- विधायक दावेदारों की समीकरण डिप्टी सीएम बनते ही बदल गए…बैकुंठपुर विधानसभा से दावेदारों की सूची में शुक्ला दिखने लगे आगे
- कांग्रेस विधानसभा क्रमांक 3 में तिवारी व शुक्ला के साथ जाना चाहेगी या फिर मौजूदा विधायक पर ही दांव खेलेगी?
- विधानसभा चुनाव बैकुंठपुर विधानसभा में तिवारी और शुक्ला की भूमिका अहम होगी
- नए चेहरे में अशोक जायसवाल भी कांग्रेस की तरफ से विधानसभा में प्रत्याशी बतौर हो सकते हैं एक विकल्प
- तिवारी व शुक्ला की एक साथ फोटो हो रही वायरल,निकाले जा रहें हैं कई मायने

-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर,09 जुलाई 2023 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ में सरगुजा संभाग से टी एस सिंह देव के डिप्टी सीएम बनते सारे समीकरण बदल गए, आगामी विधानसभा चुनाव में अब कयासों पर ही भरोसा रह गया, कयास अब जो लगाए जा रहे हैं वह टी एस सिंह देव के बढ़ते कद को देखते हुए लगाए जा रहे हैं, डिप्टी सीएम के अलावा यह भी बात सामने आ रही है कि 45 सीटों का फैसला भी बाबा ही करेंगे, अब ऐसे में बाबा के हाथों में 45 सीट के विधायक प्रत्याशी कौन होंगे यह बड़ा सवाल है? कशमकश की स्थिति है कयास पर कयास लगाए जा रहे हैं और इस कयास में हम बैकुंठपुर विधानसभा की बात करें तो कयासों के उम्मीद में योगेश शुक्ला विधायक प्रत्याशी के प्रबल दावेदार की सूची में ऊपर चढ़ गए, अब यह सूची फाइनल होते तक यह ऊपर रहेंगे या फिर फिर से कुछ तोड़ मरोड़ होगा यह तो समय के गर्त की बात है, पर उम्मीद यही लगाई जा रही है कि बाबा वर्तमान विधायक पर दावा नहीं खेलेंगे, क्योंकि वह अपने 45 सीटों को पूरी तरह से जीतने का प्रयास करेंगे 45 सीटों में उन्हें जीत मिले यह उनका प्रथम प्रयास होगा, इसलिए वह 45 के 45 बेस्ट प्रत्याशी ही रखेंगे ताकि हार का प्रतिशत कम हो छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बने और जैसा अंदर खाने की बात हो रही है यदि बाबा की सीट ज्यादा आए तो बाबा सरगुजा के सीएम भी हो सकते हैं।
क्या दो दिग्गज एक नाम पर सहमत होकर लड़ेंगे चुनाव?
इस समय कोरिया जिले के बैकुंठपुर विधानसभा में एक समान चर्चा सी होने लगी है वह चर्चा यह है यदि शुक्ला जी को विधायक प्रत्याशी चुना जाएगा तो क्या तिवारी जी एक होकर लड़ेंगे चुनाव या फिर शुरू होगा भितरघात, वैसे देखा जाए तो यह दोनों दिग्गज नेता पहचान के मोहताज नहीं है दोनों में अपार काबिलियत है और दोनों यदि एक होकर लड़ते हैं तो जीत भी निश्चित है ऐसा माना जा रहा है, यदि अभी की परिस्थितियों पर गौर किया जाए तो कोरिया जिले के बैकुंठपुर विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में राह आसान नहीं दिख रही है बैकुंठपुर विधानसभा में आगामी विधानसभा चुनाव में कई दावेदार अभी से अपनी अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर रहें हैं और जिनमे से दो ऐसे भी दावेदार हैं जो अब एकबार एकसाथ नजर आ रहे हैं और उनकी एक साथ आई तस्वीर के अब कई मायने निकाले जा रहें हैं और यह भी सवाल उठ रहा है की क्या विधानसभा के यह दो कद्दावर नेता क्या एक दूसरे के नाम पर आपस में सहमत होने जा रहें हैं? क्या दोनो एक दूसरे के नाम पर आम सहमति देने की तैयारी में हैं। जिन दो नेताओं की तस्वीर एकसाथ वायरल हो रही है उसमे एक हैं वेदांती तिवारी जिला पंचायत उपाध्यक्ष और एक हैं योगेश शुक्ला जो विधानसभा में कद्दावर नेता माने जाते जाते हैं। वैसे तिवारी और शुक्ला की तस्वीर जबसे एकसाथ वायरल हुई है विधानसभा बैकुंठपुर में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग यह भी चर्चा करते सुने जा रहें हैं की दोनो यदि एक होते हैं तो किसी एक के लिए यह दोनों मिलकर जीत सुनिश्चित कर सकते हैं क्योंकि दोनो का ही अपना अपना अच्छा जनाधार है।
स्वच्छ चेहरा पर अशोक जायसवाल भी बेहतर विकल्प
इस बार कांग्रेस को चेहरा जीत के लिए बदलना होगा और ऐसे चेहरे पर दांव खेलना होगा जो जनता के लिए स्वीकार हो, क्योंकि कांग्रेस ने लगभग 5 सालों में अपनी घोषणा व योजनाओं के तहत लोगों को साधने का प्रयास किया है पर जनता में कांग्रेस की नाराजगी तो नहीं है पर जीते हुए विधायकों से नाराजगी इस समय खूब है, जिस कारण कांग्रेस की छवि स्थानीय स्तर पर खराब हुई है, और छवि खराब करने के लिए पार्टी नहीं पार्टी की विधायक जिम्मेदार है, यह किसी से छुपा नहीं है, अब ऐसे में आगामी विधानसभा को लेकर स्वच्छ चेहरा लाना काफी जरूरी हो गया है, ऐसे में बैकुंठपुर विधानसभा के लिए अशोक जायसवाल का नाम भी एक विकल्प तौर पर कांग्रेस के पास मौजूद है, अशोक जयसवाल भी कई जगहों पर कांग्रेस के लिए सटीक उम्मीदवार हो सकते हैं, ऐसा आज की विचारधारा में देखा या सुना जा रहा है, क्योंकि यह भी जनाधार वाले नेता बनते जा रहे हैं और इनके 25 वीं वर्षगांठ में इनका जनाधार भी खूब देखने को मिला था। विधायक प्रत्याशी के लिए यह चेहरा ओबीसी चेहरा है और राजनीतिक दृष्टिकोण स्वच्छ माना जाता है, शिक्षित वर्ग से भी आते हैं और सम्मान नजरिया रखते हैं यही कारण है कि इनसे लोगों का जुड़ाव भी रहता है। कांग्रेस के प्रति सच्ची श्रद्धा है और सच्ची श्रद्धा के साथ कांग्रेस के लिए काम करते हैं।
चौथे नंबर पर आते हैं अनिल जायसवाल
विकल्प कि यदि बात की जाए तो कांग्रेस के पास एक और विकल्प है वह है पूर्व जनपद उपाध्यक्ष अनिल जायसवाल का यह भी इस समय काफी सक्रिय राजनीति कर रहे हैं और जनता के बीच अपने जुड़ाव को साबित कर रहे हैं और उनका प्रयास है की टिकट के दावेदारों में उनका भी नाम जुड़ जाए, इस वजह से वह प्रयासरत हैं और तरह-तरह से जनता के पास पहुंचकर योजनाओं का बखान कर रहे हैं, और अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिना रहे हैं, ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहां पर वह नहीं पहुंच सके हर पंचायत के हर बाजार तक उनका दौरा हो चुका है, और आगामी समय में वह और भी दौरे को बढ़ा रहे हैं अब टिकट मिलना किस्मत की गर्त में है और यह उसी के भरोसे चल रहे हैं।
कांग्रेस के पास विधायक प्रत्याशियों के विकल्प की कोई कमी नहीं पर एक को फ ाईनल करना बड़ी चुनौती
कोरिया जिले के बैकुंठपुर विधानसभा में कांग्रेस के पास दिग्गज प्रत्याशियों की कमी नहीं है, एक नहीं 5 दिग्गज प्रत्याशी और सब एक से एक धुरंधर और सभी जनता से सीधे सरोकार रखते हैं, जमीनी नेता है और स्थानीय स्तर पर पकड़ भी ठीक ऐसे में यदि इन नामों की सूची पर गौर किया जाए तो वेदांती तिवारी, यवत कुमार सिंह, योगेश शुक्ला, अशोक जायसवाल, अनिल जायसवाल यह पांच ऐसे नाम है जो किसी परिचय के मोहताज नहीं है, ऐसा कोई व्यक्ति नहीं जो इन्हें संगठन में या फिर अपने विधानसभा में ना पहचानता हो, इसमें से दो प्रत्याशी समान वर्ग से आते हैं, एक आदिवासी वर्ग से आते हैं, तो 2 ओबीसी वर्ग से आते हैं, समाजिक पकड़ पर भी यह पांचो की उपलब्धि सामान्य है यह नहीं कहा जा सकता कि समाज में इनका विरोध है, इतनी बड़ी विधायक प्रत्याशियों की लिस्ट भाजपा में भी नहीं है, भाजपा में 1 से 2 विकल्प ही बैकुंठपुर विधानसभा के लिए माने जा रहे हैं पर यह कांग्रेस के लिए गर्व की बात है कि बैकुंठपुर विधानसभा में उनके पास एक नहीं पांच अच्छे धुरंधर प्रत्याशी मौजूद है।