अंबिकापुर,16 जून 2023 (घटती-घटना)। वेतन विसंगति सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने चार जुलाई से अनिश्चितकालीन आंदोलन में जाने का शंखनाद कर दिया है। कर्मचारी संगठन का कहना है कि आंदोलन में अभी 15-16 दिन शेष हैं। सरकार जनता के प्रति संवेदनशील होगी तो उनकी मांगें पूर्ण होगी, अन्यथा आंदोलन से जनहानि की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन की होगी।
छाीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ सरगुजा के जिला अध्यक्ष धनेश प्रताप सिंह ने कहा कि 15 वर्षों से अधिक समय से स्वास्थ्य कर्मचारी केंद्रीय वेतनमान, वेतन विसंगति, एक वर्ष में पुलिस के समान 13 माह का वेतन, नर्सों को तीन एवं चार वेतन वृद्धि का लाभ, कैशलेस इलाज की सुविधा सहित पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा, अनियमित व संविदा कर्मचारियों को नियमित करने या समान कार्य-समान वेतन व 62 वर्ष कार्यकाल, चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान, पदनाम परिवर्तन जैसी कई मांगों को लेकर समय-समय पर पत्राचार, अवकाश लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, ताकि सरकार का उनकी मांगों के प्रति ध्यानाकर्षण हो, किंतु सरकार चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वायदों एवं कोरोना काल में भगवान की संज्ञा पाने वाले कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा कर दी, जिस कारण मजबूर होकर उन्हें अनिश्चितकालीन आंदोलन की ओर अग्रसर होना पड़ रहा है। इस आंदोलन में प्रदेश के सारे शासकीय मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व उप स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी रहेंगे।
