दिए जलाकर की प्रार्थनाज्.
153 दिनों से संघर्ष फिर भी कोई अनुकंपा नौकरी देने प्रशासन की कोई पहल नहीं,
आखिर क्या है वजह
रायपुर,19 मार्च 2023 (ए)। दिवंगत शिक्षा कर्मियों के परिजन 153 दिनों से अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्ष के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई पहल नहीं की है।
वहीं छत्तीसगढ़ सरकार के संवेदनशीलता को जगाने आज धरना स्थल पर दिए जलाकर ईश्वर से प्रार्थना की गई। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के समाज सेवक उपस्थित रहे।
बता दें कि दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिजन पिछले लंबे समय ये राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब धरना स्थल में अपनी अनुकम्पा नियुक्ति संबंधी मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।
विगत दिनों दिवंगत शिक्षाकर्मियों की पत्नियों ने राजधानी के प्राचीन बूढ़ातालाब में छलांग लगाकर जान देने की कोशिश भी की थी। यहां मौके पर मौजूद महिला पुलिस बल ने किसी तरह महिलाओं को तालाब में डूबने में बचाया था, लेकिन महिलाएं अपनी अनुकंपा नियुक्ति के नारे लगाती रही। इस आंदोलन में शामिल 200 से अधिक महिलाएं बीते डेढ़ महीने से राजधानी के बूढ़ातालाब स्थित धरना स्थल पर अनवरत धरने पर बैठी हुई है।
बता दें कि अनुकंपा नियुक्ति शिक्षाकर्मी कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार ने 1 जुलाई 2018 के पहले मृत शिक्षाकर्मियों के परिवारों को अनुकंपा देने से मना कर दिया है। ऐसे में उन परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो चुका है, जिस परिवार को सरकार की ओर से अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिल रही है। सरकार ने डीएड,बीएड का प्रावधान रखा है, लेकिन ऐसे अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति नहीं दी जा रही है, जो कि डीएड,बीएड कर चुके हैं।
