बैकुण्ठपुर@भाजयुमो नेता के जमानत के बाद हुए स्वागत की हो रही आलोचना, भाजपा की कार्यप्रणाली पर हो रहा है सोशल मीडिया पर कटाक्ष

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  • भाजयुमो नेता पर गरीब आदिवासी समुदाय के व्यक्ति से धोखाधड़ी का लगा था आरोप,चल रहे थे फरार
  • जमानत मिलने पर भाजपा कार्यालय में हुआ था भव्य स्वागत,हुई थी आतिशबाजी
  • फरारी से वापस आए भाजयुमो नेता को भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने बताया है टाइगर
  • क्या गरीब आदिवासी व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी करने वाला है फरार चलने वाला है टाइगर लोग पूछ रहे भाजपा से सवाल
  • भ्रष्टाचार बर्दास्त नही कहने वाली भाजपा अपनी नीति रीति से क्यों कर रही किनारा यह भी है लोगों के सवाल
  • मामले में अभी केवल मिली है जमानत नहीं हुए हैं बरी,क्या जिलाध्यक्ष पद से होगी छुट्टी यह भी लोगों के हैं सवाल
  • रवि सिंह –
    बैकुण्ठपुर 08 अप्रैल 2023 (घटती-घटना)। भाजयुमो नेता की जमानत के बाद हुए स्वागत को लेकर अब सोशल मीडिया पर भाजपा कोरिया पर ही सवाल उठने लगे हैं और चौतरफा आलोचना हो रही है क्योंकि एक गरीब आदिवासी व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी करके फरार चल रहे भाजयुमो नेता की जमानत के बाद उसका स्वागत भाजपा कार्यालय में किया गया और स्वागत भी ऐसा वैसा नहीं स्वागत ऐसा किया गया की जैसे वह जंग जीतकर आया हो और कोई बड़ी उपलब्ध पार्टी के खाते में उसने जुड़वाई हो। भाजयुमो नेता के स्वागत में आतिशबाजी की गई शहर में भाजपा कार्यालय के समाने और उसे फूल मालाओं से लाद दिया गया जैसे की उसने पार्टी को वह लाकर दे दिया हो जो पार्टी हासिल न कर सकी हो और पार्टी उत्साह में आ गई हो। उत्साह केवल इतना ही नहीं रहा भाजयुमो कार्यकर्ताओं का उन्होंने फरार चल रहे भाजयुमो नेता को टाइगर तक बताया और टाइगर घर वापस आया ऐसा जताया। भाजपा कार्यालय में हुए स्वागत सम्मान के बाद अब सोशल मीडिया पर भाजपा से सवाल पूछे जा रहें हैं की क्या भ्रष्टाचार का विरोध करने वाली भाजपा की यही रीति नीति है क्या एक भ्रष्टाचार के आरोपी नेता को आरोप में केवल जमानत मिलने पर ही पार्टी खुशी मनाने में मशगूल होकर यही चरित्र उजागर करती है की दोषी होने उपरांत जमानत मात्र ही उसके निर्दोष होने का प्रमाण है। भाजपा कोरिया से लोग यही सवाल पूछ रहें हैं की भ्रष्टाचार का विरोध केवल विपक्ष के लिए ही भाजपा करती है उनके पार्टी के लोगों द्वारा किया गया भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार नहीं है। सोशल मीडिया पर लगातार कोरिया भाजपा पर लोग सवाल खड़े कर रहें हैं और जवाब देने वाला कोई भाजपाई अभी सामने नहीं आया है जो इसका जबाव दे सके।
    भाजपा जिलाध्यक्ष की उपस्थिति में भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने पेश की अपनी सफाई प्रशासन सहित सत्ताधारी दल पर लगाए आरोप- धोखाधड़ी मामले में जमानत मिलने और आतिशी स्वागत मामले में आलोचनाओं में घिरे भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने भाजपा जिलाध्यक्ष की उपस्थिति में कार्यकर्ताओं को अपनी सफाई दी और भाजपा जिला कार्यालय में उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा की उनके ऊपर लगे आरोप निराधार हैं। अंचल राजवाड़े ने आगे कहा की किसान के खाते से राशि निकाली ही नहीं गई वहीं उनका मोबाइल नंबर षड्यंत्र के तहत मामले में उन्हे दोषी बनाने के लिए उपयोग हुआ। उन्होंने प्रशासन सहित सत्ताधारी दल पर आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा की अभी छः महिने चुनाव होने में शेष हैं और हो सकता है की भाजपा की सक्रियता देखते हुए भाजपा के कार्यकर्ताओं पर और भी अपराध पंजीबद्ध हों जिससे बचने की भी जरूरत है और सोशल मीडिया सहित अन्य जगह इसका विरोध भी करना जरूरी है। अंचल राजवाड़े ने सीइओ पर भी आरोप लगाते हुए मामले में दोषी बताया। वैसे यह सफाई तब आई जब उनकी और भाजपा कोरिया की चौतरफा उनके मामले में आलोचना होने लगी। जरूरत थी की पहले वह इस तरह की सफाई देते और बाद में स्वागत के लिए तैयार होते तब बात आलोचना तक नहीं पहुंचती और भाजपा असहज महसूस नहीं करती।
    धोखाधड़ी के आरोपी भाजयुमो नेता को टाइगर बताने और आतिशी स्वागत पर खड़े हो रहे सवाल
    भाजयुमो नेता जिसपर धोखाधड़ी का आरोप लगा है और एक आदिवासी समुदाय के व्यक्ति के साथ यह धोखाधड़ी होने वाली थी जिसमे भाजयुमो नेता आरोपी बनाए गए थे मामले में भाजयुमो नेता को जमानत मिली और जमानत के बाद फरार चल रहे भाजयुमो नेता ने वापसी की और उसे भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने टाइगर बताया और आतिशी स्वागत किया। अब इस स्वागत और टाइगर बताए जाने पर सवाल उठ रहें हैं और सवाल यह पूछा जा रहा है की जमानत मिलते की क्या भाजपा ने भाजयुमो नेता को दोषमुक्त मान लिया और उसे दोषमुक्त मानते हुए उसका स्वागत भाजपा कार्यालय में होने दिया। लोग यह भी कहते सुने जा रहें हैं की एक तरह भाजपा भ्रष्टाचार मुक्त भारत की बात करती है वहीं दूसरी तरफ दोषी भाजयुमो नेता का आतिशी स्वागत हो रहा है और उसे टाइगर बताया जा रहा है।
    क्या भाजपा कोरिया प्रधानमंत्री के भ्रष्टाचार मुक्त भारत की परिकल्पना से नहीं रखती वास्ता?
    भाजपा कार्यालय में जिस तरह भाजयुमो नेता जिसपर धोखाधड़ी का आरोप है आतिशी स्वागत किया गया उसे टाइगर बताया जा रहा है उसको लेकर अब भाजपा कोरिया से यह भी सवाल पूछे जा रहें हैं की क्या भाजपा कोरिया प्रधानमंत्री के भ्रष्टाचार मुक्त भारत की परिकल्पना से वास्ता नहीं रखती है क्या प्रधानमंत्री की बात नहीं मानती है। यदि ऐसा है तब ठीक है ऐसा लोगों ने कटाक्ष किया है। भाजयुमो नेता पर चुकीं गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ था और न्यायालय ने भी कुछ मामलों में दोषी माना है और पूरी तरह उन्हे दोषमुक्त नहीं किया है और अभी प्रकरण विचाराधीन है।
    भाजयुमो नेता को पद से पृथक नहीं किए जाने को लेकर भी भाजपा कोरिया पर उठ रहे सवाल
    भाजयुमो जिलाध्यक्ष रहते हुए भाजयुमो नेता पर धोखाधड़ी का आरोप लगा था और मामला पंजीबद्ध हुआ था। मामला दर्ज होने उपरांत महीनो भाजयुमो जिलाध्यक्ष फरार रहे और जमानत मिलने के बाद वह वापस आए। फरार रहने के दौरान भाजपा कोरिया ने भाजयुमो जिलाध्यक्ष को पद से पृथक नहीं किया और उन्हे भरपूर समय प्रदान किया। भाजपा कोरिया पर यह सवाल उठ रहा है की क्या जानबूझकर भाजयुमो जिलाध्यक्ष को समय दिया गया जिससे वह जमानत लेकर बाहर आ सकें और उनका पद भी बचा रहे।
    पद से पृथक न करके भाजपा कोरिया ने अपनी ही रीति नीति तोड़ दी है यह भी लोगों का कहना है
    किसी दुसरे को न मिल जाए जिलाध्यक्ष बनने का मौका इसलिए फरार चल रहे भाजयुमो जिलाध्यक्ष को दिया गया मौका
    सवाल यह भी उठ रहा है की भाजयुमो जिलाध्यक्ष को फरार रहने के दौरान इसलिए पद से नहीं हटाया गया जिससे किसी अन्य को न जिलाध्यक्ष बनने का मौका न मिल जाए। अन्य किसी को जिलाध्यक्ष इसलिए नहीं बनाया गया क्योंकि वर्तमान पर गंभीर आरोप लगने के बाद भी उसे हटाने की मंशा भाजपा कोरिया की नहीं थी जो स्पष्ट समझा भी जा सकता है। फरार चल रहे जिलाध्यक्ष को जमानत लेने तक पदमुक्त नहीं किया गया उनके जमानत का इंतजार किया गया और जिससे साबित हुआ की उन्हे बचाने किस तरह पार्टी की नीति रीति को ताक पर रखा गया यह भी लोग कहते सुने जा रहें हैं।
    पद पर लटकी थी तलवार,बचे जिलाध्यक्ष,क्या वर्तमान भाजयुमो जिलाध्यक्ष की जगह कोई और होता तो उसे भी मिलता ऐसा ही अवसर?
    भाजयुमो जिलाध्यक्ष के पद पर तलवार लटकी थी जिससे वह बच गए। अब यह भी एक सवाल उठ रहा है जिला भाजपा पर की क्या वर्तमान जिलाध्यक्ष की जगह कोई और होता तो क्या उसके लिए भी इतना ही इंतजार किया जाता क्या उसे भी जमानत का मौका दिया जाता और फरार रहने के दौरान उसपर पदमुक्त करने की कार्यवाही नहीं की जाती। इस मामले में एक भाजपा नेताओं का ही मानना है की ऐसा नहीं होता छोटे से छोटे आरोप लगने पर पदमुक्त किए जाने की कार्यवाही होती रही है और इस मामले में क्यों समय दिया गया समझ से परे है।
    क्या भाजयुमो जिलाध्यक्ष को अब भी किया जाएगा पदमुक्त?
    अब भाजपा कोरिया क्या वर्तमान भाजयुमो जिलाध्यक्ष को पद पर बने रहने देती है या उन्हे पदमुक्त करती है देखने वाली बात होगी। वैसे भाजपा की रीति नीति को मानने वाले लोगों का कहना है की फिलहाल भाजयुमो जिलाध्यक्ष को पद पर बने रहने देने से भाजपा को आलोचना का शिकार होना पड़ सकता है वहीं पदमुक्त करते ही वह प्रधानमंत्री की भ्रष्टाचार मुक्त भारत अभियान के साथ खड़े नजर आएंगे और पार्टी की छवि पर अच्छा असर पड़ेगा और अच्छा संदेश भी जनता के बीच जायेगा की आरोपी को दोषमुक्त होने तक पार्टी पद में नहीं रखेगी वह भी भ्रष्टाचार जैसे मामले के आरोपी को।

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