महिला आयोग से युवती ने लगाई न्याय की गुहार
रायपुर,11 जुलाई 2023 (ए)।एम्स हॉस्पिटल के खिलाफ राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज हुई है. फॉर्मोकोलॉजी डिपार्टमेंट में काम कर रही युवती ने एचओडी पर मेंटली और फिजिकली हरासमेंट का आरोप लगाया है।
पीडि़त फार्मासिस्ट का आरोप उसे मेंटली और फि जिकली हरासमेंट किया गया और जॉब से निकाला गया. फॉर्मोकोलॉजी के सीनियर प्रोफेसर, असिसेन्ट प्रोफेसर, टेक्निकल असिस्टेंट और क्लर्क 4 लोगों पर मेंटली और फिजिकली हरासमेंट का आरोप लगाया है.
बता दें कि, पीडि़त युवती फार्मासिस्ट है. 2019 से जॉब कर रही. पीडि़ता का आरोप है कि, उसके साथ मेंटली और फिजीकली हरासमेंट हुआ है. फॉर्मोकोलॉजी विभाग के कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए बताया कि, फाइल देते वक्त उसके हाथों को टच करते थे. फिजीकली उसे टच करते थे, कमेंट्स करते थे. एक बार एचओडी ने उनका फोन खींचा था और 2021 में युवती को जॉब से निकाल दिया था।
हालांकि, मामला लेबर कोर्ट पहुंचा. जहां दोबारा उसे जॉब में रखा गया और उसके बाद फिर मई 2023 में पीडि़ता को जॉब से निकाल दिया गया एचओडी ने युवती के सभी आरोपों को गलत बताए हुए कहा कि, ऑफिस में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. वे हर जांच के लिए तैयार हैं. युवती की इंग्लिश अच्छी नहीं है और हमारे डिपार्टमेंट में सारा काम इंग्लिश में होता है, इसलिए हमने युवती को किसी अन्य विभाग में ट्रांसफर करने के लिए आवदेन लिखा है. जॉब से नहीं निकाला.
महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने इस पूरे मामले को लेकर कहा कि, हॉस्पिटल में इंटरनल कंप्लेन कमेटी की जो रिपोर्ट होगी उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि, महिला आयोग में जनसुनवाई के दौरान आज रायपुर एम्स हॉस्पिटल के 2 शिकायतें दर्ज हुई है. दूसरा मामला इलाज में लापरवाही से मरीज की मौत का है, जहां एक समाज सेविका ने शिकायत दर्ज कराई है।
