भाजपा का तंज आप की कमान किसी और को सौंप दे…
चंडीगढ़ ,15 अप्रैल 2023 (ए)। दिल्ली की एक्साइज पॉलिसी को लेकर जिसमें सीबीआई और ईडी ने केस दर्ज किया था। उसे लेकर सियासत गरमा गई है। सीबीआई ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को रविवार को दिल्ली कार्यालय में बुलाया है लेकिन इसको लेकर सियासत पंजाब में गरमा गई है।
केजरीवाल की आवाज को दबाना मुश्किलःमान
मुख्यमंत्री भगवंत मान से लेकर पंजाब के तमाम मंत्री और विधायकों ने इसे केंद्र सरकार का तानाशाही भरा फैसला बताया और कहा कि अरविंद केजरीवाल क्रांतिकारी नेता हैं। उन्हें मोदी सरकार की ईडी और सीबीआई दबा नहीं सकती। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा था कि अरविंद केजरीवाल जी की आवाज को दबाना बहुत मुश्किल है। वह सत्य बोलने वाले लोगों के दिल में जगह बनाते हैं। उन्हें लोगों के दिलों से कोई किसी को डिलीट नहीं कर सकता। हम चट्टान की तरह उनके साथ खड़े हैं।
अदाणी मामले में भाजपा को घेरा
शनिवार को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, अरविंद केजरीवाल ने अदाणी और भाजपा का गठजोड़ साबित किया इसलिए सीबीआई उनके पीछे पड़ गई है। हमारे नेता बहादुर हैं। केजरीवाल को इस तरह से चुप नहीं कराया जा सकता। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा, बाबासाहेब की सोच पर चलने वाले और ईमानदार राजनीति के नायक अरविंद केजरीवाल जी को सीबीआई के समन के जरिए डराने-धमकाने से केंद्र सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उठाए जा रहे क्रांतिकारी कदमों को नहीं रोक सकती।
आप में सदियों पुरानी पार्टियों को गिपाने की हिम्मत है
स्वास्थ्य मंत्री डॉ बलबीर सिंह ने कहा, मुझे वह समय स्पष्ट रूप से याद है जब अरविंद केजरीवाल आए और राजनीतिक प्रतिष्ठान को हिला दिया। भारत की राजनीतिक प्रणाली के बारे में पूरी तरह से निराशा और अविश्वास था। वह सभी भारतीयों के लिए उम्मीद लेकर आए। आप जितना उन्हें दबाने की कोशिश करेंगे, वह उतना ही ऊपर उठेंगे। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा, “अरविंद केजरीवाल में आम आदमी होते हुए भी सदियों पुरानी ताकतवर पार्टियों और सरकारों को चुनौती देने, लड़ने और गिराने की हिम्मत है।
डराने के लिए सीबीआई नोटिस दिया जा रहा
आज द हीरो ऑफ मिलियन्स को सिर्फ डराने या तोड़ने के लिए सीबीआई नोटिस दिया जा रहा है। साजिशकर्ता अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सकते। हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।
प्रताप बाजवा ने आप को किया कटघरे में खड़ा विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने शराब घोटाले के सिलसिले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा तलब किए जाने के बाद शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि आप प्रमुख अब भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने का अपना अधिकार खो चुके हैं।
बाजवा बोले-पार्टी की कमान किसी और को सौपने का समय आ गया है
बाजवा ने पूछा कि भ्रष्टाचार के मामलों का सामना कर रहे लोगों की तुलना राष्ट्रीय नायकों से करने से ज्यादा दमनकारी क्या हो सकता है? क्या आप नेतृत्व को नैतिकता की बुनियादी समझ है? बाजवा ने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार द्वारा लाई गई नई शराब नीति में बहुत बड़ा घोटाला हुआ है और भ्रष्टाचार के एक मामले में फंसने के बाद वह और उनके कैबिनेट सहयोगी नई नीति से कैसे पीछे हट गए ताकि वे पुरानी शराब नीति पर वापस जा सके। राजनीति में सभी को भ्रष्ट कहने वाले केजरीवाल और उनके कैबिनेट सहयोगी अब भ्रष्टाचार के ऐसे ही आरोपों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा,समय आ गया है कि वह अपनी पार्टी की कमान किसी और को सौंप दें और भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करें।
