बैकुण्ठपुर@पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष के लिए दुखद व वर्तमान अध्यक्ष के लिए सुखद समय!

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  • क्या पूर्व युवा जिलाध्यक्ष पूर्व कैबिनेट मंत्री के प्रयास से व वर्तमान को भाजपा जिलाध्यक्ष की चापलूसी करके मिला भाजयुमो जिलाध्यक्ष का पद?
  • अंततः हटाये गए पूर्व मंत्री समर्थक भाजयुमो जिलाध्यक्ष अंचल राजवाड़े
  • चरण वंदन करने वाले कार्यकर्ता हितेष सिंह को बनाया नया जिलाध्यक्ष
  • रवि सिंह –
    बैकुण्ठपुर 23 अप्रैल 2023 (घटती-घटना)। उद्यान विभाग से जुड़े एक मामले में अपराध दर्ज होने के बाद अंततः भारतीय जनता युवा मोर्चा के कोरिया जिलाध्यक्ष अंचल राजवाड़े को पद से हटा दिया गया है, पिछले कुछ महीने से भाजपा जिलाध्यक्ष का चरण वंदन कर रहे युवा कार्यकर्ता हितेष प्रताप सिंह उर्फ लक्की को युवा मोर्चा का नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है। हटाये गये जिलाध्यक्ष अंचल राजवाड़े पूर्व केबिनेट मंत्री भैयालाल राजवाड़े के कट्टर समर्थक माने जाते हैं, और उनको हटाने से कहीं न कहीं पूर्व मंत्री को भी झटका लगा है। इसे भाजपा की गुटीय लड़ाई से भी जोड़कर देखा जा रहा है, उल्लेखनीय है कि भाजपा में इन दिनों गुटो की बाढ सी आ गई है, ऐन चुनाव के वक्त संगठन की स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है, प्रदेष संगठन मौन धारण किये हुए है जिसका खामियाजा आगामी विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
    जमानत मिलने के बाद हटाये गए अंचल राजवाड़े
    भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष के रूप में काम कर रहे अंचल राजवाड़े के खिलाफ उद्यान विभाग के किसान से संबंधी मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद वे फरारी पर थे और उच्च न्यायालय से जमानत मिलने बाद कुछ दिन पहले ही उनका कोरिया जिला आगमन हुआ था। कोरिया आगमन के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णबिहारी जायसवाल की उपस्थिति में ही भाजपा कार्यालय में अंचल राजवाड़े का जोषिला स्वागत किया गया था। भाजपा कार्यालय में स्वागत के बाद अंचल राजवाड़े के पद में बने रहने को लेकर संषय की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन पार्टी सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार अंचल राजवाड़े मामले में मुख्य भूमिका निभाने वाले एक नेता ने उन्हे बदलने के लिए काफी जोर लगाया और अंततः अंचल राजवाड़े को बदल ही दिया गया। ज्ञात हो कि अंचल राजवाड़े को जब भाजयुमो का जिलाध्यक्ष बनाया गया था तब भी कई दावेदार थे लेकिन पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े के प्रयास के बाद अंचल राजवाड़े को ही अध्यक्ष बनाया गया था। अपने कार्यकाल में वे काफी सक्रिय थे और अपने नेतृत्व में सत्ता के विरोध में आवाज भी मुखर किया था। युवाओ के बीच गहरी पैठ और पार्टी में बढती लोकप्रियता के कारण पार्टी में ही अंचल राजवाड़े के विरोधियों की संख्या काफी बढ गई थी, प्रदेश से लेकर सरगुजा संभाग के वरिष्ठ नेताओं के बीच भी उनकी खासी पकड़ थी लेकिन मामला दर्ज होने के बाद उनके राजनैतिक भविष्य पर सवालिया निषान लग गया था।
    खूब किया भाजपा जिलाध्यक्ष का चरण वंदन और पा लिया जिलाध्यक्ष का पद
    भाजयुमो जिलाध्यक्ष अंचल राजवाड़े को हटाये जाने के बाद भाजयुमो के जिला मंत्री के रूप में काम कर रहे हितेश प्रताप सिंह उर्फ लक्की को नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है। नये जिलाध्यक्ष बनाये गए हितेष प्रताप सिंह के बारे में बतलाया जाता कि अंचल राजवाड़े का मामला सामने आने के बाद पार्टी के एक गुट के साथ वे जिलाध्यक्ष बनने को लेकर लाबिंग कर रहे थे। भाजपा जिलाध्यक्ष को लेकर अपने फेसबुक पेज पर भी वे लगातार चरण वंदन करते नजर आ रहे थे। जिसका फल उन्हे जिलाध्यक्ष के पद के रूप में प्राप्त हुआ है। देखने वाली बात होगी कि नए भाजयुमो जिलाध्यक्ष सभी गुटो को साथ लेकर कैसे काम करेंगे। पार्टी के इस निर्णय से असंतुष्ट हो रहे कुछ नेताओं ने बतलाया कि नए जिलाध्यक्ष की युवाओं में खासी लोकप्रियता और पकड़ नही है सिर्फ जिलाध्यक्ष का पैर छुकर पद पा लिया गया है जबकि कई ऐसे युवा नेता थे जो कि इस पद के लायक थे और साफ व स्वच्छ छवि भी थी। उनकी कमी बस इतनी थी कि वे जिलाध्यक्ष का चरण वंदन करने में पीछे छूट गये जिससे पद की रेस से बाहर हो गए।
    क्या पूर्व मंत्री को कमजोर करने के लिए बदला गया जिलाध्यक्ष?
    यह सर्वविदित था कि हटाये गये भाजयुमो जिलाध्यक्ष अंचल राजवाड़े पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े समर्थक थे। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही भाजपा में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं कुछ दावेदार खुले रूप में तैयारी कर रहे हैं तो कुछ दावेदार दबी जुबान से सिर्फ संगठन के बलबूते टिकट की आस लगाकर बैठे हुए हैं। यह कहना कहीं से गलत नही है कि भाजपा में भैयालाल राजवाड़े के बाद शैलेष षिवहरे,देवेन्द्र तिवारी का नाम टिकट की दौड़ में शामिल है लेकिन सूत्र बतलाते हैं कि अब भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णबिहारी जायसवाल भी अंदर ही अंदर विधानसभा की तैयारी कर रहे हैं। और अपनी लाबिंग तैयार करने ही उनके द्वारा भैयालाल राजवाड़े समर्थक अंचल राजवाड़े को हटाकर खुद का चरण वंदन करने वाले कार्यकर्ता को नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है। अति विष्वस्त सूत्रों का कहना है कि पूर्व मंत्री श्री राजवाड़े अंचल राजवाड़े को हटाने के लिए तैयार नही थे लेकिन एक अन्य नेता जिसने कि अंचल राजवाड़े के मामले में भीतरखाने से मुख्य भूमिका निभाई थी,उनके विषेष प्रयास से ही भाजपा जिलाध्यक्ष के द्वारा हितेष प्रताप सिंह को अध्यक्ष बनाया गया है। बतलाया जाता है कि अब अंदर ही अंदर इस निर्णय से पार्टी की लड़ाई और बढेगी,तय है कि पूर्व मंत्री को कमजोर करने के लिए ही उनके न चाहते हुए भी यह निर्णय लिया गया है,जिससे कि आगामी समय में पार्टी में खिंचतान बढने की उम्मीद है।
    जिलाध्यक्ष क्यों दे रहे गुटबाजी को हवा समझ से परे?
    क्या जिलाध्यक्ष खुद को सर्वेसर्वा मान चुके हैं क्या उनके हर निर्णय को अब प्रत्येक नेता और कार्यकर्ता को मानना ही पड़ेगा यह एक सवाल पैदा हो गया है। नए अध्यक्ष की नियुक्ति के मामले में भी बतलाया जाता है कि भाजपा जिलाध्यक्ष ने पार्टी के वरिष्ठ नेताआंे को विष्वास में नही लिया, किसी से सलाह तक नही लिया गया, जिसने चरण वंदन किया उसे पद दे दिया गया। पद देने के पहले सामाजिक समीकरण का भी जरा सा ख्याल नही रखा गया,साहू समाज से भी इस पद के लिए उपयुक्त दावेदार थे जो कि लंबे समय से पार्टी का काम कर रहे हैं लेकिन उन्हे दरकिनार कर दिया गया। हमेशा देखने में आता है कि मोर्चा संगठन के जिलाध्यक्ष की घोषणा प्रदेश स्तर से ही की जाती है,लेकिन यह पहली बार देखने को मिला कि इस बार भाजपा जिलाध्यक्ष ने ही युवा मोर्चा के अध्यक्ष की निुयक्ति अपने हस्ताक्षर से कर दी है। जाहिर सी बात है इस प्रकार के एकला चलो की नीति से पार्टी में गुटबाजी को हवा मिल रही है,पार्टी कई गुटो में पहले से बंट गई है,उसके बावजूद जिलाध्यक्ष मनमानी कर रहे हैं प्रदेष संगठन को इन सभी मामलो पर संज्ञान लेने की आवष्यता है।
    क्या खुद की लांबिग कर रहे जिलाध्यक्ष?
    अंचल राजवाड़े को पद से हटाने के पीछे एक लंबी राजनैतिक खेल खेले जाने की भी जानकारी सूत्रों से मिल रही है। बतलाया जाता है कि अंचल राजवाड़े उभरते हुए नेता थे जिसे भाजपा के ही कुछ नेता पचा नही पा रहे थे। जब अपराध दर्ज हुआ तब अंचल राजवाड़े को पद से न हटाकर जब जमानत मिल गया तब पद से हटाया गया है। इस मामले पर पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया में भाजपा के एक नेता के समर्थक काफी सक्रिय थे,और अब एक बार फिर उन्ही समर्थकों को नए जिलाध्यक्ष के लिए सक्रिय देखा जा रहा है। एक सवाल और उठ रहा है कि भाजपा जिलाध्यक्ष अब खुद विधानसभा चुनाव लड़ना चाह रहे हैं,उनके पास समर्थकों की भारी कमी है,इसलिए ऐसे कार्यकर्ता को युवा विंग की जिम्मेदारी दे दी गई जो कि उनकी वाहवाही करता रहे। कुल मिलाकर कहा जा रहा है कि आगामी चुनाव के लिए खुद के पक्ष में लाबिंग कराने के लिए ही आनन फानन में पूर्व मंत्री समर्थक को पद से हटाकर नया जिलाध्यक्ष बना दिया गया है। सूत्र बतलाते हैं कि जिलाध्यक्ष के इस निर्णय से अब पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े भी नाराज हैं, ज्ञात हो कि भाजपा जिलाध्यक्ष को दोबारा जिलाध्यक्ष बनाने के पीछे पूर्व मंत्री श्री राजवाड़े का ही हाथ माना जाता है लेकिन अब पूर्व मंत्री समर्थक भाजयुमो जिलाध्यक्ष को हटाने से नए समीकरण बनने के आसार नजर आने लगे हैं।
    क्षेत्रीय विधायक से भी दिखती है नए युवा जिलाध्यक्ष की नजदीकियां
    भारतीय जनता युवा मोर्चा के नए जिलाध्यक्ष बनाये गए सलका निवासी हितेष प्रताप सिंह के बारे में बतलाया जाता है कि वे पंचायत के पंच की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं भाजपा के संगठन से वह ज्यादा तो वाकिब नही लेकिन चंद दिनों की नेतागिरी में सीधे जिलाध्यक्ष जैसा अहम पद मिलने से पुराने युवा कार्यकर्ताओं को काफी आघात लगा है। बतलाया जाता है कि कई मौके पर नवनियुक्त जिलाध्यक्ष को क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक अंबिका सिंहदेव के साथ भी देखा जाता है। जिन्हे वे बुआ जी कहकर संबोधित करते फिरते हैं। एक सामाजिक कार्यक्रम में वे विधायक के साथ पूरे जोश के साथ सेल्फी लेते भी नजर आ रहे हैं ऐसे में लोग यह समझ नही पा रहे हैं कि आखिर नवनियुक्त जिलाध्यक्ष भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता हैं या उनका संबंध कांग्रेस और खासकर विधायक अंबिका सिंहदेव से भी है। लोगो का कहना है कि जल्दबाजी में भाजपा जिलाध्यक्ष ने बगैर दूसरें पदाधिकारियों से चर्चा किए बगैर व विश्वास में लिये बिना यह कदम उठाया है जिससे कि आने वाले समय में नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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