सूरजपुर@कोयला खदान के द्वारा जारी आंदोलन,प्रशासन व एसईसीएल प्रबंधन के साथ हुई वार्ता के बाद भी नहीं हो सका समाप्त

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सूरजपुर,01 जून 2023 (घटती-घटना)। कोयला उत्पादन के लिए अधिग्रहित भूमि के बदले नौकरी व मुआवजा की मांग सहित मूलभूत समस्याओ को लेकर ग्राम पंचायत जोबगा के ग्रामीणों का केतकी कोयला खदान के सामने बुधवार जारी आंदोलन गुरुवार को प्रशासन व एसईसीएल प्रबंधन के साथ हुई वार्ता के बाद भी समाप्त नही हो सका है। हालांकि ग्रामीणों ने धरना तो समाप्त कर दिया है, लेकिन खदान के गेट में तालाबंदी बरकरार रहने से कोयला उत्पादन दूसरे दिन भी ठप्प है। अब शुक्रवार को मामला सुलझने की संभावना है।
दूसरे दिन गुरुवार को एसडीएम रवि सिंह ने राजस्व अधिकारियों एवं एसईसीएल अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से आंदोलनकारी ग्रामीणों से चर्चा की। जिसमे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सरपंच प्रतिनिधि संत सिंह ने कहा कि केतकी खदान के लिए ग्रामीणों की जमीन का अधिग्रहण कर लिए जाने के लंबे अर्से बाद भी एसईसीएल प्रबंधन द्वारा आज पर्यंत भू स्वामियों को जमीन के बदले नौकरी प्रदान नहीं की गई है और ना ही उन्हें आज पर्यंत मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है।
जिस पर एसईसीएल प्रबंधन ने ग्रामीणों को नियमों का हवाला देते हुए वस्तु स्थिति से अवगत कराया। एसडीएम रवि सिंह कहा कि गायत्री खदान के नौकरी व मुआवजा के लंबित प्रकरणों का निराकरण एक माह की समय सीमा में हो जाएगा। केतकी खदान में उत्पादन कार्य में लगी निजी कंपनी द्वारा मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी राशि से कम राशि देने के मामले में जांच कराने का आश्वासन दिया गया। इसके साथ ही पानी की समस्या को दूर करने का आश्वासन दिया गया। प्रबंधन द्वारा आश्वस्त किया गया कि शुक्रवार को पानी की समस्या दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
वार्ता के बाद ग्रामीणों ने धरना तो समाप्त कर दिया, लेकिन उन्होंने कहा कि शुक्रवार को पानी की समस्या दूर होने पर ही खदान के गेट का ताला खोलने दिया जाएगा। जिस कारण गुरुवार को भी केतकी खदान में कोयला उत्पादन बाधित रहा।


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