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बैकुण्ठपुर@सत्ता के संरक्षण में नगरपालिका बैकुंठपुर सीएमओं कर रहीं मनमानी

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नपाध्यक्ष समेत पार्षदों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन,लगया वित्तीय अनियमितता का आरोप

-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 02 मार्च 2023 (घटती-घटना)। नगरपालिका परिषद बैकुंठपुर की मुख्य नगरपालिका अधिकारी मुक्ता सिंह चैहान द्वारा सत्ताके संरक्षण में मनमानी की जा रही है,नगरपालिका अध्यक्ष भाजपा समर्थित हैं जिससे कि सीएमओ द्वारा उन्हे कई चीजों की जानकारी नही दी जाती अपने अधिकार से ऊपर हटकर सीएमओ द्वारा कार्य किया जा रहा है,ऐसे ऐसे कार्य किए जा रहे हैं जो कि नियम के विपरीत है लेकिन सत्ता का संरक्षण प्राप्त होने से सीएमओ की मनमानी रूकने का नाम नही ले रही है।
नगरपालिका परिषद बैकुंठपुर से जुड़ी तमाम घटनाएं समय समय पर सामने आते रहती हैं, शहर मे सड़क किनारे चारो ओर अवैध कब्जे समेत बेतरतीब पार्किंग व अन्य अव्यवस्थाओं की भरमार है लेकिन सीएमओ समेत प्रशासनिक अमले का ध्यान इस ओर बिल्कुल नही है। सीएमओ की रूचि सिर्फ चेक काटने और नियम विरूद्व काम करने में ज्यादा दिखाई दे रही है। एक ताजा मामले में नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती नविता शैलेष शिवहरे समेत अन्य पार्षदों ने कलेक्टर कोरिया को लिखित पत्र सौंपकर सीएमओ के गलत कृत्यों की जानकारी दी है और कार्यवाही की मांग की है।
क्रय अधिनियम के विपरीत सामग्री खरीदी का आरोप
बीते 1 मार्च को नगरपालिका अध्यक्ष नविता शिवहरे समेत पार्षद अनिल खटिक,अवधेश सिंह,शिल्पा गुप्ता इत्यादि ने कलेक्टर कोरिया को लिखित पत्र सौपा है। जिसमें उल्लेखित है कि कार्यालय नपा बैकंठपुर के द्वारा माह फरवरी 2023 में एक ही फर्म मेसर्स बनारसी फेब्रिकेशन मनेंद्रगढ से लगभग 4 लाख की सामग्री का क्रय किया जाकर सीएमओ द्वारा भुगतान किया गया है। जिसकी जांच किये जाने पर पाया गया कि उक्त खरीदी से संबंधित नोटशीट को सहायक ग्रेड 3 बनारसी लाल राजवाड़े जो सफाई प्रभारी है से हस्ताक्षर कराया गया है, जबकि उक्त नोटशीट पर निकाय के उप अभियंता अथवा वाहन प्रभारी का हस्ताक्षर होना चाहिए था। भंडार प्रभारी से पूछे जाने पर यह जानकारी प्राप्त हुई कि निकाय में सामग्री खरीदी से संबंधित की जाने वाली खरीदी की सामग्री भंडार शाखा में अवलोकन सत्यापन के लिए उपलब्ध नही कराई जाती, बल्कि सिर्फ नोटशीट के साथ बिल ही भंडार शाखा में इंट्री हेतु उपलब्ध कराई जाती है,जिससे कि स्पष्ट है कि बिना सामग्रियो के खरीदी के ही बिल का भुगतान किया जा रहा है। सामग्री खरीदी के नोटशीट में दर्ज स्वीकृति से लेकर भुगतान तक सभी लेख कम्प्युटर द्वारा पहले से ही दर्ज किया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि सीएमओ को पूर्व से ही ज्ञात रहता है कि कौन कौन से फर्म अपना कोटेशन उपलध कराएगी, तथा किसे स्वीकृति प्राप्त होगी यह जानकारी भी सीएमओ को पूर्व से ही रहती है। पत्र में लिखा गया है कि नगरपालिका अध्यक्ष द्वारा लेखापाल से खरीदी विषयक सामग्रियों के अवलोकन कराने व नोटशीट के साथ समस्त नस्ती को उप अभियंता नरेश कुशवाहा को दिए जाने हेतु कहा गया जिस पर लेखापाल द्वारा यह कहकर मना कर दिया गया कि सीएमओ द्वारा मना किया गया है कि लेखा शाखा की नस्ती या किसी भी अभिलेख को देखने का अधिकार अध्यक्ष को नही है। नगरपालिका अध्यक्ष द्वारा कहा गया है कि सीएमओ द्वारा वर्ष 2020-2021 से वर्तमान तक कई ऐसी ही खरीदी की जा रही है जिसके कारण निकाय निधि का अनावश्यक दुरूपयोग किया जा रहा है।
नही दिया जाता नियमित वेतन
नगरपालिका सीएमओ द्वारा मनमुताबिक काम किया जा रहा है जिससे कि जनप्रतिनिधियों व अधिकारी कर्मचारी में भी टकराव की स्थिति बनी हुई है, कर्मचारियों को नियमित रूप से वेतन का भुगतान भी नही किया जाता जिससे कि यहां के कर्मचारी भी स्वयं परेशानल है। सौपे गए पत्र में कहा गया है कि माह दिसंबर 2022 से फरवरी 2023 तक 3 माह से निकाय के नियमित समस्त कर्मचारियों को वेतन नही दिया जा रहा है, 2-3 माह बीतने के बाद मात्र 1 माह का वेतन दिया जा रहा है, जबकि प्रति दिवस राजस्व की पर्याप्त वसूली हो रही है, जिसकी सत्यता निकाय के कैशबुक के माध्यम से की जा सकती है। नपाध्यक्ष ने मांग किया है कि वर्ष 2020-21 से फरवरी 2023 तक निकाय के कैशबुक में आय राशि एवं निकाय निधि से की गई खरीदी रिपेयरिंग से संबंधित अन्य व्यय राशि के साथ समस्त नस्तियों की जांच कराई जाये।
प्रभावित हो रहा विकास कार्य
बैकुंठपुर नगरपालिका में अधिकारी की मनमर्जी के कारण विकास कार्य भी प्रभावित हो रहा है, विश्वस्त सूत्र बतलाते हैं कि सीएमओ मुक्ता सिंह चैहान को विधायक अंबिका सिंहदेव का संरक्षण प्राप्त है, नगरपालिका के हर कार्यो में भी विधायक का हस्तक्षेप है। नगरपालिका अध्यक्ष भाजपा समर्थित हैं इस वजह से विधायक सीएमओं के माध्यम से हस्तक्षेप कर रही हैं। पिछले दिनों नगरपालिका द्वारा निर्माण कार्यो के लिए टेंडर जारी किया गया था जिसमें विधायक के द्वारा खुला हस्तक्षेप किया गया जिसके बाद उनके चहेते ठेकेदारो को ज्यादा काम बाटा गया था। भाजपा समर्थित अध्यक्ष होने के कारण सीएमओं द्वारा उन्हे महत्व नही दिया जाता और मनमानी भी की जा रही है जिससे शहर का विकास भी प्रभावित हो रहा है। निर्माण कार्यो की सूचि का अवलोकन करने पर भी स्पष्ट दिखलाई देता है कि यहां ज्यादा उन्ही वार्डो में विकास कार्य हो रहे हैं जहां पर कांग्रेस समर्थित पार्षद हैं बाकि के वार्डो में विकास कार्य में भी अनदेखी की जा रही है।


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