- नगर पालिका अनूपपुर निवासी लखन लाल सोनी ने भूमि पटवारी हल्का अनूपपुर मे पीआरटी कॉलेज के पीछे अनिल एवं अरूण सोनी द्वारा आवेदक की भूमि का मुख्तारनामा निष्पादित कर विक्रय करने के उपरांत विकय प्रतिफल की राशि कपटपूर्वक हड़प लेने की शिकायत 13/06/2023 को कलेक्टर से की है…गौरतलब है कि आए दिन जमीन की खरीद-बिक्री में हूए फर्जीवाड़ड़े के मामले इन दिनों सुर्खियों में छाए हुए है…वहीं जमीन से जुड़ड़े कई फर्जी मामलों के समाधान के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ड़ रही है।
- बेच दी करोड़ों की जमीन,हुई शिकायत
- न्याय की आस में भटक रहा पीçड़ड़त
-अरविंद द्विवेदी-
अनूपपुर,17 जुलाई 2023 (घटती-घटना)। पीçड़त ने अपने शिकायती आवेदन पत्र में उल्लेख किया गया है कि अनूपपुर स्थित वार्ड क्र. 10 निवासी अरुण सोनी, अनिल सोनी एवं मुन्नी सोनी के संयुक्त खाते की 9.00 एकड़ भूमि थी। जिसे अपनी पारिवारिक आवश्यकता की पूर्ति के लिए विक्रय करने हेतु आवेदक ने अरूण सोनी एवं अनिल सोनी से बातचीत की थी। अरूण, अनिल एवं मुन्नी को भी अपनी भूमि विक्रय करना था जिससे सम्पूर्ण 9.00 एकड़ भूमि 3 करोड़ रूपये में विक्रय किये जाने की बात हुई। विक्रय विलेख निष्पादन के पूर्व अनिल एवं अरुण ने मिलकर आवेदक से पंजीकृत मुख्तयार नामा विक्रय कराने हेतु निष्पादित करा लिया और यह आश्वासन दिया कि जैसे-जैसे भूमि का विक्रय विलेख होता जाएगा, विकय प्रतिफल की आधी राशि आवेदक को दे दिया जाएगा।
कई माह से नहीं दी
राशि,हुआ खुलासा
उक्त तयशुदा बात के अनुसार अरूण एवं अनिल सोनी द्वारा आवेदक को राशि दिये जाने हेतु पोस्ट आफिस अनूपपुर में बचत खाता खुलवाया गया और उस बचत खाता में 25,50,000 रुपए की एफडी करा दी गई। जिस पर 15,000 रुपए प्रतिमाह व्याज अरुण और अनिल सोनी निकाल कर आवेदक को देते थे। जब बीते 8-9 माह से अरूण एवं अनिल ने राशि देना बंद कर दिया, तब लखनलाल सोनी ने पोस्ट ऑफिस अनूपपुर जाकर अपनी राशि की जानकारी ली। तब पता चला कि पोस्ट ऑफिस में कार्यरत कर्मचारी दीपक जायसवाल से मिलकर अरूण एवं अनिल सोनी ने एफडी की पूरी राशि आहरित कर ली है, इसलिए आवेदक को ब्याज नही मिल रहा है। इसकी शिकायत आवेदक ने थाना कोतवाली अनुपपुर में करते हुए जांच की मांग की है।
डेढ़ करोड़ दिलाये जाने की लगाई गुहार
चूंकि लखनलाल सोनी पढ़ा-लिखा नही है,मात्र हस्ताक्षर करना जानता है। खाता खुलवाते समय ही अरूण एवं अनिल ने कई फार्म एवं कागजों में हस्ताक्षर कराया था। चूँकि ये दोनो आवेदक के भतीजे है, इसलिए उन पर विश्वास करके लखनलाल ने हस्ताक्षर कर दिया था लेकिन लखनलाल को राशि निकालने की जानकारी नही दी गयी। भूमि को रुपए 3 करोड़ में विक्रय करने के पश्चात आवेदक के हिस्से का विक्रय प्रतिफल डेढ़ करोड़ आज तक लखनलाल को अनिल, अरूण एवं मुन्नी बाई द्वारा नही दिया गया है। आवेदक अपनी भूमि से वंचित हो गया है और प्रतिफल की राशि भी प्राप्त नही हुई है। लखनलाल ने शिकायती आवेदन मे उपरोक्त व्यक्तियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करते हुए विक्रय प्रतिफल की राशि डेढ़ करोड़ दिलाये जाने की गुहार लगाई है।