अंबिकापुर,04 जुलाई 2023 (घटती-घटना)। 24 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश भर के स्वास्थ्य कर्मचारी मंगलवार से अनिश्चिकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इसमें स्वास्थ्य सेवाएं, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन समेत सभी शासकीय अस्पतालों के कर्मचारी शामिल रहे। हड़ताल की वजह से जिले के अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं बाधित रही। अंबिकापुर एसबीआई के कलेक्टोरेट शाखा के सामने स्वास्थ्य कर्मचरी धरना पर बैठे रहे और अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इधर अनिचितकालीन हड़ताल पर चले जाने से स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी चरमरा गई है। संभाग के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी हड़ताल का असर देखने को मिला। फार्मासिष्ट, लैब टैक्नीशियन सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर रहे। लैब टैक्नीशियनों के हड़ताल पर चले जाने से हमर लैब का काम पूरी तरह प्रभावित रहा। सबसे ज्यादा असर हमर लैब में देखने को मिला। केवल आईपीडी मरीजों के सौंपल की जांच हो पाया। ओपीडी मरीज जांच कराने भटकते रहे। वहीं जिले के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पूरी तरह प्रभावित रहा।
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले स्वास्थ कर्मचारी अपनी वेतन विसंगति, पुलिस विभाग के सामान वर्ष में 13 माह का वेतन, अनियमित कर्मचारियों को नियमित करना या समान कार्य समान वेतन जैसे 24 सूत्रीय मांगों को लेकर 4 जुलाई से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर चले गए हैं। संघ पदाधिकारियों द्वारा मेडिकल कॉलेज जिला चिकित्सालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व वैलनेस सेंटर के जिम्मेदार अधिकारियों को छुट्टी का आवेदन देकर आंदोलन की सूचना दे दिया गया था। जिलाध्यक्ष धनेश प्रताप सिंह ने बताया कि संघ द्वारा पत्राचार व धरना प्रदर्शन के माध्यम से शासन को अपनी मांगों के बारे में अवगत कराया गया किंतु सरकार द्वारा स्वास्थ्य कर्मचारियों की मांगों के प्रति सौतेला व्यवहार किया गया। हम स्वास्थ्य कर्मचारियों को बाध्य होकर अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन से प्राथमिक स्तर से लेकर मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।
