उदयपुर,07 मार्च 2023 (घटती-घटना)।क्षय उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर लगातार पिरामल स्वास्थ्य सरगुजा टीम के द्वारा टी.बी. मुक्त सरगुजा बनाए जाने के लिए जिले के सलका विकास खंड – उदयपुर में चलाए गए कार्यक्रम में जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. शैलेंद्र गुप्ता के मार्गदर्शन में सरगुजा जिला को टी.बी. मुक्त जिला बनाने के उद्देश्य से सघन कार्य चलाया जा रहा है। साथ ही उदयपुर के बी. एम.ओ. डॉ. ए. के. जयंत जी के जानकारी मे कार्य किया गया। पिरामल स्वास्थ्य से जिला कार्यक्रम अधिकारी महेंद्र कुमार तिवारी और सुश्री सरस्वती विश्वकर्मा के द्वारा उदयपुर सलका एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें 2 भागो में विभाजित कर 226 छात्र छात्राओं को टी.बी.और उससे जुड़ी हुई सरकार की विभिन्न प्रकार की बातों को बताया, जिसमें छात्र 108 और छात्राएं 118 थे साथ ही विद्यालय में प्राचार्य सहित 12 शिक्षक, शिक्षिका भी उपस्थित थे। समुदाय में इस बीमारी को लेकर लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्कता है। देश को टी.बी. मुक्त बनाने के लिए सरकार की विभिन्न प्रकार की योजनाओं की जानकारी भी दी गई। साथ ही क्षय रोग के मरीज जिन्हें खांसी की शिकायत हो या ऐसे मरीज जिन्हें छाती में दर्द या सांस लेने मे दिक्कत हो। ऐसे व्यक्ति में टी.बी. होने की संभावना ज्यादा रहती है। महेन्द्र सर जी के द्वारा
बच्चों को यह भी बताया गया कि टीबी क्या है, इसके लक्षण क्या है, और इसका ईलाज कहां और कैसे होता है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि हमे बीमारी से लड़ना है, बीमार से नहीं। कार्यक्रम में प्राचार्य बालमुकुंद टोप्पो जी ने कहा की ऐसी बीमारियों का जड़ से खत्म करना हमारे और हमारे समाज के लिए बहुत ही आवश्यक है। जिससे हमारा समाज स्वस्थ और सुखी रहेगा। साथ ही सभी बच्चों और शिक्षिकों को होली की बधाई भी दिया गया। क्षय रोग अब लाईलाज बीमारी नहीं है। न यह किसी भी प्रकार की छुआछूत की बीमारी है। पिरामल स्वास्थ्य के जिला कार्यकम समन्वयक सुश्री सरस्वती विश्वकर्मा ने कहा की
सभी स्वास्थ्य केन्द्र में इसका इलाज और दवा दोनो ही मुफ्त में दी जाती है। और क्षय रोग का ईलाज और उपचार अब सभी जगहों में उपलध है। अगर किसी भी व्यक्ति को दो हफ्ते से ज्यादा खांसी, बुखार, कमजोरी या सीने में दर्द हो तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में अपने खखांर की जांच अवश्य कराएं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सुश्री नेहा सिंह और अन्य शिक्षको व बच्चों ने भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित किए।
