अपराधी को बाहर लाने की क्या जरूरत
पटना, 25 अप्रैल 2023 (ए)। बिहार सरकार के कानून में संशोधन कर पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई पर पूर्व आईएएस अधिकारी जी कृष्णैया की पत्नी उमा देवी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे अपने साथ अन्याय बताया है।
बिहार में जाति की राजनीति है, वह राजपूत है, इसलिए उन्हें राजपूत वोट मिलेंगे सिर्फ इसलिए ही उन्हें जेल से निकाला जा रहा है, नहीं तो एक अपराधी को बाहर लाने की क्या जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आनंद मोहन को चुनाव में टिकट दिया जाएगा, ताकि वह राजपूत वोट ला सकें। इस फैसले से वो खुश नहीं हैं, उन्हें लगता है कि यह गलत है।
नेचर और सिग्नेचर अंत में बदल ही जाते हैंः आनंद मोहन
इधर, आनंद मोहन ने कहा कि वे पैरोल सरेंडर के लिए जाएंगे और जेल की सभी औपचारिकताएं और प्रक्रियाएं पूरी करेंगे।
पूर्व सांसद और हत्या के दोषी आनंद मोहन सिंह ने आत्मसमर्पण के लिए पटना से सहरसा के लिए रवाना होने के बाद कहा कि वे आज ही वापस जाएंगे और कल सुबह तक वहां पहुंच जाएंगे।
उन्होंने कहा कि नेचर और सिग्नेचर अंत में बदल ही जाते हैं। बता दें कि वह अपने बेटे की शादी के लिए 15 दिनों की पैरोल पर बाहर हैं, जिसका आज अंतिम दिन है।
आनन्द मोहन की रिहाई
उनके निर्दोष होने का प्रमाण : राजीव प्रताप रूडी
आनंद मोहन की रिहाई के समाचार पर सांसद रुडी ने हर्ष व्यक्त किया है और कहा है कि सरकार का यह निर्णय यह सिद्ध करता है कि उन्हें जानबूझकर षड्यंत्र का शिकार बनाया गया। एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सांसद रुडी ने कहा कि आनन्द मोहन जी को रिहा करके राज्य सरकार ने उनके निर्दोष होने का प्रमाण दिया है। अब राज्य सरकार को प्रायश्चित भी करना चाहिए तथा नीतीश कुमार और लालू यादव को माफी भी मांगनी चाहिए। आनन्द मोहन की राजनीतिक यात्रा को पूरी तरह समाप्त करने का हर वो कदम उठाया गया था जिससे उनकी राजनीति को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके। परन्तु वर्तमान राज्य सरकार ने अपनी लोकप्रियता क्षवि धूमिल होते देख उनकी रिहाई का निर्णय लिया।
