अंबिकापुर@साढ़े चार करोड़ रुपए का चावल अफरा-तफरी, भाजपा पार्षद ने कलेक्टर से की शिकायत

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अंबिकापुर,24 मार्च 2023 (घटती-घटना)। भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने अंबिकापुर शहरी क्षेत्र के दुकानों से साढ़े चार करोड़ रुपए के चावल अफरा तफरी करने का आरोप दुकान संचालकों व सेल्समैनों पर आरोप लगाया है। आलोक दुबे ने मामले की शिकायत कलेक्टर से की है। उन्होंने अवगत कराया है कि सरगुजा जिले के ग्रामीण अंचल की 511 एवं शहरी क्षेत्र के 61 दुकानों में माह फरवरी-मार्च 2023 में शिकायत पर खाद्य विभाग ने समस्त दुकानों की चावल स्टॉक भौतिक सत्यापन किया तो यह सनसनी खेज खुलासा हुआ कि, 15 मार्च 2023 की स्थिति में इन सभी 572 सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों में करीब 40 हजार मि्ंटल चावल गायब है और इस चावल को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान चलाने वाले सेल्समैनों व दुकान चलाने वाले समूहों द्वारा खुले बाजार में ऊँचे दामों पर बेंच दिया गया है। इस कारण इस मार्च महिने 2023 में शत-प्रतिशत दुकानों में ताला लग गया और सेल्समैन दुकान बंद कर फरार हैं। आम उपभोक्ताओं को फरवरी-मार्च 2023 में अपने कोटे के चावल नहीं मिल पा रहा है। इस तरह सरगुजा जिले में शासकीय दुकानों के तीन करोड़ अस्सी लाख रुपये का चावल खुले बाजार में बेच कर सेल्समेन द्वारा चावल की अफरा-तफरी की गई है। अम्बिकापुर नगर निगम क्षेत्र में संचालित 61 सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों में जांच में पांच हजार मि्ंटल चावल गायब है, जो लगभग पचास लाख रुपये का होता है। 40 हजार मि्ंटल चावल का स्टॉक में गायब होने के प्रमाण मिलने के बाद समस्त दुकानों के सेल्समैनों में हडक¸म्प है और खाद्य विभाग ने इन सेल्स मैनों से 24 मार्च 2023 तक इस गायब चावल को दुकान में लाकर स्टॉक मेंनटेन करने का अल्टीमेटम खाद्य विभाग के अधिकारियों ने लिखित में दिया है। 24 मार्च तक 5 प्रतिशत सेल्समैन द्वारा भी बेचे गये चावल को सोसायटी में वापिस नहीं किया गया और न ही खाद्य अधिकारी सरगुजा के पत्रों का कोई सतुंष्टप्रद जवाब दिया गया। इसके पीछे कारण यह है कि खाद्य अधिकारी ने अपने पत्र में इन सभी सेल्समेनों, समूहों द्वारा दुकान संचालित करने वाले व्यक्तियों को जो 24 मार्च 2023 तक अल्टीमेटम दिया गया था। गायब चावल को जमा करने का पत्र में तथ्य भी उल्लेखित है कि, सेल्समैनों को दुकान से गायब चावल का प्रतिकिलो वसूली पैनल रेट लगभग 47 रुपये प्रति किलो की दर से राशि वसूल की जाएगी। जो सम्पूर्ण 40 हजार मि्ंटल का करीब 18 करोड़ 80 लाख रुपये होता है। और शहरी क्षेत्र के 61 दुकानों का 5 हजार मि्ंटल चावल का रिकव्हरी रेट 2 करोड़ 35 लाख रुपये होता है जो इनके द्वारा जमा करना लगभग असंभव है। जिसके लिए श्री दुबे ने मांग करते हुए कहा कि, 80 प्रतिशत दुकानों को जिले एवं अम्बिकापुर के सार्वजनिक वितरण प्रणाली दुकानों को कांग्रेस समर्थित कार्यकर्ता संचालन कर रहे हैं, एवं प्रशासन इन पर जांच करने पर घबरा रहे हैं। तत्काल इस सार्वजनिक वितरण प्रणाली दुकान का निरस्त कर तत्काल नई सार्वजनिक वितरण प्रणाली दुकानों को आबंटित कर संचालित करने की अनुशंसा करें।


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