रविकांत व अमित ने विधायक के दिये गए चेक को लौटा प्रशासन से स्वेच्छानुदान सूची से अपना नाम विलोपित करने की मांग की थी…
–रवि सिंह –
मनेन्द्रगढ़ 01 मार्च 2023 (घटती-घटना)। मनेंद्रगढ़ से कांग्रेस विधायक विनय जायसवाल ने दीपावाली मिलन में बुलाकर लगभग 60 पत्रकारो को स्वेच्छानुदान का 5 हजार रुपये चेक दिया था। जिस चेक को वहां मौजूद पत्रकार रविकांत सिंह व अमित पांडेय ने विधायक विनय जायसवाल द्वारा दिये गए चेक को विधायक को लौटाकर जिला प्रशासन को पत्र लिखकर स्वेच्छानुदान सूची से अपना नाम विलोपित करने की मांग की थी जिस पर कोरिया जिला प्रशासन ने सामान्य प्रशासन विभाग सचिव को विधायक जनसम्पर्क निधि की राशि लौटाए जाने व अनुदान सूची से रविकांत सिंह राजपूत व अमित पांडेय का नाम विलोपित करनी पत्र लिखा है।
जिला प्रशासन द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को लिखे गए पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि रविकांत सिंह मनेन्द्रगढ़ जिला कोरिया एवं अमित कुमार पाण्डेय गोदरीपारा चिरमिरी जिला कोरिया के नाम मुख्य मंत्री अंतर्गत छ.ग. शासन सामान्य प्रशासन विभाग मन्त्रालय रायपुर के आदेश कमाक एक 7-84/2021/1/ एवं सीएम नया रायपुर दिनांक 12.07.2021 के द्वारा अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। उक्त आदेश के परिपालन में इस कार्यालय द्वारा रविकान्त सिंह राजपूत मनेन्द्रगढ़ जिला कोरिया के नाम चेक कमांक 187476 दिनांक 27.09.2021 राशि 5000.00 एवं अमित पाण्डे गोदरीपारा चिरमिरी जिला कोरिया के नाम बैंक कमाक 187421 दिनांक 27.09 2021 राशि 5000 जारी किया गया है। आवेदक रविकांत सिंह राजपूत मनेन्द्रगढ़ के द्वारा इस कार्यालय में आवेदन पत्र दिनांक 18.10 2021 को प्रस्तुत कर लेख किया गया है कि मेरे द्वारा विधायक विनय जायसवाल से किसी भी तरह की अनुदान राशि की मांग नहीं की गई है, अनुदान सूची से मेरा नाम विलोपित कर चेक निरस्त करने का अनुरोध किया गया है। इसी तरह अमित पाण्डेय गोदरीपारा चिरमिरी जिला कोरिया के द्वारा आवेदन पत्र दिनांक 19.10.2021 प्रस्तुत कर लेख किया गया है कि मैं दैनिक का वेतन भोगी कर्मचारी हूँ इस तरह के रुपये लेने की इजाजत नहीं देता है का उल्लेख कर चेक मूलतः इस कार्यालय को वापस कर दिया गया है। कृपया रविकांत सिंह राजपूत मनेन्द्रगढ़ एवं अमित पाण्डेय गोदरीपारा चिरमिरी को जारी मुख्य मंत्री स्वेच्छानुदान राशि विलोपित किये जाने के संबंध में उचित मार्गदर्शन प्रदान करने का कष्ट करें।
विधायक ने बिना मांगे ही पत्रकार की दिया चेक, रविकांत ने लौटाया,फिर भी अनुदान सूची से नही हटा नाम
विधायक विनय जयसवाल पर अनुदान राशि का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लग रहा है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी विनय जयसवाल पर लोग तरह-तरह के तंज कसते हुए नजर आ रहे हैं। पत्रकार को दी गई कर अनुदान राशि का मामला एक बार फिर तूल पकड़ रहा है। दरअसल विधायक विनय जायसवाल बिन बोले, बिना आवेदन दिए ही पत्रकार पर मेहरबान हो गए और अपनी स्वेच्छा अनुदान राशि से 5 हजार रुपए का चेक पत्रकार के नाम पर काट दिया। हालांकि पत्रकार ने तुरंत चेक वापस कर दिया।
दोबारा उठ रहा मामला
अब ये मामला दोबारा उठा है क्योंकि पत्रकार ने कलेक्टर को आवेदन देकर शिकायत की है कि जब उसने स्वेच्छानुदान का चेक लौटा दिया और स्वेच्छानुदान मांगा नहीं तो फिर स्वेच्छानुदान प्राप्त करने वालों की लिस्ट से नाम क्यों नहीं हट रहा है। ये पूरा मामला मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र का है। जहां महीनों पहले विधायक विनय जयसवाल दिवाली मिलन समारोह का आयोजन किया था। बताया जा रहा है कि इस दौरान विनय जायसवाल ने स्वेच्छानुदान से चेक दिए। वे 5-5 हजार रुपए के चेक का वितरण कर रहे थे। पत्रकार रविकान्त का दावा है कि विधायक बिना बोले ही या बिना आवेदन लगाए ही स्वेच्छा अनुदान राशि का वितरण करने लग गए। इस दौरान ही इसका विरोध करते हुए तत्काल ही उन्होंने स्वेच्छा अनुदान राशि का चेक वापस कर दिया।
कलेक्टर के पास दिया आवेदन
रविकान्त सिंह ने कोरिया कलेक्टर के पास भी आवेदन दिया। आवेदन में पत्रकार ने अपना पूरा परिचय दिया। इसके साथ ही बताया कि उसने किसी भी तरीके से विधायक से अनुदान राशि की मांग नहीं की थी। फिर भी विधायक विनय जायसवाल ने उसे अनुदान राशि का चेक दे दिया था। वो चेक पत्रकार ने तुरंत ही विधायक को वापस कर दिया था। पत्रकार ने कलेक्टर से अनुरोध किया था कि उसके नाम पर जारी चेक को निरस्त कर दिया जाए और अनुदान राशि की सूची से पत्रकार का नाम भी विलोपित किया जाना चाहिए।
रविकांत ने क्या कहा
पत्रकार रविकान्त सिंह राजपूत ने सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को जिला प्रशासन द्वारा पत्र लिखे जाने पर कलेक्टर विनय लंगेह के प्रति आभार जताते हुए कहा कि मामला लगभग 1 साल पुराना है और मैंने चेक तुरंत ही विधायक को लौटा दिया था। इसके साथ ही मैंने कलेक्टर को भी आवेदन दिया था कि मेरा नाम अनुदान राशि की लिस्ट से विलोपित कर दिया जाए, लेकिन आज 1 साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी मेरा नाम उस सूची से नहीं हटाया गया। मैंने कलेक्टर विनय लंगेह से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द मेरा नाम अनुदान राशि की सूची से हटा दिया जाए। और अब इस दिशा में कार्यवाही शुरू हो गयी है।