बावड़ी के ऊपर कंक्रीट स्लैब बनाने की अनुमति किसने दी थी?
किसे पता था कि यह धार्मिक अनुष्ठान किसी हादसे में परिवर्तित होगा
मासूमों का शव देख रो पड़े सेना के जवान
भारतीय सेना की आखें भी हुई नम
श्रद्धालुओं को नहीं था पता कि वो मौत की बावड़ी पर बैठे हैं
इंदौर,31 मार्च 2023 (ए)। इंदौर में हुए दर्दनाक हादसे के बाद सभी शवों को बावड़ी से निकाल लिया गया है, जहां सभी शवों का एक-एक कर अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है। पटेल नगर स्थित जिस बालेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर पर यह हादसा घटित हुआ, उस मंदिर में पिछले कई सालों से राम नवमी पर इसी तरह का धार्मिक अनुष्ठान हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया जाता था, लेकिन अबकी बार किसे पता था कि, यह धार्मिक अनुष्ठान किसी हादसे में परिवर्तित हो जाएगा, और 36 लोग इस हादसे में अपनी जान गवा बैठेंगे, जिस बावड़ी में यह हादसा हुआ, उस बावड़ी के ठीक ऊपर की तरफ भगवान की मूर्तियां लगी हुई थी, जिस पर विधि विधान के साथ चढ़ाई गई पूजन सामग्री इस बात की गवाह थी कि, हादसे से पहले लोगों ने यहां भगवान का विधि विधान के साथ पूजन अर्चन किया है। इतना ही नहीं, रोजाना मंदिर जाने वाले, और यहां पूजन अर्चन करने वालों की आंख भी नम है, जहां वे इस बात पर भी भरोसा नहीं कर पा रहे कि, जिस मंदिर में वे रोजाना भगवान के पूजा अर्चना के लिए पहुंचते थे। उस मंदिर की बावड़ी में 36 लोगों ने अपनी जान गंवा दी।
मंदिर के बाहर लगी सूचना बन गई आखिरी सूचना
पटेल नगर स्थित जिस बालेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में यह हादसा हुआ, उस मंदिर के बाहर लगे ब्लैक बोर्ड पर सूचना लिखी गई थी, जिसमें लिखा गया था कि, 30/03/2023 दिन गुरुवार सुबह 9 बजे नवरात्रि माता जी का हवन सभी भक्तों प्रेमी हवन में आहुति देवें, हवन के बाद भंडारा। बताया जाता है कि, रामनवमी पर आयोजित इसी हवन के वक्त बावड़ी पर डला स्लैब धंस गया, और हवन में मौजूद सभी लोग बावड़ी में समा गए। हवन में शामिल हुए लोगों को नहीं पता था कि, यह हवन उनकी जिंदगी का आखरी हवन होगा, और इसके बाद वे इस दुनिया से अलविदा हो जाएंगे।
एक साथ उठी सभी अर्थियाँ पटेल नगर के बालेश्वर महादेव मंदिर में हुए हादसे का शिकार हुए पटेल नगर के रहवासियों की अर्थियां एक साथ उठी, जिनमें लगभग 11 अर्थियों को पटेल नगर धर्मशाला से अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। अंतिम संस्कार के वक्त परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। वहीं बड़ी संख्या में लोग दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। अंतिम संस्कार से पहले अधिकारियों ने श्मशान घाट पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया था, तो वहीं शुक्रवार की दोपहर सभी दिवंगत आत्माओं का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिस पटेल नगर में यह हादसा घटित हुआ है, उस पटेल नगर में शोक का माहौल व्याप्त है।
सैन्य अधिकारी अर्जुन सिंह ने ज्यादा शव लाने के लिए तीसरे राउंड में सैनिक कम कर दिए। अबकी बार बचाव दल 8 शव लेकर बाहर आया। इनमें 4 पुरुष, 2 महिलाएं और 2 बच्चे शामिल थे। एक साथ 8 शव को ढंकने के लिए चादर और ले जाने के लिए स्ट्रेचर कम पड़ गए।
12 घंटे से पानी में होने से शव पूरी तरह गल चुके थे। बड़े-बड़े अभियान को अंजाम देने वाले जवानों के लिए बच्चों के शव सबसे भारी रहे। उनके हाथ कंपकपा रहे थे। बच्चों के शव देखकर सेना और बचाव दल सहित वहां मौजूद अन्य लोगों की आंखें भी नम हो गईं थी।
अधिकारियों ने बताया कि मंदिर के संकरी जगह में बने होने के कारण बचाव कार्य में शुरुआत में बाधा आई और मंदिर की एक दीवार तोड़ कर पाइप इसके भीतर डाला गया और बावड़ी का पानी मोटर से खींचकर बाहर निकाला गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मंदिर में पुरातन बावड़ी की छत पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ थी और छत ज्यादा लोगों का बोझ नहीं सहन कर सकी। रहवासियों ने बताया कि मंदिर पुरातन बावड़ी पर छत डालकर बनाया गया था।
राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री-सीएम-पूर्व सीएम ने व्यक्त किया दुख
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपना दुख व्यक्त करते हुए एक ट्वीट में कहा, इंदौर में हुए हादसे में कई लोगों की मौत की खबर से मुझे गहरा दुख हुआ है। मैं सभी शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करती हूं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मारे गए लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की। इंदौर में हुए हादसे से बेहद आहत हूं। सीएम शिवराज सिंह चौहान से बात की और स्थिति की जानकारी ली। राज्य सरकार बचाव और राहत कार्य को तेज गति से आगे बढ़ा रही है। सभी प्रभावितों और उनके परिवारों के साथ मेरी प्रार्थना है। इंदौर में आज हुई दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी में प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री चौहान ने घोषणा की कि राज्य सरकार प्रत्येक मृतक के परिवार को 5-5 लाख रुपये और घटना में घायलों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देगी। दुख की इस घड़ी में हम शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है और इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इस बीच मौके पर पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने अस्पताल में कुछ घायलों से भी मुलाकात की। यह त्रासदी कैसे हुई, इसकी गहन जांच की जानी चाहिए. बावड़ी के ऊपर कंक्रीट स्लैब बनाने की अनुमति किसने दी?
मरने वालों का होगा अंगदान,पीडि़त परिवारों ने लिया बड़ा फैसला
इंदौर में रामनवमी पर श्री बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में हुए हादसे में अब तक 35 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। अपनों को गंवाने वाले कुछ परिवारों ने मृतकों के अंग दान की पहल की है। परिवारों के इस फैसले का अधिकारियों और लोगों ने जमकर स्वागत किया है। अंगदान के लिए काम करने वाले मुस्कान ग्रुप ने पीडि़त परिवारों के इस कदम की जमकर सराहना की है। वहीं, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं।
मुस्कान ग्रुप के अंगदान विभाग के प्रभारी संदीपन आर्य ने कहा कि, इस दुख की घड़ी में भी कुछ परिवार ने मृतकों का अंग दान करने की बात कही है। उन्होंने कहा, हादसे में महिला मधु कुकरेजा की जान गई है। सबसे पहले उनका परिवार अंग दान के लिए आगे आया और उन्होंने हमसे संपर्क करते हुए मधु की आंखें दान करने की इच्छा जाहिर की है। 8 परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने अपने परिवार के मृत सदस्य की आंख डोनेट करने की बात कही है। साथ ही तीन परिवार के ऐसे हैं जिन्होंने स्किन डोनेट करने की बात कही है। हम अन्य परिवारों से भी उनके परिवार के मृत सदस्य के अंगदान के लिए बात कर रहे हैं।
भारती पति परमानंद, मधु पति राजेश, दीक्षा पति लक्ष्मीकांत, जयवंती पति परमानंद, लक्ष्मी पति रतनलाल, इंद्रकुमार पिता थवरलाल, मनीषा पति आकाश, गंगाबेन पति गंगादास, भूमिका पति उमेश, कनक पति कौशल पटेल, पुष्पा पति दिनेश पटेल, करिश्मा पिता राम वाधवानी, वर्षा पिता रवि पाल, पिंटू पिता मंगल सिंह, लोकेश पिता सुरेश, पुष्पा पाल पति रामकरण पाल, शारदा बेन पति केशवलाल, महक पिता राजेश, सुभाष पिता सुखलाल, तनीश पिता रवि पाल, प्रियंका प्रजेश पटेल, राजेंद्र पिता बद्रीनारायण, हितेश पिता प्रेमचंद, नंद किशोर पिता मोहन दास, कस्तूरी बेन पति मनोहर दास, घनश्याम पिता नौतन दास, सुरेश पिता अरुण दास, जितेंद्र पिता रतन सोलंकी, जया बेन पिता गंगाराम पटेल, विनोद पटेल पिता धनजी पटेल, इंद्रा पिता नारायण दास, उषा गुप्ता पिता प्रहलाद दास, शारदा लाड पति हुकुमचंद लाड, रतन बेन पति नानजी पटेल और सोमेश खत्री की मौत हो गई।
वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पूरी घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने मृतकों के परिवार को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद देने का ऐलान किया है। घायलों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। इसके अलावा पीएम राष्ट्रीय राहत कोष से भी मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की मदद की घोषणा की गई है।
