मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ की जनता को दी ढेर सारी राहत
बेरोजगारी भत्ते का ऐलान
आंगनबाड़ी,रसोइयों से कोटवार तक मानदेय में वृद्धि
हर वर्ग के लिए सीएम ने खोला पिटारा
ग्राम पटेल के मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान
रायपुर,06 मार्च 2023 (ए )। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि हम जनता की कसौटी पर खरे उतरे है। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के जिस ध्येय वाक्य के साथ हमने अभूतपूर्व कार्य किये हैं। धान के कटोरे को धन का कटोरा बनाया है। उन्होंने गोधन योजना से लेकर विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि देश में यह योजना छत्तीसगढ़ मॉडल के रूप में पहचान बना चुकी है। केंद्र सरकार ने भी सराहना की है। उन्होंने बजट में बेरोजगारी भत्ते, मानदेय में वृद्धि सहित कई राहतों का ऐलान किया। अब कन्या विवाह योजना में 50 हजार की राशि दी जाएगी। पत्रकार गृह निर्माण में भी सरकार ने मदद का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट भाषण में कहा कि 18 से 35 वर्ष के बेरोजगार युवा जिनके परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख से कम है,उन्हें 25 सौ रुपये बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का भत्ता 6500 से बढाकर 10 हजार किया गया है। आंगनबाड़ी सहायिकाओं का 3550 से बढ़ाकर 5 हजार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर से दुर्ग तक लाइट मेट्रो की घोषणा बजट में की है। राज्य में 101 नवीन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले जाएंगे। मनेंद्रगढ़, जांजगीर, कवर्धा और गीदम में नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।
बजट की बड़ी घोषणाएं
*शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने की नई योजना शुरू की जाएगी।
- 25 सौ रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता दो वर्ष तक दिया जाएगा।
*आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में की गई बढ़ोतरी।10 हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा
*मध्यान भोजन के अंतर्गत रसोइयों के मानदेय में की गई वृद्धि मध्यान भोजन के रसोईया का 1800 - ग्राम पटेल को दिए जा रहे 2 हजार रुपये को 3 हजार करने की घोषणा
- राज्य के पर्व त्योहार, आपत्ति
विपत्ति में सहयोग करने वाले होम गार्ड के मानदेय में वृद्धि - मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता
राशि में बढ़ोतरी
25000 की जगह 50 हजार - रीपा का शहरी क्षेत्र में भी
स्थापना - मनेन्द्रगढ़, जांजगीर- चांपा,
कबीरधाम में नवीन मेडिकल
कॉलेज।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट भाषण में कहा कि चालू वर्ष के सकल घरेलू उत्पाद में 8 प्रतिशत वृद्धि का अग्रिम अनुमान है। केंद्र के 4.1प्रतिशत की तुलना में 4.8 की दर से वृद्धि का अनुमान है।राज्य की वृद्धि दर केंद्र से अधिक अनुमानित हैं। प्रति व्यक्ति आय 2022-23 में बढ़ोतरी, 1,33,498 रुपए का अनुमान है।
भरोसे के बजट में सरगुजा जिले को मिले कई सौगात
बजट ब्रीफकेस में झलक अम्बिकापुर गोठान क ा चित्र
संभाग मुख्यालय में बनेगा अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रों के लिए 100-100 सीटर छात्रावास
नवीन मानसिक चिकित्सालय तथा ई-चिकित्सालय की होगी स्थापना
किसान सुविधा केन्द्र की होगी स्थापना,उदयपुर में एसडीएम कार्यालय भवन का निर्माण
डॉ. रमन का तंज.बोले—धोखे का बजट
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मौजूदा सरकार का आखरी बजट पेश कर दिया है। छत्तीसगढ़ की जनता के लिए कोई नया कर नहीं लागू होगा। नवा रायपुर से दुर्ग तक लाइट मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी। पेंशन राशि बढ़ा दी गई है के साथ बेरोजगारी भत्ता बढ़ाकर 250 करोड़ रुपए किया गया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बोले, हमने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। वहीं छत्तीसगढ़ में बजट को लेकर सियासत शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा कि 2 साल का बकाया बोनस, शराबबंदी की घोषणा, 200 फूड पार्क, कर्मचारियों का नियमितीकरण, पत्रकारों के लिए सुरक्षा कानून सब नदारत हैं। अंत में उन्होंने लिखा कि यह बजट घोषणापत्र पर नहीं बल्कि सिर्फ चुनाव पर आधारित है। इतना ही नहीं धोखे का बजट करार दिया है।
मैं बजट में 10 में से शून्य नंबर दूंगा : चंदेल
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने भी बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट केवल चुनावी झुनझुना है। बजट से किसी को कुछ हासिल नहीं होने वाला। बेरोजगारी भत्ता देने का ऐलान किया, सरकार के छह महीने बचे है किसको क्या देंगे। मैं बजट में 10 में से शून्य नंबर दूंगा।
कांग्रेस सरकार के बजट को अविश्वास का बजट : मूणत
बीजेपी प्रवक्ता और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत ट्वीट करते हुए कांग्रेस सरकार के बजट को अविश्वास का बजट बताया। साथ ही लिखा कि अपना अंतिम बजट पेश कर रहे भूपेश बघेल जी पिछले बजट में किये प्रावधानों, घोषणाओं को अमलीजामा पहना नहीं सके। चुनाव से चंद महीने पहले कुछ करने की उम्मीद करना बेमानी है यानि सिर्फ घोषणाएं ही होंगी।
आम जनता की तरक्की,खुशहाली और समृद्धि का बजट
आज प्रस्तुत छत्तीसगढ़ बजट 2023-24 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि यह बजट अर्थव्यवस्था की मजबूती, बेहतर वित्तीय अनुशासन और कुशल प्रबंधन का बेहतरीन नमूना है। भविष्य की ठोस बुनियाद के साथ आम जनता की समृद्धि और सभी वर्गों के कल्याण तथा रोजगार मूलक विकास कार्यों के लिए सार्थक और सुदृढ़ प्रयास है। ग्रामीण क्षेत्र एवं सामाजिक सुरक्षा के साथ शिक्षित बेरोजगारों को ₹2500 प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान। राजीव गांधी किसान न्याय योजना में इनपुट सब्सिडी के लिए₹ 6800 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का नगर पंचायत क्षेत्रों के लिये विस्तार। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि में 43 प्रतिशत की वृद्धि (प्रतिमाह ₹500 की गई है)। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की राशि दुगुनी कर दी गयी है। छात्रवृत्ति की राशि 1000 से बढ़ाकर 1500 रू. प्रतिमाह और छात्रावास के विद्यार्थियों को भोजन सहायता योजना के तहत दी जानी वाली राशि 700 से बढ़ाकर 1200 रू. प्रतिमाह किया जाना प्रशंसनीय है।
भरोसे का नहीं,मुख्यमंत्री बघेल के विदाई का अंतिम बजट है
पूर्व विधानसभाध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बजट पूर्व दिये गये संदेश पर प्रतिक्रिया देते कहा कि, कांग्रेस की सरकार ने राज्य के विकास पर जरा भी ध्यान नहीं दिया। हर बार केवल सत्ता के आनंद को समर्पित बजट रहा है। राज्य में पहली देखा जा रहा है कि बजट पेश करने से बजट पर विज्ञापनों से शहर सजा दिया गया है। कथित तौर पर कहा जा रहा है कि भरोसे का बजट है। कांग्रेस की सरकार प्रदेश की जनता का भरोसा उठ चुका है। ये बजट तो कांग्रेस के विदाई का बजट है।
जनता का भरोसा तोड़ने वाला बजट : बृजमोहन
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रस्तुत बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह जनता का भरोसा तोड़ने वाला, अविश्वसनीय बजट है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की इस सरकार ने लगातार झूठे वादे करके साढ़े 4 साल तक राज कर लिया है। अब यह सरकार मृत्यु शैया में हैं। ऐसी चला चली की बेला में इनकी बातें विश्वास करने योग्य नहीं है। इस बजट में किसी भी वर्ग के लिए कुछ भी नया नहीं किया गया है। गांव, गरीब और किसानों को पुनः ठगने का काम भूपेश बघेल ने किया है। आप देखेंगे कि छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए बजट में उन्होंने कुछ भी नहीं कहा है। केवल ₹2500धान की कीमत वह भी मोदी सरकार के भरोसे दे देने से किसानों का भला नहीं होगा। अगर गांव की सड़क नहीं बनेगी, गांव के अस्पताल नहीं बनेंगे, वहां डॉक्टर नहीं रहेंगे, स्कूल नहीं होंगे, सिंचाई के लिए खेतों तक पानी नहीं पहुंचेगा, नकली खाद किसानों को देते रहेंगे तो कैसे गांव और गरीब किसान का उत्थान होगा।