- कोरिया जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बहोत जल्द बदले जा सकते हैं,हो सकती है नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति
- क्या ऐन चुनाव के वक्त कोरिया जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष को बदला जाना सही निर्णय होगा?
- एमसीबी जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष की भी नियुक्ति अब संभव,जल्द हो सकती है घोषणा
- एमसीबी जिलाध्यक्ष की दौड़ में अशोक श्रीवास्तव व के डोमरू रेड्डी का नाम शामिल,दोनो में से एक को मिल सकता है मौका
-रवि सिंह-
एमसीबी/कोरिया 11 जुलाई 2023 (घटती-घटना)। कोरिया जिला सहित एमसीबी नवीन जिले में अब जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष की नियुक्ति नए सिरे से होगी जिसकी सुगबुगाहट सुनाई देने लगी है। कोरिया जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जो वर्तमान में नजीर अजहर हैं उनके स्थान पर प्रदीप गुप्ता को जिम्मेदारी मिल सकती है ऐसा सूत्रों का दावा हैं वहीं एमसीबी नवीन जिले में नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति भी की जानी है जो जिला गठन के बाद से नहीं हुई है और जहां के लिए दो नाम सामने आ रहे हैं जिनमे एक पूर्व महापौर चिरमिरी के डोमरु रेड्डी का नाम है वहीं दूसरा अशोक श्रीवास्तव का नाम शामिल है।
नवीन जिले में जिलाध्यक्ष की नियुक्ति जहां होनी चाहिए वहीं कोरिया जिलाध्यक्ष को बदला जाना शायद सही नहीं कहा जा सकता क्योंकि अविभाजित जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर उन्हीं के कार्यकाल में जीत दर्ज की थी पार्टी ने और इस हिसाब से उनको हटाया जाना उचित नहीं जान पड़ता जो लोगों के मुंह से भी सुना जा सकता है वहीं कोरिया जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं और इस हिसाब से भी उनको हटाया जाना पार्टी के लिए सही संदेश देता हुआ नहीं जान पड़ता जो पार्टी के लिए सोचनीय विषय होना चाहिए वहीं एमसीबी नवीन जिले से जो दो नाम जिलाध्यक्ष की दौड़ में शामिल हैं उनमें दोनो ही संगठन के लिए बेहतर साबित हो सकते हैं क्योंकि दोनो के ही पास पर्याप्त अनुभव है और दोनो ही कांग्रेस के पुराने नेता हैं। पूर्व महापौर जहां संगठन सहित निगम चलाने में भी माहिर थे और उनके कार्यकाल में निगम ने बेहतर काम किया था जिनकी कमी आज निगम झेल भी रहा है वहीं अशोक श्रीवास्तव भी संगठन के मामले में काफी अनुभवी हैं और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी अच्छी पैठ है। एमसीबी जिले के लिए संभावित दोनो ही नाम पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं इसमें कोई शक नहीं है। अब देखना है की कब तक यह घोषणा होती है और किन्हें जिम्मेदारी मिलती है।
कोरिया जिलाध्यक्ष को ऐन चुनाव के वक्त बदला जाना कहीं पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित न हो जाए
कांग्रेस पार्टी कोरिया जिलाध्यक्ष को बदल सकती है ऐसा सूत्रों का कहना हैं वहीं अब कुछ ही माह बाद चुनाव होने हैं ऐसे में यह निर्णय कितना सही होगा यह पार्टी के लिए सोचनीय विषय होना चाहिए। कोरिया जिलाध्यक्ष रहते हुए वर्तमान जिलाध्यक्ष ने पार्टी को अविभाजित कोरिया जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर जीत दिलाई थी और उनके ही कार्यकाल में सरकार पंद्रह वर्षों बाद सत्ता में वापसी कर पाई थी ऐसे में जिलाध्यक्ष को बदला जाना अभी उचित नहीं जान पड़ता। फिलहाल कोरिया जिला संगठन काम भी बेहतर कर रहा है और संगठन में कोई नाराज भी नजर नहीं आ रहा है खासकर संगठन से कोई नाराज नहीं है ऐसे में जिलाध्यक्ष बदला जाना फिलहाल अनुचित ही जान पड़ता है जो कार्यकर्ताओं का भी मानना है।
कोरिया जिले के लिए संभावित है प्रदीप गुप्ता का जिलाध्यक्ष के लिए नाम,संगठन के लिए साबित होंगे फायदेमंद विश्वास कम संदेह ज्यादा
कोरिया जिला कांग्रेस कमेटी के नए जिलाध्यक्ष। के रूप में प्रदीप गुप्ता का नाम सबसे ऊपर चल रहा है और यदि उनकी व्यक्तिगत बात की जाए और कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं के अनुसार बात की जाए तो वह पार्टी के लिए फायदेमंद साबित होंगे इसमें संदेह है क्योंकि उनके पास न तो ज्यादा अनुभव है और न ही उनकी सक्रियता ही कहीं नजर आती है। बड़े नेताओं के आगमन पर केवल दिखाई देने के अलावा आज तक पार्टी के लिए उनकी तरफ से कोई उपलब्धि ढूंढी जाए तो शायद ही मिलेगी वहीं पार्टी ने जब कभी भी उन्हें मौका दिया वह पार्टी के लिए नुकसानदायक ही साबित हुए जो कई चुनाव के परिणाम भी बताते हैं,एकबार तो वह खुद की ही जमानत जब्त करा चुके हैं और साथ में पार्टी की भी जो उनकी अलोकप्रियता साबित करने वाला परिणाम रहा है।
कोरिया जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं,जिले में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की संख्या भी अच्छी खासी है
कोरिया जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष वर्तमान अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं और जिले में अल्पसंख्यक समुदाय की संख्या भी अच्छी खासी है ऐसे में उन्हें हटाए जाने पर अल्पसंख्यक समुदाय में संदेश भी अच्छा नहीं जायेगा वहीं ऐन चुनाव के वक्त ऐसा निर्णय पार्टी के लिए गलत संदेश देता नजर आएगा। जिलाध्यक्ष यदि बदला भी जाए तो चुनाव के बाद ऐसा पार्टी के ही कार्यकर्ताओं की मंशा है।
प्रदीप गुप्ता से भी अच्छे विकल्प कोरिया कांग्रेस के पास मौजूद,उन्हे दिया मौका तो पार्टी को हो सकता है फायदा
कोरिया कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष को बदला जाना यदि आवश्यक ही है तो प्रदीप गुप्ता से भी अच्छे विकल्प जिले में मौजूद हैं ऐसा पार्टी के बीच ही चर्चा जारी है और कार्यकर्ताओं का मानना है की ग्रामीण क्षेत्र से भी जिलाध्यक्ष की दौड़ में कुछ नाम ऐसे शामिल किए जा सकते हैं जो पार्टी लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं और जिनके पास अपना जनाधार भी होगा। शहर से ही वर्तमान जिलाध्यक्ष हैं और पुनः शहर से ही पुनः नियुक्ति कहीं पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित न हो यह भी कार्यकर्ताओं का मानना है वहीं शहर से ही चुनाव करना है तो कई अन्य नामों पर चर्चा हो यह भी कार्यकर्ताओं की मांग है।
एमसीबी जिलाध्यक्ष की दौड़ में शामिल दोनो नाम पार्टी के लिए होगें फायदेमंद साबित
वहीं एमसीबी जिले की यदि बात की जाए तो जिले में अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल दोनो ही नाम पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं और चुनाव में पार्टी को फायदा पहुंचा सकते हैं। अशोक श्रीवास्तव जहां ग्रामीण परिवेश से आते हैं और शहरी क्षेत्र में भी अच्छी पकड़ रखते हैं वहीं के डोमरू रेड्डी महापौर रह चुके हैं और उन्हें संगठन सहित सत्ता चलाने का भी अनुभव है। वैसे एमसीबी जिले के लिए जो दो नाम सामने आ रहें हैं दोनो ही विधायक की पसंद होंगे यह कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि दोनो से ही विधायक की दूरी लगातार बनी हुई देखी गई है और मुखर होकर दोनो ने विधायक के गलत कार्यों का विरोध भी किया है वैसे विधायक किसे जिलाध्यक्ष देखना चाहते हैं यह स्पष्ट नहीं हुआ है लेकिन इन दोनो नामों पर विधायक की सहमति शायद ही होगी यह कहना गलत नहीं होगा।