बैकुण्ठपुर/अम्बिकापुर,@क्या शिक्षक पदोन्नति का पूरा मामला निष्पक्ष नहीं,संयुक्त संचालक सरगुजा की भूमिका पर उठ रहे सवाल?

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  • सूरजपुर के एक्र शिक्षक संघ प्रमुख से खास रिश्ते हैं संयुक्त संचालक सरगुजा के:सूत्र
  • करोड़ों का लेनदेन पहनेगा अब अमली जामा, दो शिक्षकों को निलंबित कर खेला जाएगा भ्रष्टाचार का खेल
  • विवाद की स्थिति में सूरजपुर के शिक्षक संघ प्रमुख ने शिक्षक साथ देने के बजाय संयुक्त संचालक का दिया साथ
  • कोरिया जिले के शिक्षकों ने पदोन्नति पदस्थापना मामले में लेनदेन का संयुक्त संचालक पर लगाया था आरोप,आरोप अब सच हो सकते हैं साबित
  • जिन पदों पर कोरिया के शिक्षकों ने लेनदेन का लगाया आरोप उन पदों पर सूरजपुर और कोरिया जिले के शिक्षकों का परस्पर जारी हुआ आदेश
  • क्या अब आदेशों के संशोधन की है तैयारी,वसूली की राशि हांथ से न जाए यह है तैयारी?
  • अंतिम दौर में विवाद होने पर सूरजपुर के कुछ शिक्षकों को कोरिया जिले में और कोरिया जिले के शिक्षकों को सूरजपुर में किया गया था पदस्थ
  • सूरजपुर जिले के एक संघ प्रमुख ने इसके लिए तैयार किया सूरजपुर जिले के शिक्षकों को
  • अब असली खेल होगा शुरू आपसी सहमति के आधार पर होगा संशोधन,सूरजपुर के शिक्षक सुरजपुर और कोरिया के शिक्षक पदस्थ होंगे कोरिया में

-रवि सिंह –
बैकुण्ठपुर/अम्बिकापुर,19 मई 2023 (घटती-घटना)।
शिक्षक पदोन्नति मामले में संयुक्त संचालक शिक्षा सरगुजा और एक शिक्षक संघ प्रमुख जो सूरजपुर जिले से आते हैं और जिनका काम ही शिक्षकों के मामले में लेनदेन करने का है की जुगलबंदी अब सामने आने वाली है और यह शिक्षक पदोन्नति पदस्थापना मामले में संशोधन के साथ उजगार होने जा रहा है जिसकी तैयारी पूरी हो चुकी है यह विशेष सूत्रों का दावा है।
बता दें की शिक्षक पद से प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला पद साथ ही सहायक शिक्षक से शिक्षक पद पर पदोन्नति साथ ही पदस्थापना सरगुजा संभाग में विगत माह किया गया है,इसके लिए बकायदा शासन का निर्देश था की काउंसलिंग की प्रकिया अपनाई जाए और सभी को मन मुताबिक विद्यालय मिल सके यह प्रयास किया जाए लेकिन शासन के द्वारा शिक्षकों को दिए गए काउंसलिंग प्रक्रिया में सेंध लगाकर अपनी जेब भरने का रास्ता कुछ लोगों ने ढूंढ निकाला और आर्थिक लाभ की चाहत में उन्होंने पारदर्शी पदस्थापना काउंसलिंग प्रकिया को दोषपूर्ण बना डाला,पूरे मामले में कोरिया जिले के शिक्षकों को इसकी भनक तब लगी जब काउंसलिंग से नदारत शिक्षकों को वह विद्यालय मिल सके जो उनके ऊपर के क्रम के वरिष्ठ शिक्षकों को नहीं मिल सके जबकि वह काउंसलिंग में भी शामिल हुए और वरिष्ठ भी थे।
कोरिया के शिक्षकों की शिकायत पर संयुक्त संचालक जहाँ जाँच करनी थी वहा उन्हें कर दिया निलंबित
जब इसकी शिकायत कोरिया जिले के शिक्षकों ने संयुक्त संचालक से की तो उन्होंने शिकायत की जांच करने की बजाए दो शिक्षकों को ही निलंबित कर दिया और जो दोषपूर्ण उन्होंने पदस्थापना की थी उसमे खुद को बचाने उन्होंने सूरजपुर के एक शिक्षक संघ प्रमुख का साथ लिया और दोषपूर्ण पदस्थापना मामले में सूरजपुर जिले के कुछ शिक्षकों को कोरिया जिले के उन विद्यालयों में पदस्थ किया जिनको लेकर विवाद था और कोरिया जिले के विवाद वाले शिक्षकों को सूरजपुर जिले के उन विद्यालयों में पदस्थ किया जहां कोरिया जिले के विवाद में आए शिक्षकों जो की काउंसलिंग में भी अनुपस्थित थे उनकी पदस्थापना की गई थी,बताया जा रहा है की 12 मई अंतिम तिथि तक कार्यभार ग्रहण करना निर्धारित था और इसमें केवल उन्हीं को छूट मिली हुई है जिन्होंने पैसा देकर पदस्थापना खरीदी हुई है।
आपसी सामंजस्य के आधार पर होगा भ्रष्टाचार का खेल
विशेष सूत्रों की बता माने तो कोरिया जिले के शिक्षकों ने कुछ पदों पर पदस्थापना को लेकर संयुक्त संचालक से शिकायत की थी और उनका आरोप था की जो लोग कनिष्ठ थे और जो काउंसलिंग में भी अनुपस्थित थे उन्हे बैकुंठपुर में ही पदस्थापना मिलने जा रही है जो इसलिए गलत है क्योंकि उन्हें जो वरिष्ठ थे काउंसलिंग के दौरान वे पद नहीं दिखाए गए जबकि उन्हे पद दिखाया जाना था। शिकायत से संयुक्त संचालक इतने नाराज हो गए की उन्होंने दो शिक्षकों को जो शिकायत करने पहुंचे थे उन्हे निलंबित कर दिया और फिर जिन पदों को लेकर शिकायत थी उन पदों पर परस्पर कोरिया जिले के शिक्षकों की बजाए सूरजपुर जिले के शिक्षकों को पदस्थ कर दिया गया और कोरिया जिले के विवाद में आए नाम वाले शिक्षकों को सूरजपुर जिले में उन विद्यालयों में पदस्थापना आदेश जारी कर दिया गया जो विद्यालय उनके लिए नजदीक थे जिनकी पदस्थापना कोरिया जिले के विवाद में आए विद्यालयों में की गई है। अब बताया जा रहा है की आपसी संशोधन का खेल जो भ्रष्टाचार का खेल है शुरू होने जा रहा है और परस्पर सूरजपुर जिले के शिक्षक को सूरजपुर और कोरिया जिले के शिक्षकों को कोरिया जिले में पदस्थ आपसी सहमति के आधार पर करने की तैयारी है। मामले में ध्यान देने वाली बात यह है की सभी कुछ पैसे के लेनदेन से जुड़ा हुआ है यह बताया जा रहा है।
सूरजपुर जिले के एक शिक्षक संघ प्रमुख की भूमिका मामले में संदिग्ध
पूरे लेनदेन मामले में सूरजपुर जिले के एक संघ प्रमुख की भूमिका संदिग्ध है और सूत्र के द्वारा बताया जा रहा है की सूरजपुर जिले के शिक्षकों जिन्हे कोरिया जिले के लिए पदस्थापना आदेश जारी हुआ है को उसी संघ प्रमुख ने तैयार किया है और आश्वासन दिया है की उनका आपसी सहमति के आधार पर संशोधन हो ही जायेगा और उन्हे उनके घर के पास के विद्यालय में पदस्थ करा दिया जाएगा। सूरजपुर के संघ प्रमुख ने पूरे भ्रष्टाचार को बल प्रदान करने साथ ही उसको छुपाने संयुक्त संचालक की बड़ाई वाला प्रेस विज्ञप्ति भी जारी किया था जो साबित करने के लिए काफी है की पूरे मामले में उनकी भूमिका क्या है।
शिक्षकों का साथ देने की बजाए शिक्षक संघ शिक्षकों से वसूली साथ ही उनपर कार्यवाही मामले में संलिप्त दिखे- पूरे मामले में शिक्षक संघों की भूमिका जो सामने आई उसे देखकर यही समझा जा सकता है की शिक्षक संघ केवल शिक्षकों के शोषण के लिए बने हुए हैं और शिक्षकों से वसूली और अधिकारियो की चापलूसी ही उनका मुख्य पेशा है। शिक्षक संघ पदोन्नति मामले में शिकायत करने जो की जायज शिकायत थी मामले में एक तो मौन रहे वहीं जब दो शिक्षकों को बेवजह निलंबित किया गया तब संघ प्रमुख संयुक्त संचालक के लिए कसीदे पढ़ते नजर आए। शिक्षक संघ की भूमिका शिक्षक हित वाली बिल्कुल नजर नहीं आई और यह साबित हुआ की शिक्षक संघ के प्रमुख अधिकारियों की ही चापलूसी में मस्त हैं।
सोशल मीडिया में बधाई संदेश से खुला था भ्रष्टाचार का खेल
शिक्षक पदोन्नति मामले में पदस्थापना में किस तरह भ्रष्टाचार हो रहा था इसका खुलासा तब हुआ जब जो शिक्षक कनिष्ठ होकर भी काउंसलिंग में शामिल नहीं हुए थे उन्होंने सोशल मीडिया में यह घोषणा कर दी की उन्हे मनचाही पदस्थापना मिल गई है। इसकी जानकारी जब वरिष्ठ शिक्षकों को हुई उन्होंने इसकी शिकायत संयुक्त संचालक से की और संयुक्त संचालक अपनी पोल खुलती देख नाराज हुए और दो शिक्षकों को उन्होंने निलंबित कर खुद को पाक साफ बताने का पूरा प्रयास किया।
सूरजपुर जिले के शिक्षकों की कोरिया जिले में पदस्थापना मामले में ही छिपा है भ्रष्टाचार का राज
सूरजपुर जिले के जिन शिक्षकों को कोरिया जिले में पदस्थापना दी गई है उसी मामले में भ्रष्टाचार का राज छिपा हुआ है। सूरजपुर के कोरिया जिले में पदस्थ किए गए शिक्षकों की काउंसलिंग और कोरिया जिले के शिक्षकों की काउंसलिंग तिथि साथ ही समय का यदि आंकलन किया जायेगा पूरा राज खुल जायेगा की कैसे भ्रष्टाचार को अंतिम समय तक पूरा करने खेल रचा गया।।। सूत्रों के अनुसार जिन्हे भी मनचाही पदस्थापना दी जानी है उनका आपसी सहमति वाला आवेदन ले लिया गया है और अब भ्रष्टाचार का अंतिम खेल खेला जाने वाला है।


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