- तीसरी बार मिलेगा एक साथ काम करने का मौका
- 15 दिन बाद रक्षित केंद्र से वापसी हुई सिटी कोतवाली में निरीक्षक अश्वनी की
- पुलिस अधीक्षक ने किया चार थाने वाले जिले में तबादला सूची जारी
- रवि सिंह –
बैकुण्ठपुर 05 अप्रैल 2023 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के पुलिस अधीक्षक की तबादला सूची हुई जारी है जिसमें एक प्रधान आरक्षक व एक निरीक्षक को 3 साल में तीसरी बार एक साथ काम करने का मौका मिला है, पहले चरचा थाने में किया काम फिर पटना थाने एक साथ दिखे अब साइबर सेल में भी दिखेंगे एक साथ, कर सकते हैं कोई नया कारनामा, वहीं सिटी कोतवाली से निरीक्षक अश्वनी सिंह को 15 दिनों के लिए भेजा गया था रक्षित केंद्र 15 दिनों बाद फिर हुई वापसी हुई है, अश्वनी सिंह के लिए लगता है सिटी कोतवाली ही फिक्स कर दिया गया है इसके अलावा इन्हें कोई थाना नहीं दिया जा सकता यह माना जा सकता है?
तबादला सूची में सिर्फ सोचने वाली बात तो यह है की तीसरी बार एक प्रधान आरक्षक व एक निरीक्षक की जोड़ी एक साथ काम करते दिखेगी यह जोड़ी हमेशा ही सुर्खियों में रही है चरचा में रहते हुए पत्रकार टारगेट में था पटना थाना में रहते हुए पत्रकार टारगेट में था अब साइबर में रहते हुए कौन टारगेट में होगा इसका तो पता नहीं, अंदरखाने में कुछ ना कुछ तो टारगेट में होगा क्योंकि जहां पर यह यह जोड़ी होती है वहां पर तरह तरह की बातें भी होती हैं अब इस बार यह जोड़ी क्या कमाल करेगी यह तो आने वाला समय बताएगा, फिलहाल हो सकता है कि उपनिरीक्षक से निरीक्षक बनने के बाद आने वाली तबादला सूची में निरीक्षक को जिले से बाहर जाना पड़े पर फिलहाल उसमें तो वक्त है अभी तो दोनों की जोड़ी साइबर में ताबड़ तोड़ काम करेगी साइबर संबंधित मामलों का निपटारा तत्काल होगा, क्योंकि दोनों साइबर एक्सपर्ट माने जाते हैं ऐसा विभाग में चर्चा का विषय है।
साइबर सेल में निरीक्षक और प्रधान आरक्षक की जोड़ी करेगी कमाल
माना जा रहा है की साइबर सेल में निरीक्षक और प्रधान आरक्षक की जोड़ी कोई न कोई कमाल जरूर करेगी। वैसे निरीक्षक बनने के बाद उन्हें पुलिस थाने की उम्मीद थी लेकिन उन्हें साइबर सेल की जिम्मेदारी दी गई है और माना जा रहा है की उनकी ही मंशा अनुरूप उन्हे साइबर सेल का जिम्मा दिया गया है। उक्त निरीक्षक और एक प्रधान आरक्षक जो आपस में अच्छे मित्र भी हैं दोनों एक साथ ही रहना पसंद करते हैं और यही वजह है की दोनो अब साइबर सेल में गुल खिलाएंगे। साइबर अपराधों का तो पता नहीं यह निपटान करेंगे की नहीं बशर्ते यह द्वेषपूर्ण कार्यवाही जरूर करेंगे यह तय है।