो फैलाने को लेकर भी उसे कुछ नहीं पता था। दो महीने बाद आखिरकार वीडियो जब फैला तो पुलिस ने शिकायत दर्ज की। महिला ने कहा कि मणिपुर में इंटरनेट ही नहीं है। हमें कुछ पता ही नहीं चला। महिला ने कहा कि एक नहीं बल्कि भीड़ का हिस्सा कई आदमी थे। वो कुछ लोगों को तो पहचान सकती है। भीड़ में से एक शख्स को तो उसने अपने भाई का ही दोस्त बताया। बताते चलें कि मणिपुर वीडियो के मामले में पुलिस ने अभी तक सिर्फ एक शख्स की ही गिरफ्तारी की है। पुलिस के मुताबिक, घटना में शामिल अन्य लोगों को भी पकड़ने को लेकर कार्रवाई चल रही है।


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