बैकुण्ठपुर@क्या पति की मनाही के बाद शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में विधायक?

Share

  • पूर्व वित्तमंत्री स्व.डॉ रामचंद्र सिंहदेव के जन्मदिवस पर भव्य आयोजन की तैयारी
  • सीएम भूपेश समेत मंत्रीमंडल के अनेक सदस्यो के शामिल होने की उम्मीद
  • पूर्व वित्तमंत्री की प्रतिमा का होगा अनावरण,40 हजार लोग करेंगे भोजन
  • पूर्व वित्तमंत्री स्व.डॉ रामचंद्र सिंहदेव की जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री सहित कई कैबिनेट मंत्री होंगे जिले में
  • क्या जन्मदिवस कार्यक्रम को सरकारी कार्यक्रम बनाने की जुगत में
  • क्या जन्मदिवस पर 40 हजार की भीड़ मुख्यमंत्री के लिए जुटाई जा रही या फिर श्रद्धा से पहुंचेंगे जन्मदिवस पर लोग?
  • चुनावी वर्ष में जन्मदिवस पर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी तो नहीं?
  • विधायक के घरेलू विवाद के बीच संपन्न होगा स्व. डॉ रामचंद्र सिंह देव की जन्मदिवस का कार्यक्रम

-रवि सिंह –
बैकुण्ठपुर,09 फरवरी 2023 (घटती-घटना)।
पति विदेश में मानसिक रूप से परेशान हैं, विधायक पत्नी पर सिलसिलेवार सोशल मीडिया में पोस्ट कर अनेक गंभीर आरोप लगाते हैं, राजनीति छोड़ने से लेकर, मारपीट और तलाक तक होने की बात की जाती है, काका की मर्जी के खिलाफ राजनीति में आने की बात भी होती है,लेकिन इन सब बातो को दरकिनार कर विधायक पत्नी काका के जन्मदिवस पर एक राजनैतिक कार्यक्रम कर बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में व्यस्त हैं, खबर मिल रही है कि उक्त कार्यक्रम में प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल समेत मंत्रिमंडल के अनेक सदस्य शामिल होंगे तो वहीं 40 लोगो को भोजन कराने की बात भी हो रही है। विधायक द्वारा सभी को खुद काल करके आमंत्रित किया जा रहा है।
13 फरवरी को होगा प्रतिमा का अनावरण
पूर्व वित्तमंत्री स्व. डॉ.रामचंद्र सिंहदेव का जन्मदिवस 13 फरवरी को आता है, अपने जीवित रहते उन्होने जन्मदिवस सादगी पूर्ण ही मनाना उचित समझा। दिखावे से दूर वे पैलेस में ही समर्थको से मिलते और ज्यादातर सोनहत क्षेत्र के दौरे पर जाते थे। उनके जन्मदिवस पर कभी भी सार्वजनिक कार्यक्रम नही किया गया। लेकिन इस बार बड़े कार्यक्रम की तैयारी है। नगरपालिका परिषद द्वारा पूर्व अध्यक्ष अशोक जायसवाल के कार्यकाल में घड़ी चैक से घड़ी हटाकर पूर्व वित्तमंत्री स्व. डॉ.रामचंद्र सिंहदेव की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव पास किया गया था जिसके बाद स्व.सिंहदेव की प्रतिमा पिछले वर्ष ही लगा दी गई है,इसका अनावरण भी काफी पहले किया जा सकता था लेकिन चुनावी लाभ लेने के उद्वेश्य से इस वर्ष प्रतिमा का अनावरण किया जा रहा है। प्रतिमा का अनावरण प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, कृषि मंत्री रविन्द्र चैबे, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम समेत अनेक नेताओ के पहुंचने की उम्मीद है। कार्यक्रम की तैयारी में विधायक और संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव द्वारा पूरी ताकत लगाई गई है।
पैलेस के पीछे भव्य आयोजन की तैयारी
चैक में प्रतिमा के अनावरण के बाद रामानुज विलास पैलेस के पीछे भी एक भव्य आयोजन की तैयारी है,जहां स्व.डॉ.रामचंद्र सिंहदेव की समाधी स्थल बनाई गई है। यह स्थल भी कांग्रेसी और खासकर विधायक अंबिका सिंहदेव के लिए अब राजनीति का माध्यम बन गया है। 13 फरवरी को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में यहां पर भव्य आयोजन की तैयारी की की जा रही है। आयोजन में 40 हजार लोगो के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है। एक प्रकार से मुख्यमंत्री के समक्ष भीड़ दिखाकर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में विधायक अंबिका सिंहदेव लगी हुई हैं। देखना होगा कि उक्त कार्यक्रम में कांग्रेसियों के अलावा अन्य लोग अपनी स्वेच्छा से शामिल होते हैं या उन्हे अन्य कार्यक्रम की तरह व्यवस्था कर वाहनो से लाया जाएगा।
यह शासकीय या निजी आयोजन समझ से परे
जिस इंसान से अपनी जीवित रहते अपना जन्मदिवस बड़े ही सादगी से मनाया हो निधन के बाद उनके जन्मदिवस पर भव्य आयोजन करना लोग सही नही मानते, इस वर्ष इसे और भव्य रूप भी मात्र इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि आने वाले नवंबर दिसंबर में विधानसभा का चुनाव होना है। जिसमें वर्तमान विधायक अंबिका सिंहदेव ही कांग्रेस की ओर से स्वभाविक रूप से उम्मीदवार हैं और उन्ही के नेतृत्व में भव्य आयोजन की तैयारी हो रही है। अब चुंकि उक्त कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री का शामिल होना तय हुआ है तो जाहिर सी बात है कि इसमें प्रशासन की भी भूमिका होगी। प्रशासन द्वारा ही अब आगे की तैयारी की जाएगी, विश्राम भवन से लेकर प्रतिमा अनावरण स्थल और पैलेस के पीछे आयोजन स्थल पर भी प्रशासन द्वारा ही तैयारी किये जाने की बात भी अब सामने आ रही है, आयोजन शासकीय होगा या निजी यह समझ से परे है। हलांकि जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार भोजन व्यवस्था हेतु संबंधित केटरर को एडवांस विधायक के माध्यम से ही दिया गया है।
अब होने लगी आवभगत
आयोजन को पूर्ण रूप से राजनैतिक रंग दिया जा रहा है,वे कार्यकर्ता जरूर पूछे जा रहे हैं जो कि इन दिनो विधायक अंबिका सिंहदेव से काफी दूर हैं। अपने चार वर्ष के कार्यकाल में विधायक द्वारा जिन कार्यकर्ताओ को टारगेट किया गया या किसी न किसी प्रकार से दूर रखा गया उनकी उपेक्षा की गई, पद छीन लिया गया या पद नही देने दिया गया ऐसे सभी कार्यकर्ताओ की अब पूछ परख बढ गई है। कार्यकर्ताओ को स्वयं विधायक द्वारा काल करके कार्यक्रम में बुलाया जा रहा है। अब कार्यकर्ता भी है करे तो करे क्या,आखिर प्रदेश के मुखिया के आगमन पर सेल्फी लेने का मौका आखिर कैसे गंवाना चाहेंगे और इसलिए वे भी लगातार उपेक्षा के बावजूद कार्यक्रम में जरूर शामिल होगे। हलांकि अचानक पूछ परख और आवभगत देख कई कार्यकर्ता आश्चर्यचकित भी है।
कार्यक्रम से संगठन की दूरी
स्व.कुमार साहब के जन्मदिवस पर इसकी तैयारी विधायक एवं उनके कुछ चुनिंदा सिपहसलारो द्वारा ही की जा रही है,प्रशासन से भी सहयोग लिया जा रहा है,लेकिन अभी तक संगठन की ओर से इस बारे में कोई अधिकृत बयान सामने नही आया है। हलाकि बेहद शांत और सुलझे हुये जिलाध्यक्ष भी विधायक के किसी भी निर्णय और आयोजन पर सवाल कर सके या कुछ जानकारी लें सके यह उनके बस में नही है। संगठन के अन्य कोई पदाधिकारी इस कार्यक्रम में अभी तक रूचि नही दिखा रहे हैं।
पति ने किया था राजनीति से सन्यास का आह्वान
बीते दिनो विधायक अंबिका सिंहदेव के पति अमिताबो घोष ने विदेशी धरती से पत्नी के बारे में सिलसिलेवार पोस्ट किया था,हर पोस्ट में कई बाते लिखी गई, राजनीति छोड़ने का आह्वान किया गया,विधायक द्वारा मारपीट से लेकर राजनीति के माध्यम से कमाई और मुद्वे को अंबिका सिंहदेव द्वारा राजनैतिक मुद्वा बनाने तक की बात भी लिखी गई । यहां तक लिखा गया कि काका साहब भी स्वयं नही चाहते थे कि उनके परिवार का कोई सदस्य राजनीति के मैदान में आये,पति अमिताबो घोष ने एक अंतिम पोस्ट भी किया जिसमे सीधा लिखा गया कि या तो अंबिका जी राजनीति चुने या मुझे सीधा सीधा यह भी लिखा गया। हलांकि उनके द्वारा पूर्व के सोशल मीडिया पोस्ट में 10 फरवरी का एक समय भी दिया गया है,देखना होगा कि 10 फरवरी तक उनका अगला कदम क्या होता है। तो वहीं अंतिम पोस्ट के बाद अंबिका सिंहदेव ने वन विभाग के रेस्ट हाउस में एक आयोजन के माध्यम से अपने खास लोगो को भोजन कराते हुए सीधे शब्दों में कह दिया कि वे किसी प्रकार भ्रम में न रहे वे कही नही जा रही है। मतलब साफ है कि वे आने वाले समय में राजनीति ही करेंगी।
क्या परिवार से दूर रहकर राजनीति ही करेंगी अंबिका सिंहदेव
स्व.कुमार साहब के जन्मदिवस पर शक्ति प्रदर्शन के तहत किये जा रहे उक्त आयोजन को लेकर राजनैतिक दृष्टि से काफी अहम मान रहे हैं,उनके पति द्वारा किये गये पोस्ट से लोग यह कयास लगा रहे थे कि शायद वह पति की बात मानें अपने परिवार के लिए बच्चो के लिए राजनीति त्याग कर वापिस जायें लेकिन उनकी तैयारी देखकर लोग अब मान रहे हैं कि वे राजनीति के ही क्षेत्र में रहकर काम करना चाह रही हैं। पहले काका का सपना पूरा करने का भरोसा दिलाया गया और कोरिया के विखंडन के बाद परिवार मे पति से विवाद होने पर भी राजनीतिक क्षेत्र में सक्रियता यह बतला रही है भविष्य में उनके द्वारा चुनावी समय में इसमें भी सहानुभूति बटोरने का प्रयास करें। उम्मीद है कि परिवार से दूर रहकर इसे भी चुनावी हथियार बनाया जा सकता है।
आयोजन मात्र शक्ति प्रदर्शन का माध्यम
यह आयोजन सिर्फ और सिर्फ शक्ति प्रदर्शन का माध्यम माना जा रहा है,खोई हुई जमीन वापिस करने का यह प्रयास कितना कारगार साबित होगा यह तो भविष्य के गर्त में है लेकिन इतना जरूर है कि विधायक अंबिका सिंहदेव अब राजनीति के मैदान में पूरी तरह डट चुकी हैं,पार्टी में ही उनके विरोधियों की संख्या कम नही है लेकिन विरोधी भी उनके आगे दबे रहने में ही भलाई समझते हैं आज कांग्रेसी नेताओं की विधायक से दूरी जगजाहिर है लेकिन मौका पड़ने पर वे विधायक के कार्यक्रम मे शामिल भी होते है उनके इर्द गिर्द दिखलाई भी देते हैं।


Share

Check Also

रायपुर@ भारतमाला प्रोजेक्ट को लेकर डॉ महंत ने गडकरी को लिखी चिट्ठी

Share ्र> सीबीआई जांच की मांग भी की… परियोजना में करोड़ों के भ्रष्टाचार का लगाया …

Leave a Reply