-दुलारे अंसारी-
रायपुर, 26 फ रवरी 2023 (घटती-घटना)। शहर में जितने भी शराब दुकान मुख्य मार्ग से लगे हुए हैं वहां इतना ज्यादा भीड़ रहता है कि रास्ता आधा इन लोगों के दखल में रहता है साथ ही कुछ लोग बाजू में खड़े होकर पीते हैं और वहीं बदहवास बैठे रहते हैं। उन रास्तों से गाçड़यों की आवाजाही रहती है और दुर्घटना कभी भी घट सकती है जैसे रायपुर के पंडरी बस स्टैंड के पास स्थित शराब दुकान के सामने 8 सितंबर 2022 शाम 6 बजे के करीब दुर्घटना घटी। शराब पीकर व्यक्ति ऐसे लड़खड़ाता है कि वह खुद ब खुद गाड़ी के सामने आ जाता है। ऐसा भी देखा गया है कि पैसा वसूलने के खातिर कुछ लोग गाड़ी से लगने और चोट पहुंचाने का नाटक कर दो पहिया या चार पहिया वालों से इलाज के नाम पर पैसे की मांग करते हैं। मरता क्या नहीं करता अतः वाहन चालक झमेले से बचने हेतु पैसा दे देता है। न तो आबकारी के लोग वहां रहते हैं और न ही पुलिस वहां रहती है। पुलिस भी अगर वहां रहती है तो वे अपना गाड़ी रास्ते मे खड़े कर देते हैं दुकान के सामने और सिपाही अपने मस्ती में आजु बाजू पान-बीड़ी में व्यस्त रहते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग के लोग और सिपाही वसूली के लिए आते हैं। साथ ही इन भट्टियों या दुकानों के आसपास क्राइम घटित करने वाले लोग भी रहते हैं। कभी किसी का पॉकेट मार लेते हैं, कभी मोबाइल पार कर देते हैं, कभी जबरदस्ती पैसा मांगने लगते है। किसी भी तरह का अनुशासन नहीं दिखता है। नियमों की धज्जियां सरेआम उड़ाई जा रही है। इन सब पर चारों ओर से आवाज उठ रही है पर प्रशासन आंखों में पट्टी और कानों में रुई लगाए बैठे प्रतीत होते हैं । मोवा, पंडरी, विजेता काम्प्लेक्स, तेलीबांधा, एमजी रोड, आमापारा से आगे, टिकरापारा, सड्डू, पुराना बस स्टैंड, भाठागांव, रायपुर के आउटर व आदि दुकानों में कमोबेश ऐसा ही हाल रहता है। जब तक प्रशासन का डंडा रोजाना नहीं चलेगा तब तक ऐसे हालात निर्मित होते रहेंगे और क्राइम का ग्राफ बढ़ता ही जायेगा।
