3200 किमी की यात्रा करेगा तय
नई दिल्ली 13 जनवरी, 2023 (ए)। दुनिया के सबसे लंबे क्रूज एमवी गंगा विलास आज अपने पहले सफर पर रवाना हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एमवी गंगा विलास रिवर क्रूज को हरी झंडी दिखाई है। यह क्रूज अपने आप में ही चलता फिरता लग्जरी होटल जैसा है।
पहले सफर पररवाना हुए 32 यात्री
गंगा विलास क्रूज की सैर लगभग 51 दिन की होगी, जिसमें करीब 3200 किलोमीटर का सफर तय किया जाएगा। क्रूज के पहले सफर पर 32 यात्री रवाना हुए हैं। ये यात्रा स्विट्जरलैंड के हैं। क्रूज में सवार यात्रियों को 50 पर्यटन स्थलों के साथ ही 27 अलग-अलग नदी प्रणालियों की सैर करने को मिलेगी। गंगा विलास क्रूज यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के साथ ही अपने आप में एक पर्यटन माध्यम की तरह है।
क्रूज कई लग्जरी सुविधाओं से लैस है और गंगा विलास क्रूज में कोई भी सफर का लुत्फ उठा सकता है। अगर आप दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज की यात्रा करना चाहते हैं तो यहां एमवी गंगा विलास क्रूज के बारे में सभी जानकारी दी जा रही हैं। गंगा विलास क्रूज का टिकट कितने का है? क्रूज पर सफर के लिए टिकट बुकिंग का क्या प्रक्रिया है? गंगा विलास क्रूज में क्या सुविधाएं मिलेंगी और क्रूज अंदर से देखने में कैसा है? गंगा विलास क्रूज का सफर कहां से शुरू होगा और कहां खत्म होगा?
एमवी गंगा विलास का रूट
गंगा विलास रिवर क्रूज का सफर कोलकाता से शुरू हुआ है। पिछले महीने कोलकाता से क्रूज रवाना हुआ था, जो कि 13 जनवरी को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रामनगर पोर्ट पहुंचा है। यहां से बांग्लादेश के रास्ते असम के डिब्रूगढ़ तक का सफर करेगा। क्रूज अपने गंतव्य तक 1 मार्च 2023 तक पहुंच सकता है।
इन जगहों की सैर कराएगा गंगा विलास क्रूज
क्रूज अपने गंतव्य तक पहुंचने में लगभग 2 महीने यानी 51 दिन का समय लेगा, जिसमें 50 पर्यटन स्थलों को कवर किया जाएगा। यात्रियों को भारत से बांग्लादेश तक 27 नदियों से गुजरना होगा। इस दौरान पर्यटक कई विश्व धरोहर स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानों, नदी घाटों को घूम सकेंगे। उन्हें बिहार में पटना, झारखंड में साहिबगंज, पश्चिम बंगाल में कोलकाता, बांग्लादेश में ढाका और असम में गुवाहाटी शहर घूमने का मौका मिलेगा।
इन धार्मिक स्थलों की सैर कर सकेंगे गंगा विलास के यात्री
एमवी गंगा विलास से यात्रा कर रहे लोग कई ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक जगहों को भी घूम पाएंगे। वाराणसी में गंगा आरती, सारनाथ के दर्शन करने का मौका मिलेगा। मायोंग को घूमते हुए सबसे बड़ी नदी द्वीप माजुली की भी कवर कर पाएंगे। बिहार के स्कूल ऑफ योगा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय को देखने का भी मौका दिया जाएगा।
गंगा विलास क्रूज में मिलेंगी ये सुविधाएं
एमवी गंगा विलास क्रूज फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाओं से लैश है। इसमें 36 यात्रियों के सफर करने की क्षमता है। इस अल्ट्रा मॉर्डन फैसिलिटी क्रूज में 18 लग्जरी सुइट्स हैं। स्पा, सैलून, आयुर्वेदिक मसाज, लग्जरी लाउंज, डायनिंग एरिया स्विमिंग पूल की सुविधा मिलेगी। लंच और डिनर के लिए कई तरह के व्यंजनों का इंतजाम रहेगा। लाइब्रेरी और जिम की सुविधाओं के साथ ही करीब 40 क्रू मेंबर यात्रियों की सेवा में रहेंगे।
गंगा विलास क्रूज का किराया
दुनिया का सबसे लंबा रिवर क्रूज भारत में है, जिसका नाम एमवी गंगा विलास है। इस रिवर क्रूज में सफर के लिए यात्रियों को एक दिन में 25 हजार रुपये खर्च करने होंगे। भारतीय और विदेशी यात्रियों के लिए गंगा विलास रिवर क्रूज में सफर का किराया एक समान ही है। यह क्रूज 51 दिन की यात्रा पर निकला है, जिसका टिकट लगभग साढ़े 12 लाख रुपये का मिलेगा।
क्रूज में एक दिन के सफर का टिकट 24,692.25 रुपये है।
क्रूज पर 51 दिनों का फुल पैकेज टिकट 12.59 लाख रुपये है।
कहां से बुक कर सकते हैं गंगा विलास क्रूज का टिकट?
अगर आप भी एमवी गंगा विलास क्रूज से सैर करना चाहते हैं तो ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा है। अंतरा लक्ज़री रिवर क्रूज की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर गंगा विलास क्रूज का टिकट बुक कर सकते हैं।
