अम्बिकापुर,08 जुलाई 2023 (घटती-घटना)। 24 सूत्रीय मांगों को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। शनिवार को हड़ताल का पांचवां दिन है। शासन द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लेने से कर्मचारियों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का कहना है कि विधान सभा के मानसून सत्र से पहले आयोजित मंत्रिमंडल के बैठक में स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए कोई अच्छा निर्णय नहीं आने के कारण कर्मचारी और अधिक उग्र हो गए हैं। स्वास्थ्यकर्मियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे आपातकालीन सेवाओं को भी ठप कर के आंदोलन को और तेज करेंगे। स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल में होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों सहित शहरी क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई है तथा मेडिकल कालेज में मरीज ज्यादा संख्या में पहुंच रहे हैं। पीएचसी एवं सीएचसी भी हड़ताल के कारण पूरी तरह बंद हैं चिकित्सक किसी तरह व्यवस्था बनाकर केवल मरीजों को उच्च सेंटर में रेफर करने का काम कर रहे हैं। जिसके कारण मरीज़ हलाकान हैं ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम जैसे- राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, मलेरिया रोधी कार्यक्रम, डेंगू रोधी कार्यक्रम, संस्थागत प्रसव, राष्ट्रीय टीकाकरण, गर्भवती जांच ,बीपी की जांच, शुगर की जांच, मलेरिया जांच ,जल शुद्धिकरण आदि कार्यों की जç¸म्मेदारी उप स्वास्थ्य केंद्र ,हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की होती है। इनके हड़ताल पर चले जाने से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि उनकी मांगें जब तक पूरी नहीं होगी तब तक वे लोग काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
