अंबिकापुर,04 जून 2023 (घटती-घटना)। महिला काग्रेस शहरी जिलाध्यक्ष सीमा सोनी ने कहा कि हमारे देश की बेटियां, जिन्होंने तिरंगे की आन, बान और शान के लिए इतनी मेहनत की है वही बेटियां आज जब सरकार से इंसाफ की गुहार लगा रही हैं। चार महीने से प्रदर्शन कर रही हैं तो उनकी सुनने वाला कोई क्यों नहीं है? यह देश के लिए वर्तमान समय का गंभीर प्रश्न है सरकार को चाहिए कि वे इन बेटियों को न्याय दिलाएं ताकि देश की सारी बेटियां अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकें। प्रेस को जारी अपने वक्तव्य में महिला कांग्रेस शहरी जिलाध्यक्ष सीमा सोनी ने आगे कहा है कि 35 दिन तक यह बेटियां राजधानी दिल्ली के दिल, जंतर मंतर पर बैठी रहीं लेकिन मोदी जी और उनके मंत्रियों ने एक बार भी वहाँ जाने या इन बेटियों से बात तक करने के बारे में नहीं सोचा।28 मई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही बेटियों को दिल्ली पुलिस ने मार पीटकर, खदेड़ खदेड़ कर हिरासत में लिया, और प्रधानमंत्री उस समय एक ऐसी सदन का उद्घाटन कर रहे थे जहां लोकतंत्र छोड़कर सबकुछ है बेटियों का अपराधी उस सदन में मौजूद था और देश की बेटियों को पुलिस घसीट रही थी… इससे शर्मनाक क्या ही हो सकता है। उन्होंने कहा है कि जब देश की बेटियों को सड़कों पर घसीटा जा रहा था तो मोदी जी के आईटी सेल वाले बेटियों को बदनाम करने के लिए उनकी गलत फोटोस सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे थे।एक तरफ नए संसद भवन में पीएम मोदी लोकतंत्र की महिला अस्मिता की दुहाई दे रहे थे, वहीं वहाँ से मात्र कुछ किलोमीटर दूर अमित शाह की दिल्ली पुलिस देश की मान बढ़ाने वाली बेटियों के शांतिपूर्ण आंदोलन को बूटों तले रौंद रही थी ।
महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सीमा सोनी ने कहा कि सोचिए, जेल बीजेपी सांसद बृज भूषण को जाना था लेकिन मोदी जी ने बेटियों को जेल भेज दिया। महिलाओं के मुद्दे पर मोदी जी और उनके मंत्री बातें तो बड़ी बड़ी करते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि मोदी मंत्रिमंडल में महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी जी तो मूक दर्शक बनी बैठी हैं, क्या यह मुद्दा उनके मंत्रालय का नहीं है? 35 दिन बाद सवाल का जवाब देने सामने भी आयी तो सुप्रीम कोर्ट की आड में फिर अपने गलत फैसलों को बचाने की कोशिश की है।महंगाई, महिला सुरक्षा, बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर तो स्मृति जी मंत्री बनने से पहले ही ज्ञान दिया करती थी, अब तो उनकी बोलती बंद ही रहती है वहीं मोदी सरकार की एक और महिला मंत्री को आप सब ने दिल्ली की सडकों पर दौड़ लगाते देखा ही होगा, पहलवान बेटियों पर सवाल पूछा तो मिनाक्षी लेखी जी ने ऐसी स्पीड पकड़ी मानो मैराथन रेस दौड़ रही हो।महिला होते हुए भी यह देश की बेटियों के साथ खड़े नहीं रह सकते तो ऐसे मंत्री होने का क्या ही फायदा है।अपने आपको विश्वगुरु कहने वाले मोदी जी ने अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की इज्जत तारतार कर दी है।176 देशों वाली वर्ल्ड रेसलिंग फेडरेशन ने भी भारत को बर्खास्तगी का अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने कहा है कि आप सब सोच लीजिये, जब देश की बहादुर बेटियों को मोदी राज में अपने मैडल गंगा नदी में प्रवाहित करने तक की नौबत आ रही है इसका मतलब साफ है कि बेटियों को न्याय दिलाने वाला कोई नहीं है। ऐसे में देश की आम बहन-बेटियों की सुनवाई कौन ही करेगा।जनता अब कह रही है कि मोदी सरकार का ये अत्याचार, अहंकार उनके साा के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा। मोदी जी, अति का अंत होकर रहता है। जनता अब आपके जुल्मों सितम से परेशान और बेहाल हो चुकी है।पूरा देश और कांग्रेस पार्टी आज मोदी जी और उनके मंत्रियों से कई सवाल पूछना चाहती है।क्या हमारी सरकार और हमारे प्रधानमंत्री इतने कमज़ोर हैं कि एक सांसद के सामने घुटने टेक दिए हैं? जिन बेटियो ने पूरे विश्व में देश का नाम रौशन किया, मैडल जीते, आज उन्ही बेटियो को सरकार दंगाई साबित करने पर क्यों तुली हुई है ?बृजभूषण शरण सिंह से अभी तक इस्तीफा क्यों नहीं माँगा गया? क्या सत्य का साथ देना न्यू इंडिया में जुर्म है ?हम सब देश की बेटियों के साथ खड़े थे, हैं और आगे भी खड़े रहेंगे। हमारी दो सबसे महत्वपूर्ण मांगें हैं जिनमे बृजभूषण सिंह इस्तीफा दें। मोदी और अमित शाह उन्हें बचाने की कोशिश ना करें।दूसरी, बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी हो और कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो ।मोदी जी, अभी भी वक्त है बेटियों को इंसाफ दिलाईए क्योंकि अब ये जो लड़ाई है वो देश की हर बेटी की इज्जत की लड़ाई बन चुकी है।
