अमित शाह के दौरे से पहले सेना पर हमले की साजिश नाकाम
पुलिसकर्मी सहित 5 की मौत
भारी हथियार के साथ 25 गिरफ्तार
इंफाल,29 मई 2023 (ए)। मणिपुर में फिर हिंसा की आग भड़क गई है। ताजा हिंसा की घटनाओं में एक पुलिसकर्मी समेत 5 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 12 लोग घायल हुए हैं। राज्य के विभिन्न इलाकों में हिंसा भड़कने के बाद हुई फायरिंग की घटनाओं में लोगों की मौत हुई है।पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की स्थिति फिलहाल ठीक नहीं है। वहां अभी भी हिंसा जारी है। ऐसे में यहां की स्थिति को करीब से जानने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 3 दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इससे पहले इंफाल के पूर्वी जिले में कथित रूप से सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश रच रहे 25 हथियारबंद उपद्रवियों को सेना ने गिरफ्तार किया है।
भारतीय सेना ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि मणिपुर में इंफाल के पूर्वी जिले में सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश रचने के आरोप में 25 लोगों को सेना की मोबाइल वाहन जांच चौकियों (एमवीसीपी) ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। सेना ने बताया कि उपद्रवियों के पास हथियार और अन्य “युद्ध जैसी सामग्री” थी। बयान में कहा गया है कि पांच 12 बोर डबल बैरल राइफल, तीन सिंगल बैरल राइफल, डबल बोर वाला एक देशी हथियार और एक थूथन लोडेड हथियार बरामद किया गया है।
इससे पहले इंफाल पूर्वी जिले के सिटी कन्वेंशन सेंटर एरिया में एक एमवीसीपी ने रविवार रात चार लोगों के साथ एक संदिग्ध कार को आते देखा। सेना ने उनको रूकने के लिए कहा, लेकिन वे कार से उतरे और भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन धरे गए। उनके पास से मैगजीन के साथ एक इंसास राइफल, 5.56 एमएम गोला बारूद के 60 राउंड, एक चाइनीज हैंड ग्रेनेड और एक डेटोनेटर भी बरामद किया गया।
एक्शन में फोर्स, सर्च ऑपरेशन जारी
जानकारी के मुताबिक सेना, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, मणिपुर पुलिस कमांडो, मणिपुर की रैपिड एक्शन फोर्स और पुलिस कर्मियों ने इंफाल घाटी और आसपास के जिलों में सर्च ऑपरेशन चला रखा है।रविवार को मणिपुर में ताजा हिंसा भड़कने के बाद एक पुलिसकर्मी सहित कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए थे। राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 80 लोगों की जान चली गई।
इधर, सेना और असम राइफल्स ने मणिपुर के काकिंग जिले में बचाव अभियान चलाया हुआ है। वहीं यूएवी, माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल और क्यूआरटी को वाहनों में सेरो से पंगलताबी तक 2000 नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया। अब तक 328 नागरिक सुगनू से साजिक तंपक में चले गए हैं।
