अंबिकापुर, 13 फरवरी 2023 (घटती-घटना)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूरे प्रदेश की सड़क को गड्ढा मुक्त करने की बात कही थी, पर आज तक सड़कों में गुणात्मक परिवर्तन नहीं आ पाया है। नेशनल हाईवे हो या शहर की सड़कें इनकी बदहाली दूर नहीं हो पाई है, ऐसा लगता है सरगुजा संभाग के लोगों से मुख्यमंत्री रूठे हैं। ऐसे में 14 फरवरी, वेलेंटाइन डे के मौके पर शहर के ब्रह्म मंदिर चौक से कलेक्टोरेट तक सरगुजा संभाग के लोगों के साथ सड़क सत्याग्रह के तहत मार्च ऑफ लव निकाल कर कलेक्टर सरगुजा के माध्यम से मुख्यमंत्री तक प्रेम का इजहार किया जाएगा। उक्त बातें पेशे से चिकित्सक व सड़क सत्याग्रह के प्रेरणास्त्रोत डॉ.योगेंद्र गहरवार ने सोमवार को सरगुजा प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। बीते माह वे शहर के 48 वार्डों के सभी पार्षदों से रू-ब-रू हुए। इस दौरान सामने आया कि अंबिकापुर शहर की सड़कों के सुधार, डामरीकरण के लिए 30 करोड़ रुपये, ट्रांसपोर्टनगर के लिए 15 करोड़, ड्रेनेज की व्यवस्था में सुधार के लिए नाला निर्माण हेतु 15 करोड़, विद्युतीकरण के लिए 10 करोड़, सीसी सड़क निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये की मांग की गई, लेकिन इसकी फाइल पेंडिंग है। ऐसे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से चुनावी बजट में शहर वासियों की सुविधा के लिए 100 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने की मांग की गई है। विश्वास है, सड़क सत्याग्रह में शामिल सरगुजा वासियों की मांग वे मानेंगे। डॉ.योगेंद्र गहरवार ने कहा कि सरगुजा में विपक्ष का एक भी विधायक नहीं होने से सही तरीके से जनता को मांग उठ नहीं पा रही है। शोर-शराबा के बाद सड़कों के सुधार का कार्य जगह-जगह शुरू हुआ, लेकिन निर्माण कार्य घटिया होने लगा। इसका हमने निरीक्षण किया और निगम आयुक्त व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों तक सेंपल देकर इस ओर ध्यान दिलाया। इसके बाद गुणवाा की ओर अधिकारियों का ध्यान गया, फिर भी पूरी तरह से गुणवाा को ध्यान में नहीं रखा गया। हमारी मांग है, जिस सड़क का निर्माण हो रहा है, वहां बोर्ड लगाकर लागत, समय-सीमा, निर्माण एजेंसी स्पष्ट उल्लेखित हो। डॉ.योगेंद्र गहरवार ने कहा कि जनता की सोच थी अंबिकापुर विधायक टीएस सिंहदेव को मुख्यमंत्री बनाया जाए, ऐसा नहीं हो पाया। इसके बाद भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जनता का अटूट प्रेम मिला। प्रचंड बहुमत के बीच सरगुजा से विपक्ष का सूपड़ा साफ हो गया। प्रदेश में विपक्षी पार्टी को कुछ सीटें मिली, लेकिन सरगुजा में एक भी सीट विपक्ष के हाथ नहीं आई। ऐसे में लगता है अंबिकापुर विधायक समर्थक जनता होने के कारण मुख्यमंत्री रूठे हैं। उन्हें मनाने के लिए मार्च ऑफ लव किया जाएगा, ताकि अंतिम चुनावी बजट में कम से कम एक सौ करोड़ के बजट का प्रावधान हो और सरगुजा के सड़कों की दुर्गति दूर करने गुणवाायुक्त पहल हो सके।
