कोरबा, 20 अप्रैल 2023 (घटती-घटना)। प्रदूषण के मामले में कोरबा जिला पूरे प्रदेश में अव्वल पायदान में है तो इससे इनकार नहीं किया जा सकता अब तो कोरबा जिले के नागरिक प्रदूषण को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिए हैं जिला में प्रदूषण इस कदर बढ़ चुका है की इससे बुरी तरह प्रभावित लोग अब अपनी लड़ाई खुद लड़ने के तैयार हो गए हैं आपको बता दें कि पूर्व में प्रदूषण की मात्रा को परीक्षण करने कई टीमें जिले में आई और परीक्षण कर पाया कि कोरबा के वायु में जितने मात्रा में प्रदूषण की मानक होनी चाहिए उससे कई ज्यादा मात्रा में यहां के वायु में प्रदूषण की मात्रा है जो इंसानों के स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक सिद्ध हो रहा है बावजूद इसके संबंधित विभाग द्वारा इसके रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा , जिसके चलते कुछ दिन पूर्व शांतिनगर क्षेत्र बालकों के प्रभावित लोगों ने राखड़ के प्रदूषण से त्रस्त होकर चक्का जाम कर अप्रत्याशित प्रदूषण से मुक्ति दिलाने की मांग पर्यावरण विभाग से की थी जिस पर त्रिपक्षीय वार्ता में कुछ बिंदुओं पर सहमति जताते हुए बाल्को प्रबंधन ने कार्य करने का आश्वासन दिया परंतु तय समय सीमा तक किसी प्रकार के कार्य नहीं होने से शांति नगर निवासियों ने पर्यावरण विभाग के अधिकारियों को उनके कर्तव्य के प्रति जागरूक करने के लिए पर्यावरण ऑफिस पहुंचकर वहां उपस्थित अधिकारियों को राखड़ भेंट की एवं पूरे ऑफिस परिसर में राख फैला दी जिससे विभाग के अधिकारियों को यह तो मालूम हो कि राख के प्रदूषण से आम नागरिक कैसे जूझ रहा है। इस दौरान शांति नगर निवासियों की मांग है कि जल्द से जल्द प्रशासन द्वारा उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
