जबलपुर,28 फ रवरी 2023 (ए) । हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपी पूर्व मंत्री व वरिष्इ कांग्रेस नेता राजा पटेरिया की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। उल्लेखनीय है कि पूर्व में हार्ठकोर्ट ने अपेन आपदेश में साफ किया था कि राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री जैसे देश के उच्च पदस्थ व्यक्तियों के लिए अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करना किसी भी आमजनों को शोभा नहीं देता। कोर्ट ने कहा कि राजनेताओं को सार्वजनिक भाषण देते समय अपनी भाषा के प्रति सावधान रहना चाहिए। यदि हस अपराध के लिए जमानत दी गई तो समाज में गलत संदेश जाएगा। हालांकि ओवदक को 30 दिन बाद जमानत के लिए दोबारा अर्जी दायर करने स्वतंत्र है। इसी आधार पर नए सिरे से अर्जी दायर की गई थी। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद पन्ना के पवई थाने में राजा पटेरिया के विरुद्ध केस दर्ज किया था। पुलिस ने 13 दिसम्बर को राजा पटेरिया को पुलिस गिरफ्तार किया था। पवर्ठ कोर्ट और उसके बाद ग्वालियर जिले की विशेष (एसपी-एमएलए) कोर्ट से दो बार जमानत अर्जी निरस्त हुई। इसके बाद पटेरिया ने हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में जमानत अर्जी दायर की थी। वहां से यह याचिका हाई कोर्ट की युगलपीठ जबलपुर स्थानांतरित कर दी गई थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान राजा पटेरिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर ने पक्ष रखा था। उन्होंने दलील दी थी कि आवेदक के विरुद्ध जो धाराएं लगाई गई हैं, उनमें कोई तथ्य नहीं है। यह मामला राजनीति से प्रेरित है। पटेरिया ने जो वक्तवय दिया था, उसी में मंतव्य भी सपश्ट कर दिया था। उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया था। वहीं राज्य शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रमोद ठाकरे ने जमातन अर्जी का विरोध करते हुए दलील दी कि कई गवाहों ने बताया कि पूर्व मंत्री पटेरिया ने जानबूझकर अल्पसंख्यकों को भड़काने के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया था।
