- क्या नेतागिरी की वजह से ही कोयला उद्योग निजी हाथों में लगातार देने सरकार की मजबूरी?
- पूर्व कैबिनेट मंत्री भईयालाल राजवाड़े ने यह पत्र तब क्यों नहीं लिखा है जब भाजपा जिलाध्यक्ष स्वयं एसईसीएल कर्मचारी थे?
- कांग्रेस पार्टी के तीन एसईसीएल कर्मचारी डंके की चोट पर करते हैं नेतागिरी पर नहीं करते एसईसीएल में अपने कर्तव्यों का निर्वहन क्यों?
- एसईसीएल के अधिकारी भी इन नेताओं के सामने है नतमस्तक यही वजह है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री ने की उच्च स्तरीय शिकायत
- पूर्व कैबिनेट मंत्री पूर्व भाजपा विधायक बैकुंठपुर ने कोयला मंत्री भारत सरकार को लिखा पत्र
- एसईसीएल में कार्यरत साथ ही कांग्रेस पार्टी में सक्रिय राजनीति करने वाले श्रमिकों के स्थानांतरण की पत्र में लिखी है बात

-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 10 मई 2023 (घटती-घटना)। राज्य सरकार या केंद्र सरकार के उद्योगों में कार्यरत कर्मचारी वेतन लेने के बावजूद करते हैं राजनीतिक पार्टियों का काम और अपनी पार्टियों के दम पर जिस विभाग से वेतन लेते हैं उस विभाग पर जमाए रखते हैं अपनी धौस,सरकार से वेतन पाते हैं और किसी राजनीतिक पार्टी के कामों में 24 घंटे व्यस्त रहते हैं, अब समझ में नहीं आता की वेतन राजनीतिक पार्टियों के लिए काम करने के लिए दिए जाते हैं या फिर जिस काम के लिए रखा है उस काम के लिए वेतन दिए जाते हैं? कुछ ऐसा ही हाल कोरिया जिले के नगर पालिका क्षेत्र शिवपुर चरचा क्षेत्र में एसईसीएल की संचालित कोयले की खदान में कार्यरत कर्मचारी अपने मूल पदों के दायित्वों का बिना निर्वहन किए पूरा वेतन उठाते हैं और काम करते हैं किसी एक राजनीतिक पार्टी का, राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता होने का धौस भी एसईसीएल के अधिकारियों को ही दिखाया जाता है एसईसीएल के अधिकारी भी इनके आगे नतमस्तक हैं और इन पर कोई कार्यवाही कर पाने में वह असमर्थ हैं, इसलिए पूर्व कैबिनेट मंत्री ने ने 3 कर्मचारी संजय राय, भूपेंद्र यादव, पंकज मिश्रा की उच्च स्तरीय शिकायत कर पूरी गतिविधियों से अवगत कराते हुए इन कर्मचारियों का स्थानांतरण की कार्यवाही की जाने की मांग की है, जिसके बाद से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है शिकायत के बाद स्थानांतरण होगा या नहीं होगा यह तो बाद का विषय है पर इस समय इन तीनों कर्मचारियों की स्थानांतरण की मांग को जायज बताया जा रहा है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री भईयालाल राजवाड़े ने प्रहलाद जोशी कोयला खान एवं संसदीय कार्य मंत्री भारत सरकार नई दिल्ली को पत्र लिखकर बताया कि छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में चरचा कॉलरी बैकुंठपुर एरिया के चरचा माइंस आरओ में विगत 20 वर्षों से एक ही स्थान पर कुछ कर्मचारी जमे हुए हैं, साथ ही उन्होंने लिखा है कि कोयलांचल मेरे विधानसभा क्षेत्र कमांक 03 बैकुण्ठपुर क्षेत्र में स्थित है जिसमे निम्न कर्मचारी कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय रुप से कार्य व आर्थिक रुप से भी पार्टी को मदद करते आ रहे है तथा नगर पालिका चरचा में विभिन्न निर्माण कार्यों का व सामाग्री सप्लाई कार्य करते आ रहे है, अपने पदो का दुरुपयोग करते हुए एसईसीएल की भूमि पर अवैध तरीके से अपना मकान निर्माण कर किराया से दिया जा रहा है क्षेत्र में आतंक सा वातावरण निर्मित किये हुए है, क्षेत्रीय विधायक कांग्रेस पार्टी का इन तीनों कर्मचारियों पर आर्शिवाद प्राप्त है जिससे हमारे भाजपा कार्यकर्ताओं को अनावश्यक विवादों में घेरे रहते है भाजपा कार्यकर्ताओं को कांग्रेस पार्टी में समर्थन देने व प्रवेश कराने का दबाव बनाते है। कर्मचारी कभी भी अपने पद पर डयूटी में नहीं जाते है हाजरी रजिस्टर में इक्कठे कई दिनों का निरंक स्थान पर हस्ताक्षर करते है अन्य कर्मचारीयों पर भी विधि विरुद्ध तरीके से कार्य करवाते है आपत्ति करने पर स्थानांतरण करवाने का धमकी दिया जाता है आदरणीय खान प्रबंधन को भी दबाव में रखे है इन तीनों कर्मचारियों के पदस्थ रहने से भाजपा कार्यकर्ताओं को काफी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत में लिखा की भुपेन्द्र यादव पिता स्व. रामप्रवेश यादव/लिपिक ग्रेड है जिसका एंपलाई नंबर 24903384 चरचा माइंड बैकुण्ठपुर क्षेत्र एसईसीएल से स्थानांतरण कर डब्ल्यूसीएल चन्द्रपुर क्षेत्र में भेजा जाए। पंकज मिश्रा पिता स्व. चन्द्रशेखर मिश्रा / ओवर मैन एसईसीएल 2264361 चरचा माईन बैकुण्ठपुर क्षेत्र एसईसीएल से स्थानांतरण कर डब्ल्यूसीएल भेजा जाए, संजय राय पिता स्व. आर. एस. राय / कैट 2 लैम्प क्लीनर एम्पलाई नंबर 22627434 चरचा माईन आरओ बैकुण्ठपुर क्षेत्र एसईसीएल से स्थानांतरण एनसीएल सिंगरौली क्षेत्र में भेजा जाए। श्री राजवाड़े ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि उक्त कर्मचारीयों का उक्त कारणों से उपरोक्तानुसार स्थानांतरण करने विषयक संबंधित को तत्काल निर्देशित करने का आग्रह किया है।

भाजपा जिलाध्यक्ष भी थे एसईसीएल कर्मचारी,हाल में ही हुए हैं सेवानिवृत्त
पूर्व कैबिनेट मंत्री भईया लाल राजवाड़े ने यह पत्र तब लिखा है जब भाजपा जिलाध्यक्ष जो स्वयं एसईसीएल कर्मचारी थे सेवानिवृत हो चुके हैं। ऐसा नहीं है की एसईसीएल में कार्यरत साथ ही राजनीतिक दल में सक्रिय लोग केवल कांग्रेस पार्टी में ही नेतागिरी करते हैं। भाजपा के भी कई नेता ऐसे हैं जिन्होंने एसईसीएल में कार्य करते हुए पार्टी के लिए भी काम किया है। भाजपा जिलाध्यक्ष के सेवानिवृत होने उपरांत लिखे गए शिकायती पत्र से सवाल यह भी उठता है की क्या यह शिकायत एक दल विशेष के लिए कार्य करने वालों के लिए है मात्र या सभी की शिकायत आने वाले समय में करेंगे पूर्व कैबिनेट मंत्री।

एसईसीएल में काम करने वालों की संख्या है कम,बिना काम वेतन लेकर नेतागिरी करने वालों की संख्या है ज्यादा
एसईसीएल में प्रायः देखा जाता रहा है की ईमानदारी से काम करने वालों की संख्या बहुत ही कम है। बिना काम वेतन लेने और नेतागिरी करने वालों की संख्या एसईसीएल में ज्यादा ही है। एसईसीएल केंद्र के अधीन साथ ही केंद्र के अधीनस्थ एक उद्योग है और चूंकि इस उद्योग में केंद्र का भी दबदबा कम ही है इसलिए यहां नेतागिरी हावी है।
नेतागिरी की वजह से ही कोयला उद्योग निजी हाथों में लगातार देने सरकार की बनी हुई है मजबूरी
कोयला खदानों में कार्यरत लोगों की लगातार नेतागिरी साथ ही बिना काम वेतन लेने की परंपरा की ही वजह से कोयला उद्योग लगातार निजी हाथों में चला जा रहा है।